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आलू और चावल खाने के बाद पिया दूध: आखिर कैसे हुई फूड पॉइजनिंग, दो मासूमों की मौत; अस्पताल में भर्ती पूरा परिवार
Wed, 14 Oct 2026 08:29 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 14 Oct 2026 08:29 AM IST
सार
आगरा में आलू-चावल खाने के बाद दूध पीने से एक ही परिवार के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दो मासूमों की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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अस्पताल में भर्ती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना किरावली कस्बे के वार्ड नंबर 10 में फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित परिवार में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि दंपती समेत तीन लोगों का उपचार चल रहा है। इस परिवार ने रात को आलू चावल खाए थे, उसके बाद दूध पिया था। सुबह पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ गई। आखिर वजह क्या रही। इसके पीछे के कारण क्या हैं। इस बारे में सीएमओ ने पूरी जानकारी दी। वहीं बता दें आगरा मंडल में दूषित खान-पान से सेहत बिगड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले भी फूड पॉइजनिंग के कई मामले हो चुके हैं।
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केस 1:
सितंबर 2026 : आगरा-ग्वालियर रोड स्थित बाद गांव में एक ही परिवार के सात लोग विषाक्त भोजन का शिकार हो गए। पीड़ित दरियाव सिंह के परिवार ने रात करीब आठ बजे घर में बनी दाल, रोटी और मिर्च का सेवन किया था। देर रात अचानक परिवार के सदस्यों को उल्टी, पेचिश और तेज बुखार होने लगा। बिगड़ी हालत को देखते हुए दरियाव सिंह, मुन्नी देवी, प्रीति देवी, विमलेश, रजनी कुमारी, जतिन और सौरभ को तुरंत शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सितंबर 2026 : आगरा-ग्वालियर रोड स्थित बाद गांव में एक ही परिवार के सात लोग विषाक्त भोजन का शिकार हो गए। पीड़ित दरियाव सिंह के परिवार ने रात करीब आठ बजे घर में बनी दाल, रोटी और मिर्च का सेवन किया था। देर रात अचानक परिवार के सदस्यों को उल्टी, पेचिश और तेज बुखार होने लगा। बिगड़ी हालत को देखते हुए दरियाव सिंह, मुन्नी देवी, प्रीति देवी, विमलेश, रजनी कुमारी, जतिन और सौरभ को तुरंत शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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केस 2:
21 अगस्त 2026: मथुरा जिले के कोसीकलां स्थित कोटवन चौकी के समीप शिवा ढाबे के पास गंभीर घटना घटी। यहां भेड़ चराने वाले चरवाहों ने ठंडी कोल्ड ड्रिंक (फ्रूटी) पी ली, जिसके तुरंत बाद 7 भेड़ चरवाहे (कुइयाराम, राजाराम, सैलाराम, पैमाराम, महाराजी, लागूराम और खंगार) अचेत होकर गिर पड़े। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को आपातकालीन उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
21 अगस्त 2026: मथुरा जिले के कोसीकलां स्थित कोटवन चौकी के समीप शिवा ढाबे के पास गंभीर घटना घटी। यहां भेड़ चराने वाले चरवाहों ने ठंडी कोल्ड ड्रिंक (फ्रूटी) पी ली, जिसके तुरंत बाद 7 भेड़ चरवाहे (कुइयाराम, राजाराम, सैलाराम, पैमाराम, महाराजी, लागूराम और खंगार) अचेत होकर गिर पड़े। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को आपातकालीन उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि किरावली में फूड पॉइजनिंग की जानकारी मिलने के बाद जांच करने के लिए टीम भेजी गई थी, लेकिन उनके घर पर ताला लगा मिला है। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दो दिन पहले घर में बनी सामग्री खाने से बीमार हो गए थे। पुलिस ने खाद्य सामग्री की फोरेंसिक जांच के लिए नमूने भेजे हैं। वहीं सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि किरावली कस्बे के एक घर में फूड पॉइजनिंग से बीमार होने की जानकारी पर स्वास्थ्य की टीम भेजी थी। मरीज आगरा से बाहर इलाज करने के लिए गए हैं।
फूड पॉइजनिंग के मुख्य लक्षण
-बार-बार उल्टी आना या उल्टी जैसा महसूस होना।
-पानी जैसे या बार-बार दस्त होना, जिसमें कभी-कभी खून भी आ सकता है।
- पेट के निचले हिस्से में तेज मरोड़ या दर्द होना। - शरीर का तापमान बढ़ जाना और ठंड लगना।- शरीर में कमजोरी और बहुत ज्यादा थकावट होना।
-बार-बार उल्टी आना या उल्टी जैसा महसूस होना।
-पानी जैसे या बार-बार दस्त होना, जिसमें कभी-कभी खून भी आ सकता है।
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डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण
बहुत ज्यादा प्यास लगना मुंह सूखना
पेशाब बहुत कम आना या गहरे रंग का आना चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
बहुत ज्यादा प्यास लगना मुंह सूखना
पेशाब बहुत कम आना या गहरे रंग का आना चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
डॉक्टर से कब संपर्क करें
दस्त 3 दिन से ज्यादा समय तक रहें। उल्टी की वजह से कुछ भी तरल पदार्थ अंदर न टिक रहा हो। मल में खून आए। तेज बुखार (102 डिग्री फारेनहाइट से अधिक) हो।
दस्त 3 दिन से ज्यादा समय तक रहें। उल्टी की वजह से कुछ भी तरल पदार्थ अंदर न टिक रहा हो। मल में खून आए। तेज बुखार (102 डिग्री फारेनहाइट से अधिक) हो।