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Taj Mahal: ताज पर खुद को खतरे में डाल रहे पर्यटक, रेलिंग कमजोर वहीं से ले रहे सेल्फी; एक की हो चुकी है मौत
Tue, 30 May 2023 11:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 30 May 2023 11:13 AM IST
सार
ताजमहल पर लापरवाही से पर्यटक खुद को खतरे में डाल रहे हैं। मुख्य गुंबद के पास जहां रेलिंग कमजोर है, वहां से सेल्फी ले रहे हैं।
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ताजमहल की जर्जर रैलिंग पर बैठे पर्यटक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल की मुख्य गुंबद की रेलिंग कमजोर है। फिर भी पर्यटक जान हथेली पर रखकर फोटो व सेल्फी के लिए खुद को खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे में सफेद संगमरमर से बनी रेलिंग व छज्जा टूट सकता है। रेलिंग से सेल्फी लेते समय एक पर्यटक की गिरने से मौत हो चुकी है।
ताजमहल देखने के लिए रोज औसतन 20 से 25 हजार पर्यटक आते हैं, जिनमें 10 फीसदी ही मुख्य गुंबद तक जाते हैं। मुख्य गुंबद में मुमताज और शाहजहां की कब्र हैं। इसके लिए अलग से 200 रुपये का टिकट लेना पड़ता है। मुख्य गुंबद के चारों तरफ पत्थर की रेलिंग है। करीब 375 साल पुराने यह पत्थर अब कमजोर हो गए हैं। पत्थर न टूटे और पर्यटक किसी हादसे का शिकार न हो जाएं इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने पत्थर की रेलिंग के आगे दोहरी बैरिकेडिंग कराई है। पहली बैरिकेडिंग स्टील पाइपों से की गई है, जबकि दूसरी लकड़ी की है।
मुख्य गुंबद पर एएसआई और सीआईएसएफ कर्मियों की लापरवाही से यमुना नदी की तरफ बैरिकेडिंग के अंदर घुस जाते हैं। रेलिंग पर बैठकर फोटो और सेल्फी खिंचा रहे हैं। एएसआई कर्मियों और सीआईएसएफ जवान रोकटोक भी नहीं करते हैं, जिसके कारण हादसा हो सकता है। 2015 में सेल्फी लेते समय एक जापानी पर्यटक की मौत हो चुकी है।
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ताजमहल देखने के लिए रोज औसतन 20 से 25 हजार पर्यटक आते हैं, जिनमें 10 फीसदी ही मुख्य गुंबद तक जाते हैं। मुख्य गुंबद में मुमताज और शाहजहां की कब्र हैं। इसके लिए अलग से 200 रुपये का टिकट लेना पड़ता है। मुख्य गुंबद के चारों तरफ पत्थर की रेलिंग है। करीब 375 साल पुराने यह पत्थर अब कमजोर हो गए हैं। पत्थर न टूटे और पर्यटक किसी हादसे का शिकार न हो जाएं इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने पत्थर की रेलिंग के आगे दोहरी बैरिकेडिंग कराई है। पहली बैरिकेडिंग स्टील पाइपों से की गई है, जबकि दूसरी लकड़ी की है।
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मुख्य गुंबद पर एएसआई और सीआईएसएफ कर्मियों की लापरवाही से यमुना नदी की तरफ बैरिकेडिंग के अंदर घुस जाते हैं। रेलिंग पर बैठकर फोटो और सेल्फी खिंचा रहे हैं। एएसआई कर्मियों और सीआईएसएफ जवान रोकटोक भी नहीं करते हैं, जिसके कारण हादसा हो सकता है। 2015 में सेल्फी लेते समय एक जापानी पर्यटक की मौत हो चुकी है।
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