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बरेली सिटी से कासगंज के बीच इलैक्ट्रिक इंजन से हुआ ट्रायल
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कासगंज। कासगंज-बरेली सिटी के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद रविवार को इलैक्ट्रिक इंजन से गति परीक्षण किया। सफलतापूर्वक इलैक्ट्रिक इंजन निरीक्षण वैगन लेकर कासगंज तक पहुंचा। 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रैक पर परीक्षण किया गया।
कासगंज-बरेली के बीच रेललाइन विद्युतीकरण का काम बमियाना तक तो काफी पहले ही पूरा हो गया था। कुछ दिनों पहले बरेली सिटी तक भी पूरा हो गया। अब कार्यदायी संस्था ने बरेली सिटी से कासगंज जंक्शन के बीच इलेक्ट्रिक इंजन के टॉवर वैगन से गति परीक्षण किया। सुबह 11 बजे बरेली सिटी से परीक्षण शुरू हुआ। दोपहर 1 बजे कासगंज जंक्शन पर सफलतापूर्वक परीक्षण हो गया। परीक्षण की रिपोर्ट कार्यदायी संस्था ने रेलवे के उच्चाधिकारियों को दे दी है।
एनआर पर टिका है ट्रेनों का संचालन
संस्था ने तो गति परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया, लेकिन ट्रेन दौड़ाने को झंडी सीआरएस देंगे। पूर्वोत्तर रेलवे की हद बरेली सिटी से कासगंज के बीच है। जबकि रामगंगा ब्रिज उत्तर रेलवे की हद में है। ऐसे में जब तक रामगंगा ब्रिज पर उत्तर रेलवे के सीआरएस विद्युतीकरण का निरीक्षण नहीं कर लेते, तब तक बरेली-कासगंज के बीच पूर्वोत्तर रेलवे के सीआरएस की ट्रेन दौड़ना संभव नहीं होगा। इसलिए उत्तर रेलवे के सीआरएस का निरीक्षण पहले होना जरूरी है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने संभावना जताई है कि 25 जून को उत्तर रेलवे के सीआरएस निरीक्षण कर सकते हैं।
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आंकड़े की नजर से-
- 200 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है विद्युतीकरण का काम।
- 105 किलोमीटर तक बरेली-कासगंज के बीच हुआ गति परीक्षण।
रविवार को इलेक्ट्रिक इंजन के टॉवर वैगन से बरेली-सिटी से कासगंज तक गति परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया गया है। उसकी रिपोर्ट रेलवे के उच्चाधिकारियों को दे दी है।- कृष्णमोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड।
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कासगंज-बरेली के बीच रेललाइन विद्युतीकरण का काम बमियाना तक तो काफी पहले ही पूरा हो गया था। कुछ दिनों पहले बरेली सिटी तक भी पूरा हो गया। अब कार्यदायी संस्था ने बरेली सिटी से कासगंज जंक्शन के बीच इलेक्ट्रिक इंजन के टॉवर वैगन से गति परीक्षण किया। सुबह 11 बजे बरेली सिटी से परीक्षण शुरू हुआ। दोपहर 1 बजे कासगंज जंक्शन पर सफलतापूर्वक परीक्षण हो गया। परीक्षण की रिपोर्ट कार्यदायी संस्था ने रेलवे के उच्चाधिकारियों को दे दी है।
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एनआर पर टिका है ट्रेनों का संचालन
संस्था ने तो गति परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया, लेकिन ट्रेन दौड़ाने को झंडी सीआरएस देंगे। पूर्वोत्तर रेलवे की हद बरेली सिटी से कासगंज के बीच है। जबकि रामगंगा ब्रिज उत्तर रेलवे की हद में है। ऐसे में जब तक रामगंगा ब्रिज पर उत्तर रेलवे के सीआरएस विद्युतीकरण का निरीक्षण नहीं कर लेते, तब तक बरेली-कासगंज के बीच पूर्वोत्तर रेलवे के सीआरएस की ट्रेन दौड़ना संभव नहीं होगा। इसलिए उत्तर रेलवे के सीआरएस का निरीक्षण पहले होना जरूरी है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने संभावना जताई है कि 25 जून को उत्तर रेलवे के सीआरएस निरीक्षण कर सकते हैं।
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आंकड़े की नजर से-
- 200 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है विद्युतीकरण का काम।
- 105 किलोमीटर तक बरेली-कासगंज के बीच हुआ गति परीक्षण।
रविवार को इलेक्ट्रिक इंजन के टॉवर वैगन से बरेली-सिटी से कासगंज तक गति परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया गया है। उसकी रिपोर्ट रेलवे के उच्चाधिकारियों को दे दी है।- कृष्णमोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड।