फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   VIDHANSABHA COMMITTEE

भूमाफिया से एक महीने में खाली कराओ 288 बीघा जमीन

Thu, 04 Feb 2021 01:38 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 01:38 AM IST
विज्ञापन
VIDHANSABHA COMMITTEE
सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक करते विधानसभा आश्वासन समिति के सदस्य। - फोटो : Agra City
आगरा। विधानसभा आश्वासन समिति के सभापति श्याम सुंदर शर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस में वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण नहीं होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। 17 साल पुराने अरसेना के मामले में डीएम को एक महीने में भूमाफिया के कब्जे से 288 बीघा जमीन खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

सिकंदरा थाना क्षेत्र के अरसेना गांव में भूमाफिया ने कूटरचित दस्तावेजों से किसानों की 288 बीघा जमीन हड़प ली। 2004 में तत्कालीन विधायक डॉ. रामबाबू हरित ने विधानसभा में प्रश्न उठाया। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कार्यवाही 17 साल से फाइलों में बंद है। बुधवार को आश्वासन समिति के सभापति ने इस मामले में डीएम प्रभु एन सिंह से जवाब-तलब किया। डीएम ने उन्हें बताया मामला कि एसडीएम कोर्ट में लंबित है। जल्द इसका निस्तारण किया जाएगा। इस पर सभापति ने डीएम को एक महीने में भूमाफिया के कब्जे से जमीन खाली कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

वहीं 1999 में तत्कालीन विधायक केशो मेहरा ने ताजमहल की परिधि में हरित पट्टिका के लिए अधिग्रहीत भूमि के बदले प्रतिकर भुगतान नहीं होने का सवाल पूछा था, इस मामले में डीएम ने सभापति को बताया कि प्रतिकर भुगतान प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

लेखपाल जा चुका जेल, चल रही है जांच
किरावली तहसील के अरसेना गांव चकबंदी में फर्जीवाड़ा हुआ था। 288 बीघा जमीन पर गलत लोगों के नाम दर्ज हो गए। लेखपाल ने भूमाफिया का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया। 2004 में मामला विधानसभा में उठने के बाद अपर आयुक्त की जांच में लेखपाल समेत चार दोषी मिले। लेखपाल को जेल जाना पड़ा। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि एसडीएम कोर्ट में ये मामला चल रहा है। इसे जल्दी-जल्दी तारीखें लगाकर निस्तारित किया जाएगा। कोर्ट जो निर्णय करेगी उसके आधार पर कार्रवाई करेंगे।
फर्जीवाड़ा: बिना अनुमति लगा दिए पांच हजार हैंडपंप
2012-13 में टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट) के लिए आवंटित बजट से जल निगम ने पांच हजार हैंडपंप लगा दिए। इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। शासन से हैंडपंप लगाने की अनुमति भी नहीं ली गई। इस मामले में जल निगम के अभियंताओं के विरुद्ध चार्जशीट लग चुकी है। सभापति ने इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य अभियंता को दिए हैं।
135 प्रश्नों का आश्वासन अधूरा
आश्वासन समिति ने सर्किट हाउस में 135 प्रश्नगत शिकायतों की समीक्षा की। इनमें सबसे ज्यादा 25 सवाल पूर्व विधायक जगन प्रसाद गर्ग, एसएन से संबंधित 18 सवाल फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा के, नगर विकास से संबंधित 21 आश्वासन, राजस्व विभाग के चार व अन्य मामले शामिल थे।

समिति में ये रहे मौजूद
आश्वासन समिति में सभापति श्यामसुंदर शर्मा, राम खेरल पांडेय, सुभाष त्रिपाठी, बैजनाथ रावत, सुनील कुमार शाक्य, राजीव कुमार सिंह आदि सदस्य मौजूद रहे। मनीष असीजा, विक्रम सिंह और बलवीर सिंह नहीं आए। समीक्षा में डीएम प्रभु एन सिंह, एसएसपी बबलू कुमार, सीडीओ जे रीभा, एडीएम निधि श्रीवास्तव, नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, जल निगम व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed