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Agra News: 10 हजार रुपये नहीं देने पर चौकी में ताेड़ा छात्र का हाथ, दो दरोगा निलंबित
Sun, 22 Feb 2026 02:56 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 22 Feb 2026 02:56 AM IST
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पीड़ित करन
- फोटो : पीड़ित करन
आगरा। किरावली थाने की पुलिस पर फिर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है। मिढ़ाकुर पुलिस चौकी पर तैनात दो दरोगाओं ने एक किशोर का हाथ तोड़ दिया। आरोप है कि यह घटना 10 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर हुई। छात्र अब दसवीं की परीक्षा नहीं दे पाएगा, जिससे उसका एक वर्ष खराब हो जाएगा। उधर, डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों दरोगाओं को निलंबित कर दिया है। मेडिकल जांच में हाथ टूटा पाए जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
यह मामला किरावली के मिढ़ाकुर चौकी क्षेत्र के नानपुर गांव का है। पीड़ित बबलू ने बताया कि उनके 15 वर्षीय भतीजे करन का 18 फरवरी की शाम को गांव के ही नाबालिग किशोर कार्तिक से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की। चौकी के दरोगा ने कॉल कर दोनों पक्षों को समझाया।
बबलू ने बताया कि शुक्रवार को करन परीक्षा देकर दोपहर 12:30 बजे घर आया। इसी दौरान चौकी से दरोगा अनुराग और इशांत आ धमके। उन्होंने भतीजे करन और उनके बेटे की शिकायत आने की बात कहकर चौकी चलने के लिए कहा। करन के पिता नरेंद्र कुमार दोनों को अपने साथ चौकी लेकर गए। चौकी पर दूसरे पक्ष के लोगों को भी बुला लिया गया।
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आरोप है कि दूसरे पक्ष ने रोहित के विवाद के समय न होने का बयान दिया। इसके बाद दोनों दरोगाओं ने रोहित को उनके सुपुर्द कर दिया। करन को पूछताछ के बाद डेढ़ घंटे में छोड़ने की बात कहकर उसके पिता को घर भेज दिया। बेटे को छोड़कर जब पिता दोबारा चौकी पहुंचे तो उनसे करन को छोड़ने के लिए 10 हजार रुपयों की मांग की गई।
असमर्थता जताने पर दरोगा इशांत ने भतीजे को शाम तक छोड़ने की बात कहकर उन्हें भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के सामने ही भतीजे को बांधकर पीटा गया। पट्टों और डंडों से पिटाई के कारण भतीजे के हाथ पर तेज चोट लगी। शाम 7:30 बजे के करीब उनसे लिखवाकर भतीजे को छोड़ दिया गया। रात भर भतीजा दर्द से कराहता रहा।
शनिवार सुबह जब डॉक्टर को दिखाया गया तो उसके सीधे हाथ में फ्रैक्चर निकला। पीड़ित छात्र करन के ताऊ बबलू ने बताया कि भतीजे का हाथ टूटने से अब वह सोमवार को परीक्षा नहीं दे पाएगा। वह शनिवार दोपहर डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार से शिकायत करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि, वीआईपी ड्यूटी के कारण वह नहीं मिल सके। वह गांव लौट आए। मीडिया को जानकारी होने के बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा।
प्रारंभिक जांच में हुई पुष्टि
मामला संज्ञान में आने पर एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों दरोगाओं को निलंबित किया गया है। रविवार को छात्र का मेडिकल कराया जाएगा। पिटाई की पुष्टि होने पर परिजन से तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
- आदित्य कुमार ,डीसीपी वेस्ट
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दिसंबर में युवक के तोड़े थे पैर
इससे पहले दिसंबर माह में करहरा गांव के राजू पंडित केे पैर तोड़ने का मामला सामने आया था। इसमें भी थर्ड डिग्री देने के आरोप पुलिस पर लगे थे। कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी पीड़ित पक्ष अब तक कार्रवाई की मांग करते हुए भटक रहा है।
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यह मामला किरावली के मिढ़ाकुर चौकी क्षेत्र के नानपुर गांव का है। पीड़ित बबलू ने बताया कि उनके 15 वर्षीय भतीजे करन का 18 फरवरी की शाम को गांव के ही नाबालिग किशोर कार्तिक से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की। चौकी के दरोगा ने कॉल कर दोनों पक्षों को समझाया।
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बबलू ने बताया कि शुक्रवार को करन परीक्षा देकर दोपहर 12:30 बजे घर आया। इसी दौरान चौकी से दरोगा अनुराग और इशांत आ धमके। उन्होंने भतीजे करन और उनके बेटे की शिकायत आने की बात कहकर चौकी चलने के लिए कहा। करन के पिता नरेंद्र कुमार दोनों को अपने साथ चौकी लेकर गए। चौकी पर दूसरे पक्ष के लोगों को भी बुला लिया गया।
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आरोप है कि दूसरे पक्ष ने रोहित के विवाद के समय न होने का बयान दिया। इसके बाद दोनों दरोगाओं ने रोहित को उनके सुपुर्द कर दिया। करन को पूछताछ के बाद डेढ़ घंटे में छोड़ने की बात कहकर उसके पिता को घर भेज दिया। बेटे को छोड़कर जब पिता दोबारा चौकी पहुंचे तो उनसे करन को छोड़ने के लिए 10 हजार रुपयों की मांग की गई।
असमर्थता जताने पर दरोगा इशांत ने भतीजे को शाम तक छोड़ने की बात कहकर उन्हें भेज दिया। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के सामने ही भतीजे को बांधकर पीटा गया। पट्टों और डंडों से पिटाई के कारण भतीजे के हाथ पर तेज चोट लगी। शाम 7:30 बजे के करीब उनसे लिखवाकर भतीजे को छोड़ दिया गया। रात भर भतीजा दर्द से कराहता रहा।
शनिवार सुबह जब डॉक्टर को दिखाया गया तो उसके सीधे हाथ में फ्रैक्चर निकला। पीड़ित छात्र करन के ताऊ बबलू ने बताया कि भतीजे का हाथ टूटने से अब वह सोमवार को परीक्षा नहीं दे पाएगा। वह शनिवार दोपहर डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार से शिकायत करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि, वीआईपी ड्यूटी के कारण वह नहीं मिल सके। वह गांव लौट आए। मीडिया को जानकारी होने के बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा।
प्रारंभिक जांच में हुई पुष्टि
मामला संज्ञान में आने पर एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर दोनों दरोगाओं को निलंबित किया गया है। रविवार को छात्र का मेडिकल कराया जाएगा। पिटाई की पुष्टि होने पर परिजन से तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
- आदित्य कुमार ,डीसीपी वेस्ट
दिसंबर में युवक के तोड़े थे पैर
इससे पहले दिसंबर माह में करहरा गांव के राजू पंडित केे पैर तोड़ने का मामला सामने आया था। इसमें भी थर्ड डिग्री देने के आरोप पुलिस पर लगे थे। कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी पीड़ित पक्ष अब तक कार्रवाई की मांग करते हुए भटक रहा है।