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30 दिगंबर पीछियों के साथ पहुंचे विराग सागर
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मैनपुरी। गणाचार्य विराग सागर का नगर में बृहस्पतिवार को पहली बार 30 दिगंबर पिच्छियों के साथ आगमन हुआ। जगह-जगह पाद प्रक्षालन करके आरती उतारी गई। चित्र अनावरण आरके जैन एटा तथा दीप प्रज्वलन बड़े जैन मंदिर कमेटी के सदस्यों द्वारा किया गया।
बड़े जैन मंदिर में प्रवचन करते हुए विराग सागर महाराज ने कहा कि नदी निरंतर बहती रहती है। रास्ते में अनेक लोगों की प्यास बुझाती है। शीतलता देती है। दिगंबर जैन मुनि के कोई आश्रम नहीं होते। उनके कोई मठ और गुरुकुल नहीं होते। विराग सागर महाराज ने कहा कि बहता पानी स्वच्छ एवं शुद्ध होता है। ठहरा हुआ पानी शुद्ध नहीं होता। तालाब का पानी कोई पीना पसंद नहीं करता है। मुनि जन बहते पानी की तरह होते हैं। जहां साधुओं का समागम नहीं होता है वहां एकदम रूखापन महसूस होता है। दिगंबर संत कुछ देते नहीं और उनके पास देने को कुछ है भी नहीं। लेकिन जहां जाते हैं वहां के समाज को संस्कारों से भर देते हैं। पाद प्रक्षालन राहुल जैन, अनंत कुमार जैन, गौरव जैन, विशाल जैन जॉली ने तथा शास्त्र भेंट रमेश चंद्र, आदेश जैन द्वारा किया गया।
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कुरावली में हुआ स्वागत
कुरावली में ससंघ पहुंचने पर जैन मुनि विराग सागर महाराज का जैन समुदाय के लोगों द्वारा स्वागत किया गया। जैन मुनि द्वारा शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में प्रवचन दिए। इस अवसर पर सुधांशु जैन, बब्बन जैन, जीवन कांत जैन, सुनील जैन, उमेश चंद्र जैन, संजय जैन, जोली जैन, अंकुर जैन, ऋषभ जैन, राजीव जैन आदि मौजूद रहे।
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बड़े जैन मंदिर में प्रवचन करते हुए विराग सागर महाराज ने कहा कि नदी निरंतर बहती रहती है। रास्ते में अनेक लोगों की प्यास बुझाती है। शीतलता देती है। दिगंबर जैन मुनि के कोई आश्रम नहीं होते। उनके कोई मठ और गुरुकुल नहीं होते। विराग सागर महाराज ने कहा कि बहता पानी स्वच्छ एवं शुद्ध होता है। ठहरा हुआ पानी शुद्ध नहीं होता। तालाब का पानी कोई पीना पसंद नहीं करता है। मुनि जन बहते पानी की तरह होते हैं। जहां साधुओं का समागम नहीं होता है वहां एकदम रूखापन महसूस होता है। दिगंबर संत कुछ देते नहीं और उनके पास देने को कुछ है भी नहीं। लेकिन जहां जाते हैं वहां के समाज को संस्कारों से भर देते हैं। पाद प्रक्षालन राहुल जैन, अनंत कुमार जैन, गौरव जैन, विशाल जैन जॉली ने तथा शास्त्र भेंट रमेश चंद्र, आदेश जैन द्वारा किया गया।
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कुरावली में हुआ स्वागत
कुरावली में ससंघ पहुंचने पर जैन मुनि विराग सागर महाराज का जैन समुदाय के लोगों द्वारा स्वागत किया गया। जैन मुनि द्वारा शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में प्रवचन दिए। इस अवसर पर सुधांशु जैन, बब्बन जैन, जीवन कांत जैन, सुनील जैन, उमेश चंद्र जैन, संजय जैन, जोली जैन, अंकुर जैन, ऋषभ जैन, राजीव जैन आदि मौजूद रहे।
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