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Agra: भ्रूण लिंग जांच करने वालों को पकड़वाने पर मिलेंगे दो लाख रुपये, सीएमओ ने जारी की गाइडलाइन

Thu, 09 Jun 2022 03:59 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 09 Jun 2022 03:59 PM IST
सार

भ्रूण लिंग जांच कर रहे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ या फिर इससे जुड़े अन्य माफिया को पकड़वाने पर सरकार की ओर से मुखबिर योजना लांच की गई है। इसमें दो लाख रुपये के नगद पुरस्कार की व्यवस्था है

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Two lakh rupees reward on giving information of those who test the fetus sex
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

कोख में बेटियों की पहचान करने वाले डॉक्टरों को पकड़वाने पर स्वास्थ्य विभाग दो लाख रुपये का इनाम देगा। आगरा के सीएमओ ने मुखबिर योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए इसकी गाइडलाइन जारी की है। वहीं, भ्रूण लिंग जांच के मामले में प्रिया हॉस्पिटल के संचालक और आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।

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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच कर रहे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ या फिर इससे जुड़े अन्य माफिया को पकड़वाने पर सरकार की ओर से मुखबिर योजना लांच की गई है। इसमें दो लाख रुपये के नगद पुरस्कार की व्यवस्था है। इसमें भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए डमी गर्भवती को एक लाख रुपये, मुखबिर को 60 हजार रुपये और सहायक को 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये तीन किस्तों में जारी हो रहे हैं। 

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ऐसे मिलती है इनाम की रकम 

पहली किस्त स्टिंग ऑपरेशन सफल होने पर दी जाती है। कोर्ट में पहली गवाही देने पर दूसरी किस्त और कोर्ट का फैसला आने पर तीसरी किस्त जारी की जाती है। गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट सेल के नोडल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि मुखबिर योजना में आगरा में अभी तक एक मामला पकड़ में आया है। इसमें तीनों के किस्तें भी जारी की जा चुके हैं। 

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कोर्ट से डॉ. राजीव कुमार की जमानत अर्जी खारिज

नोडल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच मामले में आरोपी प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव कुमार समेत अन्य आरोपियों की लोअर कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो गई है। बीते महीने हरियाणा एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग ने ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित प्रिया हॉस्पिटल में स्टिंग ऑपरेशन कर भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ा था। यहां पहले से ही एक अन्य महिला का भ्रूण लिंग जांच कराने के बाद गर्भपात कराया था, भ्रूण डस्टबिन में मिला था। इस पर अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाएं बंद करवाते हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। 

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