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चंबल की बाढ़ में दो हजार हेक्टेयर खेत की फसलें बर्बाद हुईं
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चंबल की बाढ में 2 हजार हेक्टेयर रकबे में तबाह हुई फसलें, करीब 300 मकान हुए क्षतिग्रस्त
- फोटो : Agra Dehat
बाह। चंबल की बाढ़ से प्रभावित गांवों के नुकसान का सर्वे तहसील प्रशासन करा रहा है। सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। बाढ़ में बाह के 38 गांवों में करीब 2 हजार हेक्टेयर जमीन की फसलें बर्बाद हुई हैं। 300 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सर्वे टीम के मुताबिक 300 मकानों में कच्चे, पक्के मकान और झोपड़ियां भी शामिल हैं। वहीं एसडीएम बाह अब्दुल बासित ने बताया नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट तैयार हो जाने के साथ ही मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
चंबल नदी में आई बाढ़ में मऊ की मढै़या, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवानपुरा, गुढ़ा, झरनापुरा, उमरैठापुरा, क्योरी बीच का पुरा, पुरा डाल, डगोरा, रेहा, पुरा शिवलाल, कछियारा गांव प्रभावित हुए हैं।
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इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। प्रभावित परिवारों को बीहड़ के टीले पर शरण लेनी पड़ी थी। जबकि बाढ़ के पानी में जलमग्न होने से किसानों के घर खेत-डूब गए थे। गृहस्थी का सामान और फसलें तबाह हो गई थीं। अभी भी बाढ़ प्रभावित गांवों में जिंदगी पटरी पर नहीं लौट सकी है।
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सर्वे टीम के मुताबिक 300 मकानों में कच्चे, पक्के मकान और झोपड़ियां भी शामिल हैं। वहीं एसडीएम बाह अब्दुल बासित ने बताया नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट तैयार हो जाने के साथ ही मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
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चंबल नदी में आई बाढ़ में मऊ की मढै़या, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, भगवानपुरा, गुढ़ा, झरनापुरा, उमरैठापुरा, क्योरी बीच का पुरा, पुरा डाल, डगोरा, रेहा, पुरा शिवलाल, कछियारा गांव प्रभावित हुए हैं।
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इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। प्रभावित परिवारों को बीहड़ के टीले पर शरण लेनी पड़ी थी। जबकि बाढ़ के पानी में जलमग्न होने से किसानों के घर खेत-डूब गए थे। गृहस्थी का सामान और फसलें तबाह हो गई थीं। अभी भी बाढ़ प्रभावित गांवों में जिंदगी पटरी पर नहीं लौट सकी है।