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आगरा: दुकान पर कब्जे के विवाद में हुई थी अधिवक्ता के पिता की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
Sat, 06 Nov 2021 03:54 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 06 Nov 2021 03:54 PM IST
सार
शाहगंज के ग्यासपुरा निवासी राम बहादुर मुद्गल की मंगलवार की शाम को घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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लाल घेरे में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के शाहगंज क्षेत्र के भोगीपुरा में अधिवक्ता महान मुद्गल के पिता राम बहादुर मुद्गल की हत्या में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनमें एक आरोपी मृतक का भतीजा शिवांशु उर्फ शिवांक मुद्गल और दूसरा आरोपी चचेरा भाई तारकेश्वर मुद्गल हैं। पुलिस का कहना है कि शिवांशु ने ही राम बहादुर को गोली मारी थी। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कर ली है। हत्याकांड के पीछे पुश्तैनी दुकानों पर कब्जे का विवाद है।
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दो नवंबर की शाम को भोगीपुरा में राम बहादुर मुद्गल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के बेटे महान मुद्गल ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें 11 लोगों को नामजद किया गया। उन्होंने कहा था कि दो बाइक पर शिवांशु मुद्गल, तारकेश्वर मुद्गल, प्रशांत पचौरी और सैय्यद उर्फ शानू आए थे। वहां पहले से राहुल पचौरी, विकास पचौरी और रेखा मौजूद थे। इन सभी ने एक साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया। षड्यंत्र में अन्य लोग शामिल थे। हत्याकांड के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
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आगरा: अधिवक्ता के पिता की गोली मारकर हत्या से सनसनी, परिवार में मचा कोहराम
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित और थाना शाहगंज पुलिस को लगाया गया था। शनिवार को शाहगंज से हत्यारोपी शिवांशु मुद्गल और तारकेश्वर उर्फ विष्णु को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से एक पिस्टल, एक तमंचा और चार कारतूस बरामद किए गए। पिस्टल से ही गोली चलाई गई थी। गोली शिवांशुने ही अपने ताऊ को मारी थीं।
एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन से पुलिस लगी थी। इसके बाद सफलता मिली। पुलिस टीम दिवाली पर भी दबिश दे रही थी। पुलिस टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। इस हत्याकांड में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चाहें फिर वो मुकदमे में नामजद हो या नहीं। इसके लिए सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
पूछताछ में शिवांशु बोला, दुकानों पर कब्जे से परेशान होकर की घटना
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में शिवांशु ने बताया कि रामबहादुर उनके ताऊ थे। रामबहादुर और उनके परिजनों ने भोगीपुरा स्थित उनकी दुकानों पर कब्जा कर लिया था। इस बात को लेकर कई बार विवाद हुआ था। दीवानी परिसर में भी महान से उनकी कहासुनी हुई थी। दूसरे चाचा तारकेश्वर की दुकानों पर भी कब्जा जमा लिया था। पुलिस से शिकायत की। मुकदमे दर्ज कराए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इससे परेशान होकर ही घटना की।
'मेरी जान को खतरा, नहीं मिल रही सुरक्षा'
पुलिस के खुलासे के बाद महान मुद्गल ने कहा कि आरोपी उनकी दुकानों पर जबरन कब्जा जमाना चाहते हैं। दुकानें उनकी पुश्तैनी जमीन पर बनी हैं। दुकानों पर कब्जे के लिए सैय्यद उर्फशानू मदद कर रहा है। उस पर कुछ लोगों का हाथ है। उसने दुकानों के फर्जी कागजात तैयार करा दिए हैं। किरायेदारी की फर्जी रसीद भी आरोपी काट रहे हैं। दुकानें वक्फ बोर्ड की जमीन पर दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। मगर, आरोपी उनकी पैरवी की वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
हत्यारोपियों के निशाने पर वो थे। पिता भूसे की टाल पर बैठे थे। संयोग से वह दूर चले गए थे। इस पर पिता की हत्या कर दी। शिवांशु मुद्गल उनका चचेरा भाई है। वह ताजगंज क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार से हथियार लेकर आया था। नामजद आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पूरी घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस गहनता से जांच करे तो सब कुछ सामने आ सकता है। कॉल डिटेल भी खंगाली जाए। पुलिस ने अभी सभी आरोपी नहीं पकड़े हैं। ऐसे में उनकी और परिवार की जान को खतरा है। दो दिन पुलिस घर के बाहर रही थी। इसके बाद पुलिस फोर्स हटा ली गई। इस कारण वो घर से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं।
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में शिवांशु ने बताया कि रामबहादुर उनके ताऊ थे। रामबहादुर और उनके परिजनों ने भोगीपुरा स्थित उनकी दुकानों पर कब्जा कर लिया था। इस बात को लेकर कई बार विवाद हुआ था। दीवानी परिसर में भी महान से उनकी कहासुनी हुई थी। दूसरे चाचा तारकेश्वर की दुकानों पर भी कब्जा जमा लिया था। पुलिस से शिकायत की। मुकदमे दर्ज कराए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इससे परेशान होकर ही घटना की।
'मेरी जान को खतरा, नहीं मिल रही सुरक्षा'
पुलिस के खुलासे के बाद महान मुद्गल ने कहा कि आरोपी उनकी दुकानों पर जबरन कब्जा जमाना चाहते हैं। दुकानें उनकी पुश्तैनी जमीन पर बनी हैं। दुकानों पर कब्जे के लिए सैय्यद उर्फशानू मदद कर रहा है। उस पर कुछ लोगों का हाथ है। उसने दुकानों के फर्जी कागजात तैयार करा दिए हैं। किरायेदारी की फर्जी रसीद भी आरोपी काट रहे हैं। दुकानें वक्फ बोर्ड की जमीन पर दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। मगर, आरोपी उनकी पैरवी की वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
हत्यारोपियों के निशाने पर वो थे। पिता भूसे की टाल पर बैठे थे। संयोग से वह दूर चले गए थे। इस पर पिता की हत्या कर दी। शिवांशु मुद्गल उनका चचेरा भाई है। वह ताजगंज क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार से हथियार लेकर आया था। नामजद आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पूरी घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस गहनता से जांच करे तो सब कुछ सामने आ सकता है। कॉल डिटेल भी खंगाली जाए। पुलिस ने अभी सभी आरोपी नहीं पकड़े हैं। ऐसे में उनकी और परिवार की जान को खतरा है। दो दिन पुलिस घर के बाहर रही थी। इसके बाद पुलिस फोर्स हटा ली गई। इस कारण वो घर से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं।