आगरा में सड़क दुर्घटना: फ्लाईओवर पर ट्रक ने बस में मारी टक्कर, भाई-बहन की मौत, हादसे में उजड़े दो परिवार
आगरा के रामबाग फ्लाईओवर पर देर रात भीषण हादसा हो गया। फ्लाईओवर पर बस को पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए।
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आगरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर गुरुवार रात तकरीबन पौने दो बजे रामबाग फ्लाईओवर पर रुकी यात्रियों से भरी बस में फिरोजाबाद की ओर से आ रहे कंटेनर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कंटेनर बस में घुसकर फंस गया। उसे क्रेन की मदद से अलग किया गया। इस हादसे में बस से उतरे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि बस के हेल्पर, कंटेनर का चालक और क्लीनर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कंटेनर के चालक पर रिपोर्ट
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि फिरोजाबाद की ओर से बस वाटरवर्क्स की ओर जा रही थी। चालक ने रामबाग फ्लाईओवर पर सवारियों को उतारने के लिए बस को रोका था। तभी पीछे से एक कंटेनर आ गया। वह बस से टकरा गया। हादसे में हनुमान नगर, एत्माद्दौला निवासी अमित कुमार (32) और उनकी बहन अर्चना (35) की मौत हो गई। दोनों दिल्ली से आ रहे थे। वहीं बस का हेल्पर गोबर चौकी निवासी तंजील, कंटेनर का चालक उन्नाव निवासी ओमप्रकाश और क्लीनर कपिल घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि कंटेनर के चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सामान निकालते समय हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां से सर्विस रोड पर जाने के लिए रास्ता है। यहां पर ऑटो भी खड़े रहते हैं, जो कि रामबाग और वाटरवर्क्स की तरफ जाते हैं। यहां बसें और अन्य सवारी वाहन भी रुकते हैं। बस के चालक ने भी यहां सवारियों को उतारने के लिए ब्रेक लगाए थे। इसके बाद हेल्पर तंजील डिकी से सवारियों का सामान निकालने लगा। तभी पीछे से कंटेनर जा घुसा। कंटनेर बस में पीछे से फंस गया। इसमें दोनों भाई-बहन भी फंस गए। हादसे के बाद सवारियों में चीखपुकार मच गई। पास ही आसपास दुकानों से विक्रेता आ गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। चौराहे पर ही पुलिस चौकी है। पुलिस ने पहुंचकर क्रेेन की मदद से दोनोें वाहनों को अलग किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अर्चना की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके भाई अमित ने अस्पताल में दम तोड़ा। अन्य घायलों को भी इमरजेंसी में ले जाया गया।
हाईवे पर हुए हादसे ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। हनुमान नगर निवासी अमित प्राइवेट नौकरी करता था। उसकी बहन पुष्पलता ने बताया कि बड़ी बहन अर्चना का घर ताजगंज में हैं। अर्चना रेडीमेड कपड़ों की बिक्री का काम करती थीं। इसमें अमित सहयोग करता था। उनकी दुकान नुनिहाई रोड पर है। अर्चना के पति डालचंद नौकरी करते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह अर्चना और अमित दिल्ली से कपड़े खरीदने गए थे। रात में बस से लौट रहे थे। वह बस के रुकने पर डिकी से सामान निकलवा रहे थे। हेल्पर तंजील मदद कर रहा था। तभी हादसा हो गया। बहन की मौके पर मौत हो गई। भाई ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा।
बड़े भाई की हुई थी हत्या
अमित के बड़े भाई अरुण की पूर्व में गुरुग्राम में हत्या कर दी गई थी। अरुण से छोटा अमित था। अब उसकी हादसे में मौत हो गई। छोटा र्भइा संजू है। अमित की शादी वर्ष 2019 में हुई थी। उसका एक साल का बेटा दिव्यांश है। वहीं अर्चना के एक बेटा प्रशांत और एक बेटी उर्वशी हैं।
हाईवे पर हादसों को न्योता
एनएच-2 पर सिकंदरा से लेकर शाहदरा तक छह प्वाइंट पर रुकते वाहन हादसों को न्योता देते हैं। बस और ऑटो चालक जगह-जगह सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करके सवारियों को उतारते और चढ़ाते हैं। ऐसे में पीछे से आते तेज रफ्तार वाहनों से हादसे का खतरा रहता है।
सिकंदरा चौराहे पर दिल्ली की ओर जाने वाली बसें खड़ी रहतीं हैं। इस कारण यहां हर समय यात्रियों का जमावड़ा रहता है। यहां ऑटो भी खड़े रहते हैं। इसके अलावा आईएसबीटी, अबुलउला दरगाह, वाटरवर्क्स, रामबाग और शाहदरा पर हाईवे पर वाहन खड़े होते हैं। बस और कंटेनर हादसे के बाद भी घटनास्थल पर वाहन रुक रहे हैं।
यातायात निरीक्षक सतीश राय ने बताया कि हाईवे पर बस और ऑटो का कोई स्टापेज नहीं है। चालक बसों को कहीं भी रोक लेते हैं। पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करती है। अब फिर से कार्रवाई की जाएगी।