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मथुरा में बकरी के दूध से बनेंगे उत्पाद, केंद्रीय मंत्री ने किया देश के पहले प्लांट का शुभारंभ
Tue, 14 Jan 2020 10:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 14 Jan 2020 10:26 AM IST
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ऑटोमेटिक मिल्क प्लांट का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को वेटनरी विश्वविद्यालय के डेयरी फॉर्म पर ऑटोमेटिक मिल्क प्लांट का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्लांट है, जिसमें बकरी के दूध से उत्पाद बनेंगे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बकरी, मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंटीग्रेटेड फार्मिंग को लेकर मंत्री ने कहा कि इसका एक मॉडल बरेली में बनाया गया है। दूसरा मॉडल मथुरा में बन रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका संकल्प है कि वर्ष 2020-21 तक दो जानवरों से किसान की आय तीन लाख वार्षिक हो जाए। इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज यूपी की सबसे बड़ी समस्या है बेसहारा पशु है।
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इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बकरी, मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंटीग्रेटेड फार्मिंग को लेकर मंत्री ने कहा कि इसका एक मॉडल बरेली में बनाया गया है। दूसरा मॉडल मथुरा में बन रहा है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका संकल्प है कि वर्ष 2020-21 तक दो जानवरों से किसान की आय तीन लाख वार्षिक हो जाए। इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज यूपी की सबसे बड़ी समस्या है बेसहारा पशु है।
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दो दिवसीय दौरे पर आए हैं मथुरा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को मथुरा आए थे। उन्होंने बरसाना के गांव चिकसौली स्थित माताजी गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने गो पालकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आने वाला कल उनके लिए उज्ज्वल है।
उन्होंने कहा कि किसान रासायनिक खाद का इस्तेमाल कर रहा है। यह चिंता का विषय है। इससे भले ही आज अधिक फसल दिखाई दे रही हो, परंतु कल बहुत खराब होगा। उन्होंने कहा कि हमारे यहां गोमूत्र महिमा है। गोबर में कुछ तत्व मिलाकर हम उसका अच्छा उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान रासायनिक खाद का इस्तेमाल कर रहा है। यह चिंता का विषय है। इससे भले ही आज अधिक फसल दिखाई दे रही हो, परंतु कल बहुत खराब होगा। उन्होंने कहा कि हमारे यहां गोमूत्र महिमा है। गोबर में कुछ तत्व मिलाकर हम उसका अच्छा उपयोग कर सकते हैं।