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सावधान! तेजाब और रंग से धोई जा रही हैं सब्जियां, खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

Fri, 09 Aug 2019 12:10 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 09 Aug 2019 12:10 AM IST
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vegetables being washed with acid and color
प्रतीकात्मक तस्वीर
चमकती अरबी-अदरक और गहरा हरा परमल-मटर। सब्जियों का रंग-रूप देखकर खरीददारी कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ये रंग और तेजाब में धुली हुई सब्जियां हो सकती हैं। खराब गुणवत्ता की सब्जियों की बिक्री के लिए विक्रेता यह कारस्तानी कर रहे हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में यह खेल पकड़ में आया है।
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एफएसडीए की लैब में मटर और अदरक के नमूने फेल हुए हैं। मटर में सिंथेटिक हरा रंग और अदरक में तेजाब मिला है। अधिकारियों को परमल, मटर, टिंडा, भिंडी, खीरे में भी हरा रंग लगाने की आशंका है। अरबी और सिंघाड़े को तेजाबयुक्त पानी में धोकर इसे उजला और चमकदार बनाकर बिक्री की आशंका है। इससे गली-सड़ी सब्जी नजरों से बच जाती है। 
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सेब को अच्छी गुणवत्ता का दिखाने के लिए उसे मोम और मोबीऑयल लगाया जा रहा है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य ने बताया कि सब्जियों को ताजा और चमकदार दिखाने के लिए रंग और तेजाबयुक्त पानी से धोते हैं। इनकी पकड़ के लिए छापामार कार्रवाई कर नमूने भी लिए जा रहे हैं। 
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ऐसे कर सकते हैं पहचान

- सब्जी चमकदार, उजली, दाग-धब्बे रहित नजर आएगी।
- सब्जी का छिलका न के बराबर होगा।
- सेब को चाकू से खुरचें तो उसमें मोम एकत्रित हो जाएगा। 
- मोबीऑयल लगा सेब चिकना होगा।
- हाथ गीला कर सब्जी को रगड़ने पर रंग छूटने लगेगा। 

पेट में अल्सर का सबसे ज्यादा खतरा

केमिकल युक्त और सिंथेटिक रंग लगी सब्जी के उपयोग से सबसे ज्यादा पेट जनित बीमारियों का खतरा रहता है। फिजीशियन डॉ. विवेक अग्रवाल बताते हैं कि कई ऐसी सब्जी रहती हैं, जिनका छिलका नहीं छीला जाता, सिर्फ धोकर ही पकाई जाती हैं।

इससे केमिकल और रंग पूरी तरह से साफ नहीं होते। इस तरह की सब्जी से पेट में अल्सर और गैस बनने की समस्या होती है। लंबे समय तक इनका उपयोग करने से नर्वस सिस्टम प्रभावित होने का खतरा रहता है। किडनी, लिवर में संक्रमण भी हो सकता है। 
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