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कासगंज: कवि डॉ. कुमार विश्वास के राजापुर को तुलसी जन्मभूमि बताने पर तीर्थनगरी के लोगों में नाराजगी
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तुलसीदास की जन्मस्थली को लेकर डॉ. कुमार विश्वास का ट्वीट।
- फोटो : KASGANJ
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सोरोंजी (कासगंज)। कवि डॉ. कुमार विश्वास ने बुधवार को ट्विटर व फेसबुक पर पोस्ट की है। इसमें राजापुर को तुलसी की जन्मभूमि बताया गया है। इस पर तीर्थनगरी के लोगों ने नाराजगी जताई है। इन्होंने सोरोंजी को ही तुलसी जन्म स्थली बताया है।
कवि डॉ. कवि कुमार विश्वास ने पोस्ट में राजापुर को तुलसी बाबा का घर मंदिर व यमुना किनारे गांव महेवा को मां रत्नावली का गांव बताते हुए लिखा कि चित्रकूट सब दिन बसत, प्रभु सिय लखन समेत, राम नाम जप जाप कहि, तुलसी अभिमत देत, जमना जी के इस किनारे मां रत्नावली के गांव महेवा घाट के तट पर लगी जीवन नैया और जमना जी के उस किनारे राजापुर में मेरे बाबा तुलसी का घर मंदिर, बादलों की स्तुति को स्वीकारता चित्रकूट मंडल का परिवेश।
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अखंड आर्यावर्त संघ अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि तुलसीदास ने स्वयं रामचरितमानस में लिखा है कि मैं पुनि निज सन सुनी कथा सो सूकरखेत, समुझी नहिं तस बालपन तब अति रहेउ अचेत। वराह पुराण के मुताबिक पूरे भारत में सूकरखेत सिर्फ गंगा तीरे स्थित है, राजापुर तो यमुना किनारे स्थित है, ऐसे में वहां सूकरखेत होने पर ही प्रश्न खड़ा होता है। भागीरथी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पवन उपाध्याय ने कहा कि सूकरखेत में तुलसी गर्भ गृह, तुलसी के गुरु नरहरि की पाठशाला, बदरिया में रत्नावली का मायका आदि अकाट्य प्रमाण हैं। ऐसे में कुमार विश्वास द्वारा आधी अधूरी जानकारी हासिल कर राजापुर को तुलसी जन्मभूमि बताना उनकी विद्वता पर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
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डॉ. अनुराग दुबे, शरद पांडेय, आकाश महेरे, विनय कुमार, राधेश्याम वशिष्ठ, मोनू तिवारी, एनडी तिवारी, रोहित देवल आदि ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कुमार विश्वास को रिप्लाई कर तुलसी जन्मभूमि सोरों सूकर क्षेत्र को बताते हुए प्रतिक्रिया दी है।
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कवि डॉ. कवि कुमार विश्वास ने पोस्ट में राजापुर को तुलसी बाबा का घर मंदिर व यमुना किनारे गांव महेवा को मां रत्नावली का गांव बताते हुए लिखा कि चित्रकूट सब दिन बसत, प्रभु सिय लखन समेत, राम नाम जप जाप कहि, तुलसी अभिमत देत, जमना जी के इस किनारे मां रत्नावली के गांव महेवा घाट के तट पर लगी जीवन नैया और जमना जी के उस किनारे राजापुर में मेरे बाबा तुलसी का घर मंदिर, बादलों की स्तुति को स्वीकारता चित्रकूट मंडल का परिवेश।
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इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अखंड आर्यावर्त संघ अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि तुलसीदास ने स्वयं रामचरितमानस में लिखा है कि मैं पुनि निज सन सुनी कथा सो सूकरखेत, समुझी नहिं तस बालपन तब अति रहेउ अचेत। वराह पुराण के मुताबिक पूरे भारत में सूकरखेत सिर्फ गंगा तीरे स्थित है, राजापुर तो यमुना किनारे स्थित है, ऐसे में वहां सूकरखेत होने पर ही प्रश्न खड़ा होता है। भागीरथी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पवन उपाध्याय ने कहा कि सूकरखेत में तुलसी गर्भ गृह, तुलसी के गुरु नरहरि की पाठशाला, बदरिया में रत्नावली का मायका आदि अकाट्य प्रमाण हैं। ऐसे में कुमार विश्वास द्वारा आधी अधूरी जानकारी हासिल कर राजापुर को तुलसी जन्मभूमि बताना उनकी विद्वता पर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
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डॉ. अनुराग दुबे, शरद पांडेय, आकाश महेरे, विनय कुमार, राधेश्याम वशिष्ठ, मोनू तिवारी, एनडी तिवारी, रोहित देवल आदि ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कुमार विश्वास को रिप्लाई कर तुलसी जन्मभूमि सोरों सूकर क्षेत्र को बताते हुए प्रतिक्रिया दी है।