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कहीं आगरा से तो नहीं है कानपुर से गिरफ्तार आतंकी का कनेक्शन, जांच में जुटी एटीएस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:33 AM IST
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कमर उज जमां उर्फ डॉ. हुरैरा उर्फ कमरुद्दीन
- फोटो : amar ujala
कानपुर में पकडे़ गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमा उर्फ डॉ. हुरैरा उर्फ करीम का आगरा कनेक्शन तलाशा जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड को दी गई है। उसके दो साथी फरार बताए गए हैं। उनको पूरे प्रदेश में तलाश किया जा रहा है।
कमरुज्जमा का आगरा से कनेक्शन होने की आशंका इसलिए है, क्योंकि ताजनगरी आतंकियों के निशाने पर रही है। आतंकियों ने कई बार ताज की रेकी कराई है। इस कारण कमरुज्जमा के बारे में पूरी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि वो बड़ी साजिश रच चुका था। मालूम किया जा रहा है कि उसकी साजिश का कोई तार आगरा से तो नहीं जुड़ा है। इसकी दूसरी वजह यह है कि आगरा में सिमी का नेटवर्क भी लंबे समय सक्रिय रहा है।
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कमरुज्जमा का आगरा से कनेक्शन होने की आशंका इसलिए है, क्योंकि ताजनगरी आतंकियों के निशाने पर रही है। आतंकियों ने कई बार ताज की रेकी कराई है। इस कारण कमरुज्जमा के बारे में पूरी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि वो बड़ी साजिश रच चुका था। मालूम किया जा रहा है कि उसकी साजिश का कोई तार आगरा से तो नहीं जुड़ा है। इसकी दूसरी वजह यह है कि आगरा में सिमी का नेटवर्क भी लंबे समय सक्रिय रहा है।
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लापता चल रहे हैं 25 पाकिस्तानी
आगरा जोन से 25 पाकिस्तानी लंबे समय से लापता चल रहे हैं। इनकी तलाश अभी तक जारी है। समय समय पर शासन से आदेश जारी किया जाता है, लेकिन इनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इन्हें लापता हुए 25 साल हो चुके हैं। आगरा आए थे, लेकिन पाकिस्तान नहीं लौटे। न ही इनका कुछ पता चला।
यमुना पार में बंग्लादेशी नागरिक लंबे समय से रह रहे हैं। इनके आधार कार्ड तक बन चुके हैं। पिछले साल एनआईए ने जब फातिमा उर्फ लीची को पकड़ा तो उसका पासपोर्ट भी मिला था। वो भी बंगलादेश की मूल नागरिक है।
यमुना पार में बंग्लादेशी नागरिक लंबे समय से रह रहे हैं। इनके आधार कार्ड तक बन चुके हैं। पिछले साल एनआईए ने जब फातिमा उर्फ लीची को पकड़ा तो उसका पासपोर्ट भी मिला था। वो भी बंगलादेश की मूल नागरिक है।
जुड़ते रहे हैं तार
- 2017 में एत्माद्दौला के सतीनगर से एनआईए ने बंग्लादेशी महिला फातिमा उर्फ लीची को गिरफ्तार किया। वो जाली करेंसी का रैकेट चलाती थी।
- वर्ष 2017 में लखनऊ में पकड़े गए आतंकी सलीम का आगरा से रिश्ता मिला। वह यहां पढ़ा था।
- वर्ष 2016 सहारनपुर में पकड़े गए आतंकी एजाज शेख का आगरा से कनेक्शन जुड़ा। वह ताजमहल की रेकी करके गया था।
- मई 2013 में आईएम के आतंकी तहसीन अख्तर और शाकिर आगरा के बालूगंज के एक होटल में रुके थे।
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