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Agra News: खंदारी और न्यू आगरा में दो अवैध निर्माण सील, नोटिस के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा था निर्माण कार्य
Sat, 27 Jun 2026 08:45 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 27 Jun 2026 08:45 PM IST
सार
भूखंड पर बिना नक्शा पास कराए कॉलम कास्ट किए जा रहे थे। प्राधिकरण ने 14 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया था, लेकिन निर्माणकर्ता साक्ष्य लेकर उपस्थित नहीं हुए।
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अवैध निर्माण पर लगाई सील।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के प्रवर्तन दल ने शनिवार को हरिपर्वत वार्ड के अंतर्गत खंदारी और न्यू आगरा में बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे दो अवैध निर्माणों को सील कर दिए। दोनों ही मामलों में प्राधिकरण के नोटिस के बावजूद निर्माणकर्ता धड़ल्ले से काम करा रहे थे।
एडीए के अनुसार, पहला मामला वार्ड हरिपर्वत-3 में खंदारी यूनिवर्सिटी के सामने (पुरानी आबादी) का है। यहां पूरन चंद ने लगभग 200 वर्गमीटर भूखंड पर बिना नक्शा पास कराए कॉलम कास्ट किए जा रहे थे। प्राधिकरण ने 14 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया था, लेकिन निर्माणकर्ता साक्ष्य लेकर उपस्थित नहीं हुए।
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एडीए के अनुसार, पहला मामला वार्ड हरिपर्वत-3 में खंदारी यूनिवर्सिटी के सामने (पुरानी आबादी) का है। यहां पूरन चंद ने लगभग 200 वर्गमीटर भूखंड पर बिना नक्शा पास कराए कॉलम कास्ट किए जा रहे थे। प्राधिकरण ने 14 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया था, लेकिन निर्माणकर्ता साक्ष्य लेकर उपस्थित नहीं हुए।
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दूसरा मामला हरिपर्वत प्रथम वार्ड के तहत सुरेश नगर न्यू आगरा स्थित फ्लैट नं-25 का है। यहां वसीम अहमद ने 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पहले से बने तीन मंजिला भवन के ऊपर चौथी मंजिल पर चोरी-छिपे कॉलम कास्ट कर दिए। 23 जून 2026 को काम रोकने के आदेश और थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद निर्माण निरंतर जारी था।
अवर अभियंताओं की स्थलीय रिपोर्ट के बाद, दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-28क (1) का खुला उल्लंघन पाया गया। इसके तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर शनिवार (27 जून) को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार को दोनों अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। एडीए सचिव संजय कुमार का कहना है सील से छेड़छाड़ करने पर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अवर अभियंताओं की स्थलीय रिपोर्ट के बाद, दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-28क (1) का खुला उल्लंघन पाया गया। इसके तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर शनिवार (27 जून) को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार को दोनों अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। एडीए सचिव संजय कुमार का कहना है सील से छेड़छाड़ करने पर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।