फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Two Day Taj Magic Festival Held In Agra

Taj Magic Festival: जादू का वजूद बचाने की आगरा से मुहिम...खुल जा सिमसिम, जुटे देश भर के जादूगर

Sun, 31 Jul 2022 01:43 PM IST
मुकेश कुमार सिद्धार्थ चतुर्वेदी , अमर उजाला आगरा
सिद्धार्थ चतुर्वेदी , अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 31 Jul 2022 01:43 PM IST
सार

ताज मैजिक सोसाइटी की ओर से शनिवार को ताज मैजिक फेस्टिवल का आयोजन हुआ। जादूगरों ने अपने साथियों का खुद हौसला बढ़ाया। देशभर से आए करीब 200 जादूगरों के माथे पर अपनी कला बचाने की चिंता साफ दिखी। 

विज्ञापन
Two Day Taj Magic Festival Held In Agra
ताज मैजिक फेस्टिवल में जादूगर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खुल जा सिमसिम, आबरा का डाबरा...गिली गिली छू...जैसी जादुई भाषाएं अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही हैं। दर्शकों की कम होती संख्या निराशा ला रही है। आगरा में शनिवार को माथुर वैश्य महासभा भवन में जादूगरों का जमावड़ा हुआ तो उनकी यह पीड़ा भी उभरी। कला के अस्तित्व पर चिंता जताई, जादू के कुछ नए-पुराने कला का प्रदर्शन किया। 

विज्ञापन


इसी बीच हॉल में अचानक उमड़ आए दर्शकों को देख उनकी आंखें चमम उठीं। चेहरों पर मुस्कान आ गई। ऐसे माहौल में यह तय किया कि जमावड़े का लाभ उठाते हुए एक बार फिर जादू के वजूद को जिंदा करने निकला जाए। यही नहीं जादू को ललित कला के दायरे में लाने की भी आवाज उठी। 
विज्ञापन


ताज मैजिक सोसाइटी की ओर से शनिवार को ताज मैजिक फेस्टिवल का आयोजन हुआ। जादूगरों ने अपने साथियों का खुद हौसला बढ़ाया। देशभर से आए करीब 200 जादूगरों के माथे पर अपनी कला बचाने की चिंता साफ दिखी। अमर उजाला से बातचीत में ग्वालियर से आए जादूगर जितेंद्र कुमार यह कहते हुए मायूस हो गए कि न जाने जादू को किस की नजर लग गई। जादूगर अखिलेश जैसवाल और जादूगर जेपी सम्राट ने कहा कि अगर सरकार से इस विधा को सहायता नहीं मिलती है, तो सिर्फ जादूगरों के प्रयास से इसे बचाना काफी मुश्किल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना काल में हुआ कर्ज

कोरोना काल में कर्जे में आ चुके जादूगर एस कुमार कहते हैं कि पहले एक साल में देशभर में 50 शो कर लेते थे। अब एक साल में पांच शो मुश्किल से हो पाते हैं। इन मुश्किलों में कर्जे की मुश्किल रुला देती है। जादू का जादू कहीं नहीं चल रहा है।

ललित कला के दायरे में आए

जादूगर संजय कश्यप का कहना है कि जादू को बचाने के लिए इस विधा को ललित कला के दायरे में लाया जाए। सरकार को जादूगरों के लिए ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे भारतीय जादू का अस्तित्व जिंदा रह सके।

जादू का हत्यारा सोशल मीडिया

जादूगर दीवान सिंह राजौरिया सोशल मीडिया को जादू का हत्यारा बताते हैं। सोशल मीडिया पर 90 प्रतिशत जादू नकली चल रहा है। बदलती तकनीक के दौर में कई जादूगर तकनीक का उपयोग कर इसे लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

जादू विधा पर मंडरा रहा खतरा

पीपल मंडी की रहने वाली 70 साल की सविता छाबड़िया जादू देखने के लिए अपने मम्मी-पापा के साथ पांच किलोमीटर दूर पैदल जादूगरों का शो देखने जाती थीं। सविता बताती हैं कि उस दौर में शो देखने का जादू सिर चढ़कर बोलता था। अब सब कुछ मोबाइल में सिमट गया है। इससे जादू विधा पर खतरा मंडराने लगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed