{"_id":"5e2581228ebc3e4ada3f044b","slug":"union-budget-2020-doctors-demand-budget-to-health-services","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Budget 2020: चिकित्सकों की मांग, जीडीपी का चार फीसदी बजट स्वास्थ्य सेवाओं को मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budget 2020: चिकित्सकों की मांग, जीडीपी का चार फीसदी बजट स्वास्थ्य सेवाओं को मिले
Mon, 20 Jan 2020 07:35 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 20 Jan 2020 07:35 PM IST
विज्ञापन
doctor
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजट की कमी के कारण ही स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। आगरा के चिकित्सकों का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जीडीपी का कम से कम चार फीसदी बजट चिकित्सा क्षेत्र को आवंटित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री बजट में आवंटन बढ़ाएं तो देहात समेत चिकित्सकीय सेवाओं में अपेक्षित सुधार दिखेगा।
निजी चिकित्सकों का कहना है कि देहात में स्पेशियलिटी सेंटर खोलने के लिए सरकार उनको रियायत दे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञों, उपकरणों की कमी है, बजट बढ़ेगा तो ये कमियां दूर होंगी। चिकित्सकों की वेतन वृद्धि, उनकी सुरक्षा के लिए भी बजट बढ़ाया जाना चाहिए। उपकरण और मशीनों के रखरखाव के लिए संबंधित कंपनी से दस साल के लिए समझौता होना चाहिए।
विज्ञापन
- आगरा जिले में 184 चिकित्सकों की कमी
- 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 02 जिला अस्पताल (महिला-पुरुष)
- 01 मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन
निजी चिकित्सकों का कहना है कि देहात में स्पेशियलिटी सेंटर खोलने के लिए सरकार उनको रियायत दे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञों, उपकरणों की कमी है, बजट बढ़ेगा तो ये कमियां दूर होंगी। चिकित्सकों की वेतन वृद्धि, उनकी सुरक्षा के लिए भी बजट बढ़ाया जाना चाहिए। उपकरण और मशीनों के रखरखाव के लिए संबंधित कंपनी से दस साल के लिए समझौता होना चाहिए।
विज्ञापन
- आगरा जिले में 184 चिकित्सकों की कमी
- 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 02 जिला अस्पताल (महिला-पुरुष)
- 01 मेडिकल कॉलेज
1.7 फीसदी बजट अनुचित
आईएमए के अध्यक्ष डॉ आरएम पचौरी ने कहा कि सरकार को जीडीपी का तीन से चार फीसदी बजट स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। तभी देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। अभी हमारे देश का बजट 1.7 फीसदी ही है। इससे शहर-देहात में बेहतर सेवाएं देना संभव नहीं।
आयात शुल्क में छूट मिले
लेप्रोस्कॉपिक सर्जन डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाले उपकरण और मशीनों पर आयात शुल्क से छूट मिलनी चाहिए, इससे सस्ते उपकरण होंगे और जांच और ऑपरेशन की फीस भी कम होगी। सरकार को हर साल दो लाख रुपये करोड़ स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने चाहिए।
ऑडिट सख्त होना चाहिए
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवा, उपकरण समेत अन्य चिकित्सकीय संबंधी संसाधनों की मानीटरिंग और ऑडिट सख्त होने चाहिए। यह कार्य किसी दूसरी एजेंसी से कराएं, जिससे निष्पक्षता से निगरानी हो सके। कार्य के आधार पर आर्थिक-पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ आरएम पचौरी ने कहा कि सरकार को जीडीपी का तीन से चार फीसदी बजट स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। तभी देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। अभी हमारे देश का बजट 1.7 फीसदी ही है। इससे शहर-देहात में बेहतर सेवाएं देना संभव नहीं।
आयात शुल्क में छूट मिले
लेप्रोस्कॉपिक सर्जन डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाले उपकरण और मशीनों पर आयात शुल्क से छूट मिलनी चाहिए, इससे सस्ते उपकरण होंगे और जांच और ऑपरेशन की फीस भी कम होगी। सरकार को हर साल दो लाख रुपये करोड़ स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने चाहिए।
ऑडिट सख्त होना चाहिए
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवा, उपकरण समेत अन्य चिकित्सकीय संबंधी संसाधनों की मानीटरिंग और ऑडिट सख्त होने चाहिए। यह कार्य किसी दूसरी एजेंसी से कराएं, जिससे निष्पक्षता से निगरानी हो सके। कार्य के आधार पर आर्थिक-पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
बच्चों के लिए अलग बजट
आईएमए पूर्व सचिव डॉ ओपी यादव ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलना चाहिए। गर्भवती महिला के साथ गर्भस्थ शिशु को भी बीमा के दायरे में लाया जाए। जन्मजात विकृतियों वाले बच्चों के इलाज के लिए अलग बजट की व्यवस्था हो, जिससे इन बीमारियों के चलते इलाज के अभाव में नवजातों की मौत न हो।
गांवों के लिए अधिक वेतन मिले
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेएन टंडन ने गांवों में सेवाएं देने के लिए चिकित्सकों का आर्थिक और सुरक्षा के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट तय करना चाहिए। इससे गांवों में भी विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। सीएचसी-पीएचसी पर संसाधन विकसित किए जाएं, जिससे मरीज को शहर में आने की जरूरत नहीं पड़े।
होम्योपैथी-आयुर्वेद चिकित्सा के लिए बढ़े बजट
होम्योपैथिक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कैलाशचंद सारस्वत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए भी बजट बढ़ाया जाए। यह पैथी सस्ती और कारगर हैं। देहात और शहरों में इसके अस्पताल खोले जाएं, जिससे मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी। झोलाछाप के पास जाने से भी मरीज बचेंगे।
आईएमए पूर्व सचिव डॉ ओपी यादव ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलना चाहिए। गर्भवती महिला के साथ गर्भस्थ शिशु को भी बीमा के दायरे में लाया जाए। जन्मजात विकृतियों वाले बच्चों के इलाज के लिए अलग बजट की व्यवस्था हो, जिससे इन बीमारियों के चलते इलाज के अभाव में नवजातों की मौत न हो।
गांवों के लिए अधिक वेतन मिले
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेएन टंडन ने गांवों में सेवाएं देने के लिए चिकित्सकों का आर्थिक और सुरक्षा के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट तय करना चाहिए। इससे गांवों में भी विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। सीएचसी-पीएचसी पर संसाधन विकसित किए जाएं, जिससे मरीज को शहर में आने की जरूरत नहीं पड़े।
होम्योपैथी-आयुर्वेद चिकित्सा के लिए बढ़े बजट
होम्योपैथिक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कैलाशचंद सारस्वत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए भी बजट बढ़ाया जाए। यह पैथी सस्ती और कारगर हैं। देहात और शहरों में इसके अस्पताल खोले जाएं, जिससे मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी। झोलाछाप के पास जाने से भी मरीज बचेंगे।