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उफनाने के बाद दो मीटर घटीं चंबल की लहरें
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बाह/पिनाहट। बारिश के कारण बृहस्पतिवार को उफनाई चंबल की लहरें शांत हो गईं। 122.50 मीटर के निशान को छूकर दो मीटर घटी नदी 120.50 मीटर के स्तर पर बह रही है। हालांकि अब भी कछार के खेत और बीहड़ के रास्ते जलमग्न हैं। पानी घटने से नदी किनारे के 38 गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
मध्यप्रदेश और राजस्थान की बारिश और काली सिंध बांध से छोडे़ गए पानी के कारण बृहस्पतिवार को चंबल का जलस्तर 112 मीटर से बढ़कर 122.50 मीटर तक पहुंच गया था। पानी घटने के बाद भी अभी कछार में बोई गईं फसलें जलमग्न हैं।
पुरा शिवलाल, पुरा डाल, डगोरा, बीच का पुरा, उमरैठा पुरा, मऊ की मढै़या, गुढ़ा, रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा आदि गांवों से जुडे़ बीहड़ के रास्तों पर भी पानी भरा हुआ है। वहीं पानी घटने से पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन भी शुरू करा दिया गया है। एसडीएम बाह अब्दुल बासित, तहसीलदार बाह राजू कुमार ने बताया कि चंबल नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। संवाद
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मध्यप्रदेश और राजस्थान की बारिश और काली सिंध बांध से छोडे़ गए पानी के कारण बृहस्पतिवार को चंबल का जलस्तर 112 मीटर से बढ़कर 122.50 मीटर तक पहुंच गया था। पानी घटने के बाद भी अभी कछार में बोई गईं फसलें जलमग्न हैं।
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पुरा शिवलाल, पुरा डाल, डगोरा, बीच का पुरा, उमरैठा पुरा, मऊ की मढै़या, गुढ़ा, रानीपुरा, गोहरा, भटपुरा आदि गांवों से जुडे़ बीहड़ के रास्तों पर भी पानी भरा हुआ है। वहीं पानी घटने से पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन भी शुरू करा दिया गया है। एसडीएम बाह अब्दुल बासित, तहसीलदार बाह राजू कुमार ने बताया कि चंबल नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। संवाद
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