फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Man declared dead in court found alive after 12 years now sent to jail

UP: जिसे कोर्ट में बताया मुर्दा, वो 12 साल बाद स्कूटर चलाते हुए दिखा; अब अदालत ने भेजा जेल

Tue, 25 Aug 2026 07:31 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Tue, 25 Aug 2026 07:31 AM IST
सार

ताराचंद शर्मा की ओर से वर्ष 2013 में अदालत में नगर निगम से बना एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इसमें उसे वर्ष 1998 में मृत दर्शाया गया था। थाना हरीपर्वत पुलिस ने भी 13 अगस्त 2013 को इस संबंध में अपनी आख्या दी थी। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र अन्य दस्तावेजों और पुलिस की आख्या को सही मानते हुए अदालत ने 20 सितंबर 2013 को आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई बंद कर दी थी।
 

विज्ञापन
Man declared dead in court found alive after 12 years now sent to jail
कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

आगरा में वर्ष 1999 से लंबित मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए ताराचंद शर्मा ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के सहारे खुद को मुर्दा साबित कर दिया। गत वर्ष स्कूटी चलाते देखे जाने पर उसके जिंदा होने का राज खुला। सोमवार को उसने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन


राजकुमार वर्मा बनाम विद्या देवी आदि के बीच कूटरचित दस्तावेज के आरोप में वर्ष 1999 से अदालत में मुकदमा लंबित है। सुनवाई के दौरान आरोपी विद्या देवी, चुन्नी लाल गोयल और रोशन लाल वर्मा की मौत हो गई। इस पर अदालत ने उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी थी। इसी मुकदमे में गांधी नगर निवासी आरोपी ताराचंद शर्मा के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे।
विज्ञापन


 

कोर्ट ने बंद कर दी थी कार्रवाई
गिरफ्तारी से बचने के लिए ताराचंद शर्मा की ओर से वर्ष 2013 में अदालत में नगर निगम से बना एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इसमें उसे वर्ष 1998 में मृत दर्शाया गया था। थाना हरीपर्वत पुलिस ने भी 13 अगस्त 2013 को इस संबंध में अपनी आख्या दी थी। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र अन्य दस्तावेजों और पुलिस की आख्या को सही मानते हुए अदालत ने 20 सितंबर 2013 को आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई बंद कर दी थी।

 

नवंबर 2025 में स्कूटी चलाते दिखा था आरोपी
थाना हरीपर्वत क्षेत्र के घटिया आजम खां निवासी वादी राजकुमार वर्मा ने 5 नवंबर 2025 को ताराचंद शर्मा को गांधी नगर क्षेत्र में स्कूटी चलाकर जाते देखा। उन्होंने उसकी तस्वीर खींच ली और स्कूटी के नंबर के आधार पर आरटीओ कार्यालय से दस्तावेज निकलवाए। जांच में पता चला कि जिस आरोपी को अदालत ने वर्ष 1998 में मृत मान लिया था, उसी ने जुलाई 2016 में अपने नाम से नई स्कूटी पंजीकृत कराई थी। वह अपने बैंक खातों में मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल भी कर रहा था।

 
विज्ञापन

पुलिस को घर पर जीवित मिला ताराचंद
राजकुमार वर्मा ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-6 की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर ये साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने थाना न्यू आगरा पुलिस से आख्या मांगी। कोर्ट के आदेश पर थाना न्यू आगरा के दरोगा मधुर कुशवाह ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच के दौरान ताराचंद शर्मा अपने घर पर जीवित मिला। आरोपी और उसके पुत्र की तस्वीरें भी साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश की गईं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी के विरुद्ध वारंट जारी कर दिया।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed