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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा

Tue, 22 Dec 2020 11:00 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 11:00 PM IST
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umar quid
मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में सात साल पहले बंटवारे के विवाद में वृद्ध की हत्या करने के दोषी को एफटीसी द्वितीय के जज तेंद्रपाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना बेवर के नगला केहरी में 22 मार्च 2013 की सुबह साढ़े बजे खेत पर आलू खोदते समय प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रताप सिंह के पुत्र राजवीर ने बंटवारे के विवाद के चलते पिता की हत्या तथा जानलेवा हमला करकेे राजवीर, भाई मनोज को घायल करने की रिपोर्ट गांव के निशान सिंह, मानसिंह, ब्रजेश कुमार, श्याम सिंह, शिवचरण, ताराचंद्र, कमलेश के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने सभी के खिलाफ जांच करने के बाद मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज तेंद्रपाल की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर निशान सिंह को हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी संजीव कुमार चौहान ने कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने निशान सिंह को आजीवन कारावस की सजा सुनाकर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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एफटीसी जज तेंद्रपाल ने चार लोगों को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया। इसके तहत मानसिंह, शिवचरण, ताराचंद्र, कमलेश को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। चारों को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
तमंचा रखने में दो साल की सजा
ताराचंद्र को तमंचा रखने का दोषी पाया गया। आरोप साबित होने के बाद एफटीसी जज तेंद्रपाल ने ता राचंद्र को दो साल की सजा सुनाई है। उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

एक आरोपी चल रहा फरार
एक आरोपी ब्रजेश कुमार घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। उसके खिलाफ पुलिस द्वारा कुर्की की कार्रवाई तक की जा चुकी है। एडीजीसी संजीव चौहान ने बताया ब्रजेश कुमार का मुकदमा अलग से चल रहा है। मंगलवार को निर्णय सुनाए जाने के दौरान गैर हाजिर रहे श्याम सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई है।
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