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यूपी बोर्ड: आगरा में 500 साल पुराने विद्यालय को बनाया परीक्षा केंद्र, चहारदीवारी तक नहीं
Wed, 17 Feb 2021 12:35 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:35 PM IST
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कन्हीराम बाबूराम हायर सेकेंडरी स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए एक ऐसे विद्यालय को भी केंद्र बनाया गया है, जिसमें चहारदीवारी तक नहीं है। मोतीगंज स्थित विद्यालय 500 साल पुराना है। नाम है कन्हीराम बाबूराम हायर सेकेंडरी स्कूल। मुगलों के दौर में इसमें दारा शिकोह की लाइब्रेरी थी। इसकी खिड़कियां आसपास के घरों की ओर खुलती है। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने डीआईओएस को पत्र लिखकर कहा है कि विद्यालय की स्थिति परीक्षा कराने लायक नहीं है। यहां कैमरे भी नहीं लगे हैं।
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विद्यालय को 820 परीक्षार्थियों का केंद्र बनाया गया है। भवन के चारों ओर खाद्य मंडी की खुली छतें हैं। प्रधानाचार्य डॉ. रचना शर्मा का कहना है कि उनका विद्यालय परीक्षा केंद्र के मानक पूरे नहीं करता है। यहां संसाधन कम हैं। इसे परीक्षा केंद्र बनाया जाना ठीक नहीं है। वह आपत्ति दर्ज करा चुकी हैं। बंदरों का भी आतंक है। प्रधानाचार्य परिषद के जिलामंत्री डॉ. राम औतार ने बताया कि समस्या से जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत करा दिया गया है।
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डाटा के आधार पर बनाए गए केंद्र
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालयों की ओर से भरे गए डाटा के आधार पर परीक्षा का केंद्र निर्धारण बोर्ड स्तर से किया गया है। जो एडेड विद्यालय केंद्र बनाए गए हैं, उनको हटाया नहीं गया है। केंद्रों पर जो भी छोटी-मोटी कमियां हैं, उनको दूर कराया जाएगा। जो विद्यालय केंद्र नहीं बना, उससे डाटा भरने में कोई गलती हुई होगी।
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रुक्मणी देवी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
बिजली कनेक्शन है नहीं, केंद्र बना दिया
इसी तरह का एक और मामला रुक्मणी देवी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, पन्नी गली का है। इस बार इसे केंद्र बनाया गया है। यह गत करीब 25 वर्षों से केंद्र नहीं बन रहा था। पहली सूची जारी होने के बाद प्रधानाचार्य की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। केंद्र हटाया नहीं गया। प्रधानाचार्य के मुताबिक विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ठीक नहीं है। विद्यालय में पर्याप्त फर्नीचर, बिजली कनेक्शन नहीं है। सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। विद्यालय के पीछे की ओर से चहारदीवारी टूटी हुई है।
बाह में एडेड विद्यालय नहीं बना केंद्र
भदावर विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बाह एडेड विद्यालय होने के बाद भी केंद्र नहीं है। यहां के प्रधानाचार्य के मुताबिक विद्यालय में एक पाली में 300 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। ब्लाक में वित्त विहीन विद्यालय केंद्र बने हैं।
इसी तरह का एक और मामला रुक्मणी देवी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, पन्नी गली का है। इस बार इसे केंद्र बनाया गया है। यह गत करीब 25 वर्षों से केंद्र नहीं बन रहा था। पहली सूची जारी होने के बाद प्रधानाचार्य की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। केंद्र हटाया नहीं गया। प्रधानाचार्य के मुताबिक विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ठीक नहीं है। विद्यालय में पर्याप्त फर्नीचर, बिजली कनेक्शन नहीं है। सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। विद्यालय के पीछे की ओर से चहारदीवारी टूटी हुई है।
बाह में एडेड विद्यालय नहीं बना केंद्र
भदावर विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बाह एडेड विद्यालय होने के बाद भी केंद्र नहीं है। यहां के प्रधानाचार्य के मुताबिक विद्यालय में एक पाली में 300 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। ब्लाक में वित्त विहीन विद्यालय केंद्र बने हैं।