Agra: फर्जी निकली सराफ से सोने की लूट की खबर, बोला-कर्ज से परेशान था, इसलिए खुद ही रच डाली कहानी
आगरा में सराफ से लूट की घटना की खबर पुलिस जांच में फर्जी निकली। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सराफ ने पूरी कहानी बता दी। पुलिस ने उसे दोबारा ऐसा न करने की हिदायत देकर छोड़ दिया है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में हरीपर्वत थाना क्षेत्र में सेंट पीटर्स मार्ग पर सराफ से 60 ग्राम सोने के जेवरात लूटने की सूचना फर्जी निकली। पुलिस का दावा है कि सराफ ने कर्ज होने पर झूठी कहानी बनाई थी। दो दिन बाद पुलिस के पास पहुंचा था। पुलिस के सवालों में उलझकर सच बोल दिया। माफी मांगने पर सराफ को हिदायत देकर छोड़ा गया है।
पश्चिमपुरी क्षेत्र के रहने वाले मुकुल गोयल का किनारी बाजार में सोने चांदी के जेवरात का व्यापार है। उन्होंने 20 मार्च को थाना हरीपर्वत में तहरीर दी थी। बताया कि वह 18 मार्च को स्कूटर से घर जा रहे थे। सेंट पीटर्स कॉलेज मार्ग पर बाइक सवार चार बदमाशों ने रोका। शोर मचाने पर तमंचा तान दिया। इसके बाद एक ने रुमाल सुंघा दिया। इससे उन्हें होश नहीं रहा। बदमाश स्कूटर की डिकी को खोलकर 60 ग्राम सोने के जेवरात ले गए। वह बिना पुलिस सूचना के घर चले गए। घर पहुंचने पर परिजन और परिचितों ने पुलिस से शिकायत करने के लिए कहा। वो दो दिन बाद पुलिस के पास पहुंचे।
पुलिस जांच में हुआ खुलासा
मामले में थाना प्रभारी अरविंद कुमार और उनकी टीम ने पड़ताल की। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए गए। इसमें व्यापारी कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद टीम ने व्यापारी के दुकान से आने वाले रूट को चेक किया। इसमें कई जानकारी मिली। व्यापारी दुकान से निकलने के बाद कहीं रुका नहीं था। वह सीधे घर पहुंचा था। घटना का जो समय बताया, इस समय पर वो घर में मौजूद था। घटना सेंट पीटर्स मार्ग की बताई थी, लेकिन वो इस मार्ग पर गया नहीं। सीधे एमजी रोड से घर की तरफ गया था।
कर्ज वापस मांगने को आए दिन लोग आते थे घर
इस बारे में व्यापारी से पूछा। वो सीधा जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। इस पर उसने सच बोल दिया। डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि लूट की सूचना फर्जी निकली है। सराफ पर 3.5 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। लोग घर के चक्कर काट रहे थे। इस पर वो सूचना देने थाने आए। उन्हें लग रहा था कि पुलिस से शिकायत करने पर लोग कुछ नहीं कहेंगे। कुछ दिन तक परेशान नहीं किया जाएगा। सराफ ने माफी मांग ली। इस पर उसे छोड़ दिया गया। भविष्य में कभी झूठी सूचना देने पर कार्रवाई की हिदायत दी गई है।