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रामलीला में इस बार नया इतिहास रचेंगी दो बहनें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:27 PM IST
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दीपा निभाएगी सीता का किरदार तो मोहनी (इनसेट) बनेंगी पार्वती
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैंट की रामलीला के इतिहास में इस बार नया पन्ना जुड़ने जा रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के साथ इस बार बेटियां मंचन में भी हिस्सा लेने जा रही हैं। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ जब रामलीला में महिलाओं ने कोई किरदार निभाया हो। ये लड़कियां हैं दो सगी बहनें दीपा और मोहनी। दीपा सीता का किरदार निभाएगी, जबकि छोटी बहन मोहनी बनेगी पार्वती। दोनों बहुत उत्साहित है और कई दिनों से रिहर्सल में लगी हैं।
कैंट रामलीला को 47 बरस हो चुके हैं। जनकपुरी और किला के सामने की रामलीला इससे भी प्राचीन है। इसकी ख्याति देश ही नहीं, विदेशों तक में है। लेकिन शहर की किसी भी रामलीला में कभी किसी स्त्री ने किरदार नहीं निभाया है।
कैंट रामलीला आयोजन समिति के सचिव बलजीत सिंह बताते हैं कि यह पहला मौका है जब मंचन में लड़कियों की भूमिका रहेगी। यह रामलीला एक अक्तूबर से शुरू होगी। रेलवे कालोनी में रहने वाले रेलवे कर्मचारी अशोक सोनी की बेटियों दीपा और मोहनी ने इसकी सहमति दी है।
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दीपा कक्षा 11 में पढ़ती है और सोनी कक्षा सात में। दीपा ने बताया कि जब उसे पता चला कि सीता का रोल भी पुरुष निभाते हैं तो उसेे कुछ अजीब से लगा। पिछले वर्ष की रामलीला देखने के दौरान ही उसने सोचा कि क्यों न वह यह किरदार निभाएं।
दीपा कहती है, थोड़ा नर्वस जरूर हूं, लेकिन खुद पर भरोसा है, रिहर्सल कर रही हूं, उम्मीद है सभी की उम्मीद पर खरा उतरूंगी। मोहनी का कहना है कि दीदी को देखकर सीख रही हूं, स्कूल के कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुकी हूं, इसलिए डर नहीं लग रहा है । उधर इस बार रामलीलाओं के मंच से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देने की तैयारी भी की गई है।
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कैंट रामलीला को 47 बरस हो चुके हैं। जनकपुरी और किला के सामने की रामलीला इससे भी प्राचीन है। इसकी ख्याति देश ही नहीं, विदेशों तक में है। लेकिन शहर की किसी भी रामलीला में कभी किसी स्त्री ने किरदार नहीं निभाया है।
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कैंट रामलीला आयोजन समिति के सचिव बलजीत सिंह बताते हैं कि यह पहला मौका है जब मंचन में लड़कियों की भूमिका रहेगी। यह रामलीला एक अक्तूबर से शुरू होगी। रेलवे कालोनी में रहने वाले रेलवे कर्मचारी अशोक सोनी की बेटियों दीपा और मोहनी ने इसकी सहमति दी है।
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दीपा कक्षा 11 में पढ़ती है और सोनी कक्षा सात में। दीपा ने बताया कि जब उसे पता चला कि सीता का रोल भी पुरुष निभाते हैं तो उसेे कुछ अजीब से लगा। पिछले वर्ष की रामलीला देखने के दौरान ही उसने सोचा कि क्यों न वह यह किरदार निभाएं।
दीपा कहती है, थोड़ा नर्वस जरूर हूं, लेकिन खुद पर भरोसा है, रिहर्सल कर रही हूं, उम्मीद है सभी की उम्मीद पर खरा उतरूंगी। मोहनी का कहना है कि दीदी को देखकर सीख रही हूं, स्कूल के कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुकी हूं, इसलिए डर नहीं लग रहा है । उधर इस बार रामलीलाओं के मंच से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देने की तैयारी भी की गई है।