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बाह और फतेहाबाद में आंधी से दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 27 May 2016 01:40 AM IST
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सीतापुर गांव में युवक के ऊपर गिरा टिनेशड सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था, टडावली में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बाह के सीतापुर गांव में आंधी के दौरान टिनशेड गिरने से युवक की मौत हो गई। उसके माता-पिता को चोट आई हैं। फतेहाबाद के गांव टडावली में दीवार गिरने से एक की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
सीतापुर गांव के मुकेश (18) ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। वह सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। बुधवार शाम को वह गांव में दौड़ लगाने गया था। जैसे ही घर लौटा तो तेज आंधी चलने लगी। वह आंगन मेें पड़े टिनशेड के नीचे बैठ गया। उसके पिता वीर सिंह और मां महादेवी ने टिनशेड के पोल को पकड़ लिया। तभी पड़ोस के रमाकांत के छत पर लगा टिनशेड ईंटों समेत उखड़ गया और उनके टिनशेड के ऊपर आकर गिरा। दोनों टिनशेड मुकेश के ऊपर गिरे। सिर फटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वीर सिंह और महादेवी टिनशेड के नीचे दब गए। चीखपुकार पर आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला।
आंगन में ऐसा लगा कि बरस रहे हों पत्थर
बाह। टिनशेड के नीचे दबे वीर सिंह और महादेवी ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा कि आंगन में कोई पत्थर फेंक रहा हो। उन्होंने मुकेश को घर के अंदर जाने को कहा था। लेकिन वह टिनशेड के नीचे ही बैठ गया।
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टडावली में दीवार गिरी, एक की मौत
फतेहाबाद। फतेहाबाद के गांव टडावली में दीवार के सहारे पड़े छप्पर के नीचे बुधवार रात को ओमप्रकाश पुत्र दौलतराम, राजवीर, बलवीर पुत्रगण ओमप्रकाश, लक्ष्मी पत्नी राजवीर, जितेंद्र, उमेश पुत्रगण राजवीर, योगेश पुत्र बलवीर सो रहे थे। तेज आंधी के दौरान दीवार गिरने से सभी उसके नीचे दब गए। चीखपुकार पर आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। हादसे में ओमप्रकाश (55) की मौत हो गई, जबकि राजवीर, बलवीर, लक्ष्मी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी को मामूली चोटें आयीं। वहीं गांव पतैयापुरा में भी आंधी में कई पेड़ धराशाई हो गए।
आंधी ने मचाई तबाही, 24 घंटे बाद भी नहीं हुई विद्युत सप्लाई
आगरा। आंधी-बारिश ने बुधवार रात को तबाही मचाई। बाह, जैतपुर, फतेहपुर सीकरी, किरावली, फतेहाबाद, अछनेरा में कई पेड़ टूट गए। बिजली के पोल गिरने से बाह, जैतपुर के 55 गांवों की बत्ती गुल हो गई। चार डीपी क्षतिग्रस्त हो गईं। 24 घंटे बाद भी गुरुवार शाम तक विद्युत सप्लाई सुचारु नहीं की जा सकी। ऐसे में देहात के कई क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा गया है।
बाह में जरार पुलिस चौकी के पास दो पेड़ टूटकर गिर गए। चंबल सफरी की सड़क पर शीशम का पेड़ टूटने से आगरा-बाह मार्ग जाम हो गया। पुलिस ने देर रात इसे हटाया। बासौनी, अभयपुरा, जैतपुर, नंदगवां, कोरथ, पचपेड़ा, बटेश्वर, पिढौरा, भदरौली की सड़कों पर भी पेड़ टूटकर गिर गए। इससे यातायात प्रभावित हुआ। मेदीपुरा में आंधी से छत्रपाल और खिलावली में महाराज सिंह का मकान टूट गया। गुमान सिंह पुरा में राजेश के मकान की दीवार ढह गई। वहीं विद्युत सप्लाई बाधित होने से पानी का संकट भी गहरा गया। विधायक अरिदमन सिंह ने विद्युत सप्लाई के मामले में एमडी से बात की। एसडीओ बाह सीपी सिंह ने बताया कि लाइनों को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
