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‘वेलेंटाइन डे नहीं जनाब, ताज डे कहिये’
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sun, 15 Feb 2015 02:11 AM IST
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वो डेढ़ मिनट...न तुम मुख्यमंत्री और न मैं सांसद। इस पल मैं सिर्फ तुम्हारी डिंपल और तुम मेरे अखिलेश। बस...कुछ पल यही पहचान रहने दो हमारी। ठहर जाने दो इस पल को। बह जाने दो प्यार में लिपटी मदमस्त इन हवाओं के झोके को। महसूस करने दो इन बेजान पत्थरों में सिमटी बेपनाह मोहब्बत को। न तुम कुछ कहो और न मैं कुछ सुनूं। मगर, दिल ही दिल में आज हो जाने दो वो सारी बातें, जिन्हें मैं सुनने के लिए कब से इंतजार कर रही हूं। आज तो मौका भी है...वेलेंटाइन डे। अगर, तुम्हें हिचकिचाहट हो रही हो ताजमहल से पूछकर देखो कैसी थी मुमताज महल...शाहजहां का तोहफा बनकर पत्थर-पत्थर बोलेगा। और तुम हो कि बस मुस्कुरा कर ही जा रहे हो। पर, कोई बात नहीं। ताज के साये में तुम्हारे साथ बिताए यह डेढ़ मिनट मुझे ताउम्र याद रहेंगे। क्योंकि मुझे पता है कि इस लवर्स सीट से उठते ही तुम मुख्यमंत्री और मैं फिर से सांसद के किरदार में आ जाऊंगी।
शनिवार दोपहर लगभग सवा ग्यारह बजे ताजखेमा स्थित ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर सांसद डिंपल यादव ने मन ही मन कुछ ऐसा ही सोचा होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी बहुत कुछ कहना चाह रहे होंगे अपनी पत्नी डिंपल से। मगर, प्रोटोकॉल की बेड़ियों ने दोनों के जज्बात को इस कदर बांध दिया था कि सिवाय चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेरने के वह एक-दूसरे से कुछ बोल भी नहीं पाए। ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर दोनों ने डेढ़ मिनट तक फोटो खिंचवाए। वेलेंटाइन डे पर इस सीट से उठने के बाद जमाने के तानों की परवाह आम प्रेमियों की तरह से मुख्यमंत्री अखिलेश को भी थी। सो, यहां से उठकर ताज नेचर वॉक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सफाई भी दे डाली। बोले, ‘ताजखेमा में यह सीट हमने अपने लिए नहीं लगवाई है, यह बेंच इसलिए कि इससे ताजखेमा चलने लगेगा। लोग यहां आएं घूमें-फिरें और यहां बैठकर फोटो खिंचवाएं। वह तो ताजखेमा को प्रमोट करने के लिए इस सीट बैठे थे।’ इतना ही नहीं, अपनी सफाई में उन्होंने यहां तक कहा कि आज सफेद ताजमहल के साये में काला ताजमहल अनोखी छटा बिखेर रहा है इसलिए आज ‘वेलेंटाइन डे’ नहीं बल्कि ‘ताज डे’ है। बहराल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने अपने बेटे के साथ ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर खूब एंज्वॉय किया।
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शनिवार दोपहर लगभग सवा ग्यारह बजे ताजखेमा स्थित ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर सांसद डिंपल यादव ने मन ही मन कुछ ऐसा ही सोचा होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी बहुत कुछ कहना चाह रहे होंगे अपनी पत्नी डिंपल से। मगर, प्रोटोकॉल की बेड़ियों ने दोनों के जज्बात को इस कदर बांध दिया था कि सिवाय चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेरने के वह एक-दूसरे से कुछ बोल भी नहीं पाए। ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर दोनों ने डेढ़ मिनट तक फोटो खिंचवाए। वेलेंटाइन डे पर इस सीट से उठने के बाद जमाने के तानों की परवाह आम प्रेमियों की तरह से मुख्यमंत्री अखिलेश को भी थी। सो, यहां से उठकर ताज नेचर वॉक पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सफाई भी दे डाली। बोले, ‘ताजखेमा में यह सीट हमने अपने लिए नहीं लगवाई है, यह बेंच इसलिए कि इससे ताजखेमा चलने लगेगा। लोग यहां आएं घूमें-फिरें और यहां बैठकर फोटो खिंचवाएं। वह तो ताजखेमा को प्रमोट करने के लिए इस सीट बैठे थे।’ इतना ही नहीं, अपनी सफाई में उन्होंने यहां तक कहा कि आज सफेद ताजमहल के साये में काला ताजमहल अनोखी छटा बिखेर रहा है इसलिए आज ‘वेलेंटाइन डे’ नहीं बल्कि ‘ताज डे’ है। बहराल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने अपने बेटे के साथ ‘लवर्स सीट’ पर बैठकर खूब एंज्वॉय किया।
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