{"_id":"5776d1a14f1c1bd34979b0ff","slug":"treatment-as-family-doctors-cabinet-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘फैमिली डाक्टर बन कर करें इलाज’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘फैमिली डाक्टर बन कर करें इलाज’
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 02 Jul 2016 01:55 AM IST
विज्ञापन
डाक्टर्स डे पर केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन समेत चार डाक्टरों को दिया धनवंतरि अवार्ड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगा इलाज, डाक्टरों के साथ हिंसा की घटनाओं पर नेशनल मेडिको आर्गनाइजेशन (एनएमओ) से चिंता जताई। इससे निपटने को डाक्टरर्स डे पर मरीज-डाक्टर के बीच रिश्तों की मजबूती के लिए एनएमओ ने बड़ा संदेश दिया। आओ बनाएं आदर्श अवधारणा का नारा देते हुए फैमिली डाक्टर की परंपरा को जीवंत करने पर जोर दिया। तर्क दिया कि इलाज फैमिली डाक्टर बन किया जाए तो काफी समस्या का समाधान हो जाए। आगरा कालेज में एसएन मेडिकल कालेज के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुति दीं। यहीं संस्था ने चरक शपथ दिलाते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय विज्ञान, तकनीकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन, आदिवासी क्षेत्रों में सेवारत डा. मुकुल भाटिया, डा. अनुज सिंघल और फिजीशियन डा. वीरेंद्र खंडेलवाल को धनवंतरि अवार्ड से नवाजा। मरीजों की बेहतर सेवाभाव के लिए एसएन के जूनियर डाक्टर समेत 20 चिकित्सक भी सम्मानित हुए। आदिवासी क्षेत्रों में कार्य करने वाले डाक्टरों ने वहां के अनुभव भी बताए। मुख्य अतिथि डा. हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्र और समाज सेवा करना युवा साथियों का लक्ष्य होना चाहिए। असल मायने में सफल डाक्टर वही, जो जनसेवा-स्वास्थ्य जागरूकता के लिए तत्पर रहे। संस्था अध्यक्ष डा. अरुण चतुर्वेदी ने सभी का आभार जताया। मुख्य अतिथि ने मेडिकल और विज्ञान तकनीकी विषय पर लिखी पुस्तक वरिष्ठ चिकित्सक डा. वीएल लाहिरी को भेंट की। कार्यक्रम में एसएन कालेज के प्राचार्य डा. एसके गर्ग, आगरा कालेज के प्राचार्य डा. मनोज रावत, डा. अनुपम गुप्ता, डा. एसके कालरा, डा. योगेश दीक्षित, डा. वनज माथुर, डा. राजकुमार गुप्ता, डा. मुनीश्वर गुप्ता, डा. अरविंद गुप्ता, डा. सरोज सिंह, डा. अंकुर गोयल आदि रहे।
एंटीबायोटिक दवाओं का डोज कम करने पर जोर
- आगरा डायबिटीज फोरम के सचिव डा. सुनील बंसल ने एनएमओ के दस सूत्रीय कार्यक्रम के बारे में बताया। इसमें एंटीबायोटिक दवाओं के कम डोज और जरूरत पर ही लिखने, पर्चे पर केपिटल लेटर में दवाएं और इनको खाने की विधि हिंदी में लिखने, पर्चे पर सोशल मैसेज लिखने, इमरजेंसी में हास्पिटल-संपर्क करने के लिए नंबर लिखने जैसे दस बिंदुओं पर प्रकाश डाला। बताया कि संस्था आगामी समय में इन बिंदुओं को क्रियान्वयन करने पर जोर देगी।
हर्षवर्धन बोले, लक्ष्य से भटक गई आइएमए
डा. हर्षवर्धन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बारे में कहा कि यह लक्ष्य से भटक गई है। सही दिशा में कार्य नहीं हो रहा है।
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिया ज्ञापन
रिवर कनेक्ट अभियान के तहत डा. देवाशीष भट्टाचार्य ने मुख्य अतिथि को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें बैराज बनाने, मूर्ति विसर्जन-पालीथिन फेंकने पर प्रतिबंध, यमुना किनारे अतिक्रमण हटाने, यहां हरित पट्टिका विकसित करने जैसी मांगे रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एंटीबायोटिक दवाओं का डोज कम करने पर जोर
- आगरा डायबिटीज फोरम के सचिव डा. सुनील बंसल ने एनएमओ के दस सूत्रीय कार्यक्रम के बारे में बताया। इसमें एंटीबायोटिक दवाओं के कम डोज और जरूरत पर ही लिखने, पर्चे पर केपिटल लेटर में दवाएं और इनको खाने की विधि हिंदी में लिखने, पर्चे पर सोशल मैसेज लिखने, इमरजेंसी में हास्पिटल-संपर्क करने के लिए नंबर लिखने जैसे दस बिंदुओं पर प्रकाश डाला। बताया कि संस्था आगामी समय में इन बिंदुओं को क्रियान्वयन करने पर जोर देगी।
विज्ञापन
हर्षवर्धन बोले, लक्ष्य से भटक गई आइएमए
डा. हर्षवर्धन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बारे में कहा कि यह लक्ष्य से भटक गई है। सही दिशा में कार्य नहीं हो रहा है।
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिया ज्ञापन
रिवर कनेक्ट अभियान के तहत डा. देवाशीष भट्टाचार्य ने मुख्य अतिथि को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें बैराज बनाने, मूर्ति विसर्जन-पालीथिन फेंकने पर प्रतिबंध, यमुना किनारे अतिक्रमण हटाने, यहां हरित पट्टिका विकसित करने जैसी मांगे रहीं।
विज्ञापन