पिनाहट में आंधी से कई स्थानों पर विद्युत खंभे गिर गए। लोगों ने बताया कि तीन दिनों से नाहर सिंह पुरा, जोधपुरा, पडुआपुरा, देवगढ़, बीच का पुरा, पापरी नागर, पलोखरा, महंगौली, करकौली, बरेंडा, औध, मल्ल का पुरा, रेहा, तासौड़, सवोरा, अरनौटा, लडउआपुरा, भौनिकापुरा, छदामीपुरा, क्यौरी, उमरैठा, बघरैना, पिढौरा, विप्रावली, नया बांस, अमर सिंह पुरा, मनौना, सेरब, गुरावली, अर्जुनपुरा, हुसैनपुरा, बसई अरेला, मानिकपुरा, भदरौली, रैपुरा, कुकथरी आदि गांवों में विद्युत सप्लाई ठप है।
एत्मादपुर और बरहन में तकरीबन बीस घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु की गई। कुबेरपुर, शेखपुरा, गढ़ी टिकैत, बांसबोड़िया, गोवल, जमालनगर भैंस, छलेसर, आंवलखेडा क्षेत्र, रसूलपुर व नगला अडू में तकरीबन दो दर्जन से अधिक पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति गुरुवार शाम तक सुचारु नहीं हो सकी।
अछनेरा के गांव कचौरा में विद्युत उपकेंद्र मेन लाइन का खंभा गिर गया। इससे कचौरा, बस्तई नानउ, मई अगनपुरा आदि गांवों में आपूर्ति ठप रही।
महिला पर बिजली का खंभा गिरा, पैर जख्मी
बरहन/एत्मादपुर/जगनेर। एत्मादपुर के गांव कुबेरपुर में कुसुम पत्नी भूपेंद्र सिंह के घर के बाहर बिजली का ख्ंाभा लगा था। आंधी आने के बाद कुसुम घर के बाहर रखा सामान उठा रहा थी। इसी बीच खंभा उनके ऊपर गिरा था। उनके दोनों पैर जख्मी हो गए। आननफानन परिवार के लोगों ने उन्हें आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। छलेसर में श्रीकृष्ण वाटिका में दीवार व टिनशेड गिरने से वाटिका के कर्मचारी बाल-बाल बचे। गांव पीपरिया में टिनशेड गिरने से उसके नीचे सो रहे अमर सिंह दब गए, उन्हें हल्की चोटें आई हैं।
जगनेर के गांव दहगवां में छत के ऊपर बनी दीवार आंधी से ढह गई। इससे राकेश, लौहरे, रामनिवास के मकान की छत टूट गई। घरेलू सामान नष्ट हो गया। हादसे के समय परिवार के लोग बाहर बरामदे में बैठे थे।
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सीतापुर गांव के मुकेश (18) ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। वह सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। बुधवार शाम को वह गांव में दौड़ लगाने गया था। जैसे ही घर लौटा तो तेज आंधी चलने लगी। वह आंगन मेें पड़े टिनशेड के नीचे बैठ गया। उसके पिता वीर सिंह और मां महादेवी ने टिनशेड के पोल को पकड़ लिया। तभी पड़ोस के रमाकांत के छत पर लगा टिनशेड ईंटों समेत उखड़ गया और उनके टिनशेड के ऊपर आकर गिरा। दोनों टिनशेड मुकेश के ऊपर गिरे। सिर फटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वीर सिंह और महादेवी टिनशेड के नीचे दब गए। चीखपुकार पर आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला।
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आंगन में ऐसा लगा कि बरस रहे हों पत्थर
बाह। टिनशेड के नीचे दबे वीर सिंह और महादेवी ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा कि आंगन में कोई पत्थर फेंक रहा हो। उन्होंने मुकेश को घर के अंदर जाने को कहा था। लेकिन वह टिनशेड के नीचे ही बैठ गया।
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टडावली में दीवार गिरी, एक की मौत
