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गोवर्धन में एक उत्पाती बंदर ने फैलाया आतंक, 20 से अधिक बच्चे हो चुके हैं घायल

Fri, 26 Jul 2019 08:18 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 Jul 2019 08:18 PM IST
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two dozen children injured in monkey attack in govardhan mathura
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मथुरा-वृंदावन में हजारों बंदरों ने दहशत फैला रखी है, लेकिन गोवर्धन क्षेत्र के सकरवा में एक बंदर उत्पात मचाए हुए हैं। इससे बच्चों से लेकर बड़ों तक में दहशत हैं। यह बंदर लोगों को काटकर घायल कर रहा है। अब तक 20 से अधिक घायल हो चुके हैं।  
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शुक्रवार को स्कूल जाते बच्चों पर बंदर ने हमला कर घायल कर दिया। बंदर के हमले में डॉली, करिश्मा, मोहनी, दीपक, भगवान सिंह, गौरव, फलित, रोहित, प्रिंस, भावना, पुष्पेन्द्र, चंदू और मुन्नी घायल कर दिया। किसी तरह लोगों ने बच्चों को बचाया। 
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लोगों का कहना है कि करीब चार माह से सिर्फ एक ही बंदर बच्चों पर हमला कर रहा है। सभासद डॉ. मुकेश सैनी ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर ही एक दर्जन बच्चों को यह बंदर काट चुका है। स्थानीय लोगों ने बंदर को पकडने के प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो पाए। 
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नहीं पहुंचा कोई भी वन कर्मी

उत्पाती बंदर के हमले से परेशान कस्बावासी थाने भी शिकायत लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वन विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने की सलाह दे दी। वहीं अभी तक वन विभाग को कोई भी कर्मचारी कस्बा में नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों में आक्रोश है। 

इस संबंध में उपजिलाधिकारी गोवर्धन राहुल यादव का कहना है कि मामले के संज्ञान में आते ही वन विभाग को बंदर पकड़ने के लिए निर्देशित किया है। जल्द ही बंदर को पकड़वाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।

'बंदरों के हमले में पीड़ित को मिले मुआवजा'

उधर, वृंदावन में बंदरों की समस्या को लेकर ब्राह्मण सेवा संघ ने बैठक की। इसमें वक्ताओं ने बंदरों के हमलों से घायल व्यक्ति को 20 हजार व मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये दिए जाने की मांग उठाई। बंदरों की समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

अध्यक्ष आनंद वल्लभ गोस्वामी व महामंत्री जगदीश नीलम ने मांग करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को वन्य जीव संरक्षण मंत्रालय से संपर्क कर बंदरों को पकड़वाकर किसी वन्य जीव अभ्यारण या आबादी से दूर जंगल में भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए। 
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