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अश्लील वीडियो कॉल के जाल में फंसकर ब्लैकमेल हुए लोग, साइबर अपराधियों ने ठगी का निकाला 'नया तरीका'
Fri, 18 Dec 2020 10:31 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 18 Dec 2020 10:31 AM IST
सार
- दरोगा भी फंस गया जाल में
- शिक्षक के बेटे से मांगी रकम
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
साइबर अपराधियों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने का एक और तरीका निकाला है। फेसबुक मैसेंजर से अश्लील वीडियो कॉल करते हैं। इसमें एक तरफ युवती का प्री रिकॉर्डेड वीडियो होती है तो दूसरी तरफ पीड़ित। दोनों के वीडियो को एक मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से कैप्चर करने के बाद ब्लैकमेल करते हैं। वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी जाती है। रेंज साइबर सेल के पास एक महीने में इस तरह के पांच से अधिक मामले आ चुके हैं। पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
केस : 1 - दरोगा भी फंस गया जाल में
आगरा के रहने वाले एक दरोगा के पास इसी तरह वीडियो कॉल आया था। कॉल में एक युवती नजर आ रही थी। युवती की आवाज भी सुनाई दे रही थी। उसने दरोगा से कहा कि वह अपने कपड़े उतार ले। दरोगा ने भी ऐसा कर दिया। बाद में वीडियो कॉल कट गया। कुछ देर बाद उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपने युवती के साथ गलत हरकत की है। इसका हमने वीडियो बना लिया है। यदि बदनाम नहीं होना है तो 50 हजार हमारे खाते में डाल दो। वरना वीडियो को यू ट्यूब और फेसबुक पर डाल दिया जाएगा। इस बारे में दरोगा ने साइबर सेल की मदद मांगी। लेकिन, लिखित में कोई शिकायत नहीं की।
केस : 2 : शिक्षक के बेटे से मांगी रकम
शहर के रहने वाले एक शिक्षक का बेटा अक्सर फेसबुक पर दोस्त बनाता था। उसके पास एक युवती की आईडी से दोस्त बनने के लिए निवेदन किया गया। उसने निवेदन स्वीकार कर लिया। इसके बाद मैसेंजर पर बात होने लगी। ढाई महीने पहले युवती की आईडी से वीडियो कॉल आया। कॉल में युवती नजर आ रही थी। वीडियो अश्लील था। यह देखकर युवक जाल में फंस गया। इस दौरान उसका भी वीडियो बना लिया गया। इसके बाद उसे कॉल करके 15 हजार रुपये की मांग की गई। युवक ने किसी तरह कुछ रकम का इंतजाम करके जमा कर दी। लेकिन, उसके पिता को पता चल गया। उन्होंने साइबर सेल से मदद मांगी। इस पर बाकी रकम बच गई।
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केस : 1 - दरोगा भी फंस गया जाल में
आगरा के रहने वाले एक दरोगा के पास इसी तरह वीडियो कॉल आया था। कॉल में एक युवती नजर आ रही थी। युवती की आवाज भी सुनाई दे रही थी। उसने दरोगा से कहा कि वह अपने कपड़े उतार ले। दरोगा ने भी ऐसा कर दिया। बाद में वीडियो कॉल कट गया। कुछ देर बाद उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपने युवती के साथ गलत हरकत की है। इसका हमने वीडियो बना लिया है। यदि बदनाम नहीं होना है तो 50 हजार हमारे खाते में डाल दो। वरना वीडियो को यू ट्यूब और फेसबुक पर डाल दिया जाएगा। इस बारे में दरोगा ने साइबर सेल की मदद मांगी। लेकिन, लिखित में कोई शिकायत नहीं की।
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केस : 2 : शिक्षक के बेटे से मांगी रकम
शहर के रहने वाले एक शिक्षक का बेटा अक्सर फेसबुक पर दोस्त बनाता था। उसके पास एक युवती की आईडी से दोस्त बनने के लिए निवेदन किया गया। उसने निवेदन स्वीकार कर लिया। इसके बाद मैसेंजर पर बात होने लगी। ढाई महीने पहले युवती की आईडी से वीडियो कॉल आया। कॉल में युवती नजर आ रही थी। वीडियो अश्लील था। यह देखकर युवक जाल में फंस गया। इस दौरान उसका भी वीडियो बना लिया गया। इसके बाद उसे कॉल करके 15 हजार रुपये की मांग की गई। युवक ने किसी तरह कुछ रकम का इंतजाम करके जमा कर दी। लेकिन, उसके पिता को पता चल गया। उन्होंने साइबर सेल से मदद मांगी। इस पर बाकी रकम बच गई।
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मोबाइल की आईडी उड़ीसा की, लोकेशन मथुरा की आ रही
रेंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक शैलेष सिंह ने बताया कि इस तरह के मामले आए हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि लोगों को जिन नंबरों से कॉल किए गए, उनकी आईडी उड़ीसा की लगाई गई थी। लेकिन, कॉल करने वाले की लोकेशन हरियाणा के मेवात की आ रही थी। पुलिस को आशंका है कि वारदात करने वाले मथुरा के मेवात का गैंग हैं।
रिसीव न करें अंजान लोगों के वीडियो कॉल
रेंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक शैलेष सिंह ने बताया कि अंजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि, कोई जानने वाला होगा तो कॉल सामान्य भी किया जा सकता है। यदि कोई रुपयों की मांग करे तो नहीं देने चाहिए। गैंग सिर्फ लोगों को धमकी देते हैं। यदि, ऐसा वीडियो कॉल रिसीव हो भी जाए तो तुरंत डिस्कनेक्ट कर दें, जिससे लोगों का वीडियो कैप्चर नहीं हो सकेगा। पुलिस की मदद लें।
रेंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक शैलेष सिंह ने बताया कि इस तरह के मामले आए हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि लोगों को जिन नंबरों से कॉल किए गए, उनकी आईडी उड़ीसा की लगाई गई थी। लेकिन, कॉल करने वाले की लोकेशन हरियाणा के मेवात की आ रही थी। पुलिस को आशंका है कि वारदात करने वाले मथुरा के मेवात का गैंग हैं।
रिसीव न करें अंजान लोगों के वीडियो कॉल
रेंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक शैलेष सिंह ने बताया कि अंजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि, कोई जानने वाला होगा तो कॉल सामान्य भी किया जा सकता है। यदि कोई रुपयों की मांग करे तो नहीं देने चाहिए। गैंग सिर्फ लोगों को धमकी देते हैं। यदि, ऐसा वीडियो कॉल रिसीव हो भी जाए तो तुरंत डिस्कनेक्ट कर दें, जिससे लोगों का वीडियो कैप्चर नहीं हो सकेगा। पुलिस की मदद लें।