फतेहाबाद। फतेहाबाद के गांव टडावली में दीवार के सहारे पड़े छप्पर के नीचे बुधवार रात को ओमप्रकाश पुत्र दौलतराम, राजवीर, बलवीर पुत्रगण ओमप्रकाश, लक्ष्मी पत्नी राजवीर, जितेंद्र, उमेश पुत्रगण राजवीर, योगेश पुत्र बलवीर सो रहे थे। तेज आंधी के दौरान दीवार गिरने से सभी उसके नीचे दब गए। चीखपुकार पर आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। हादसे में ओमप्रकाश (55) की मौत हो गई, जबकि राजवीर, बलवीर, लक्ष्मी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी को मामूली चोटें आयीं। वहीं गांव पतैयापुरा में भी आंधी में कई पेड़ धराशाई हो गए।
आंधी ने मचाई तबाही, 24 घंटे बाद भी नहीं हुई विद्युत सप्लाई
आगरा। आंधी-बारिश ने बुधवार रात को तबाही मचाई। बाह, जैतपुर, फतेहपुर सीकरी, किरावली, फतेहाबाद, अछनेरा में कई पेड़ टूट गए। बिजली के पोल गिरने से बाह, जैतपुर के 55 गांवों की बत्ती गुल हो गई। चार डीपी क्षतिग्रस्त हो गईं। 24 घंटे बाद भी गुरुवार शाम तक विद्युत सप्लाई सुचारु नहीं की जा सकी। ऐसे में देहात के कई क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा गया है।
बाह में जरार पुलिस चौकी के पास दो पेड़ टूटकर गिर गए। चंबल सफरी की सड़क पर शीशम का पेड़ टूटने से आगरा-बाह मार्ग जाम हो गया। पुलिस ने देर रात इसे हटाया। बासौनी, अभयपुरा, जैतपुर, नंदगवां, कोरथ, पचपेड़ा, बटेश्वर, पिढौरा, भदरौली की सड़कों पर भी पेड़ टूटकर गिर गए। इससे यातायात प्रभावित हुआ। मेदीपुरा में आंधी से छत्रपाल और खिलावली में महाराज सिंह का मकान टूट गया। गुमान सिंह पुरा में राजेश के मकान की दीवार ढह गई। वहीं विद्युत सप्लाई बाधित होने से पानी का संकट भी गहरा गया। विधायक अरिदमन सिंह ने विद्युत सप्लाई के मामले में एमडी से बात की। एसडीओ बाह सीपी सिंह ने बताया कि लाइनों को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
पिनाहट में आंधी से कई स्थानों पर विद्युत खंभे गिर गए। लोगों ने बताया कि तीन दिनों से नाहर सिंह पुरा, जोधपुरा, पडुआपुरा, देवगढ़, बीच का पुरा, पापरी नागर, पलोखरा, महंगौली, करकौली, बरेंडा, औध, मल्ल का पुरा, रेहा, तासौड़, सवोरा, अरनौटा, लडउआपुरा, भौनिकापुरा, छदामीपुरा, क्यौरी, उमरैठा, बघरैना, पिढौरा, विप्रावली, नया बांस, अमर सिंह पुरा, मनौना, सेरब, गुरावली, अर्जुनपुरा, हुसैनपुरा, बसई अरेला, मानिकपुरा, भदरौली, रैपुरा, कुकथरी आदि गांवों में विद्युत सप्लाई ठप है।
एत्मादपुर और बरहन में तकरीबन बीस घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु की गई। कुबेरपुर, शेखपुरा, गढ़ी टिकैत, बांसबोड़िया, गोवल, जमालनगर भैंस, छलेसर, आंवलखेडा क्षेत्र, रसूलपुर व नगला अडू में तकरीबन दो दर्जन से अधिक पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति गुरुवार शाम तक सुचारु नहीं हो सकी।
अछनेरा के गांव कचौरा में विद्युत उपकेंद्र मेन लाइन का खंभा गिर गया। इससे कचौरा, बस्तई नानउ, मई अगनपुरा आदि गांवों में आपूर्ति ठप रही।
महिला पर बिजली का खंभा गिरा, पैर जख्मी
बरहन/एत्मादपुर/जगनेर। एत्मादपुर के गांव कुबेरपुर में कुसुम पत्नी भूपेंद्र सिंह के घर के बाहर बिजली का ख्ंाभा लगा था। आंधी आने के बाद कुसुम घर के बाहर रखा सामान उठा रहा थी। इसी बीच खंभा उनके ऊपर गिरा था। उनके दोनों पैर जख्मी हो गए। आननफानन परिवार के लोगों ने उन्हें आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। छलेसर में श्रीकृष्ण वाटिका में दीवार व टिनशेड गिरने से वाटिका के कर्मचारी बाल-बाल बचे। गांव पीपरिया में टिनशेड गिरने से उसके नीचे सो रहे अमर सिंह दब गए, उन्हें हल्की चोटें आई हैं।
जगनेर के गांव दहगवां में छत के ऊपर बनी दीवार आंधी से ढह गई। इससे राकेश, लौहरे, रामनिवास के मकान की छत टूट गई। घरेलू सामान नष्ट हो गया। हादसे के समय परिवार के लोग बाहर बरामदे में बैठे थे।