फिरोजाबाद: एचडीएफसी बैंक के फील्ड ऑफिसर की हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार, एक है नाबालिग
फिरोजाबाद में एचडीएफसी बैंक के फील्ड ऑफिसर की हत्या लूट के इरादे से की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया है। इनमें एक आरोपी नााबालिग है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिरोजाबाद में एचडीएफसी बैंक के फील्ड ऑफिसर शिवम शर्मा की हत्या का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक नाबालिग है। दोनों बदमाश बाइक पर सवार थे। शिवम की बाइक लूटने के लिए बदमाशों ने उसे रोकने के लिए आवाज लगाई थी, लेकिन शिवम के न रुकने पर बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने गोली चलाई थी। जो शिवम के कंधे में लगी और उसकी मौत हो गई।
एसपी देहात डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि थाना बसई मोहम्मदपुर के गांव आनंदीपुर फतेहपुर निवासी बैंक कर्मचारी शिवम की बदमाशों ने 21 फरवरी की रात को गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिवम बाइक से बैंक से घर जा रहा था। शिवम के पिता रामनिवास की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे को पांच टीमों का गठन किया गया था।
आरोपी के पास से तमंचा बरामद
शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर सोफीपुर दरगाह के पास से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। एक बदमाश नाबालिग है। जबकि दूसरा बदमाश रसूलपुर गली नंबर सात निवासी अरुण है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए बदमाश अरुण ने शिवम की हत्या किए जाने की बात स्वीकार कर ली। बदमाश के पास से पुलिस ने एक तमंचा 315 बोर, घटना में प्रयोग की गई बाइक बरामद की गई। बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
जाटवपुरी चौराहा से किया था पीछा
पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाश अरुण ने बताया कि वह अपने बुआ के बेटे (नाबालिग) के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए घर से निकला था। बाइक बुआ का बेटा चला रहा था। वह पीछे बैठा था। शिवम की बाइक लूटने के लिए उन्होंने जाटवपुरी चौराहा से पीछा शुरू किया। खंजापुर स्थित ईट भट्टे के पास उन्होंने शिवम को रोकने को आवाज लगाई।
शिवम के न रुकने पर अरुण ने गोली चला दी। शिवम को गोली मारने के बाद वह करीब तीन किलोमीटर आगे तक गए। वहां से वापस लौटे तो देखा घटनास्थल पर पांच छह बाइक खड़ी हैं और भीड़ भी थी। इस लिए घटनास्थल पर न रुककर सीधे घर आ गए। अरुण और उसकी बुआ के बेटे पर तीन-तीन मुकदमे दर्ज हैं। एक मुकदमा थाना टूंडला में दर्ज है। जबकि दो मुकदमे दक्षिण थाने में दर्ज हैं।