UP: बीटेक टॉप किया..साॅफ्टवेयर कंपनी में नौकरी, ऐसे बना साइबर गैंग का सरगना, चार माह में बनाए 4 करोड़ रुपये
आगरा पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट गिरोह के जिस मास्टर माइंड और अन्य तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ में कई राज खुलकर सामने आए हैं। सोहेल ने बीटेक करने के बाद साॅफ्टवेयर कंपनी में नौकरी की, लेकिन कुछ समय बाद अमीर बनने के लिए उसने साइबर अपराध का रास्ता चुन लिया...
विस्तार
फ्लाइट से कमीशन लेने आता था शिंदे
पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से ठगने लगा। रफीक राजा ने अपने इंस्टाग्राम मित्र महेश शिंदे से सोहेल की बात कराई। वह गोंदिया, महाराष्ट्र का है। वह अपने खातों में रकम डलवाने के लिए राजी हो गया। इसके लिए 10 प्रतिशत रकम लेना तय हुआ। उसने कूरियर से 3 सिम भी सोहेल को भेजे। ठगी की जो रकम आती, वह महेश शिंदे के खाते में जमा कराते थे। यह महेश, उसकी पत्नी ज्योत्सना और भाई संजय के नाम पर थीं। जुलाई में महेश ने अपने नाम से खाते खोले। 13 अगस्त को गिरोह ने एक साथ 10 लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने के बाद 2.70 करोड़ रुपये ठगे। महेश शिंदे के खाते में रकम भेजी गई। इस रकम को दिल्ली एनसीआर के 3 खातों में ट्रांसफर किया गया। महेश कमीशन लेने के लिए दिल्ली फ्लाइट से आता था। महंगे होटल में रुकता था।
गिरोह में और भी लोग
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि गिरोह में और भी लोग शामिल हैं। इनकी तलाश में टीम लगी है। आरोपियों के खातों को फ्रीज कराया जा रहा है, जिससे पीड़ित लोगों की रकम को वापस दिलाया जा सके।