बाह। यमुना, चंबल और उटंगन के बीहड़ के बीच बसी बाह तहसील के 350 रणबांकुरों ने 1971 की जंग में पाकिस्तान को धूल चटाई थी। जसकरन सिंह, ऊधम सिंह, राजबहादुर सिंह ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। मंगलवार को स्कूल, कॉलेजों में बाह क्षेत्र के वीर सपूतों की गौरव गाथा गूंजी, सर्वोच्च बलिदान करने वालों को नमन किया गया। मंगदपुर के जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका रीता भदौरिया, ममता श्रीवास्तव ने विजय दिवस की गौरव गाथा सुनाई। पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। बाह के जूनियर हाईस्कूल में भी उत्सव मनाया गया। इस दौरान रतन सिंह, अशोक कुमार, किरन, सविता, रेनू राठौर आदि ने विजय दिवस से जुड़े प्रेरक प्रसंग छात्र-छात्राओं के बीच रखे। पूर्व सैनिक सेवा संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले वीर सपूतों की बहादुरी को सलाम किया। मौके पर उपेंद्र भदौरिया, आनंद निर्मल, उमेश सिसौदिया, सुनील कुमार, डॉ. मानवेंद्र सिंह, आकाश जादौन, पुलकित भदौरिया, शत्रुघ्न भदौरिया, अखिल प्रताप सिंह, सपन जैन, राजेंद्र प्रसाद दुबे आदि रहे। संवाद