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आला अधिकारी 50 हजार में बेच रहे डिग्री!
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 06 Jan 2015 02:00 AM IST
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केंद्रीय हिंदी संस्थान में सोमवार को निदेशक कार्यालय में परीक्षा विभाग के अधिकारी ने संस्थान के आला अधिकारी पर 50 हजार रुपये में डिग्री और मार्कशीट बेचने का आरोप लगाया है। कहा कि मार्कशीट और डिग्री बेचे जाने के सुबूत उनके पास हैं। इसके बाद दोनों के बीच नोकझोंक हुई।
बता दें, निदेशक प्रोफेसर मोहन ने हाल ही में सत्यापन में 32 फर्जी मार्कशीट पकड़ी थीं। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गया था। इस कारण ही उन्होंने अपने कार्यालय में परीक्षा विभाग के अलावा सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान निदेशक ने परीक्षा विभाग के अधिकारी से कहा, पिछले 14 सालों में सत्यापन में फर्जी पाई गई मार्कशीट का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इस पर परीक्षा विभाग के अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया। कहा कि, यह कार्य परीक्षा नियंत्रक का है। निदेशक ने परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी को एसएसपी से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है।
जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे जाएंगे पते
रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में मूल रिकॉर्ड से फर्जी रिकार्डों का मिलान किया गया। इससे साफ हो गया कि फर्जी दस्तावेज संस्थान से बाहर बनाए गए हैं। सभी फर्जी दस्तावेजों से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर आवेदकों के पते मांगे जाएंगे। ताकि उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सके।
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संस्थान में प्रोफेसर के बेटे को भी नौकरी!
केंद्रीय हिंदी संस्थान में 20 दिसंबर को हिंदी के दो सहायक प्रोफे सरों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। सामान्य वर्ग के लिए जारी इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। क्योंकि अक्तूबर में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के चंद दिनों बाद फिर भर्ती निकाली गई। बताया जाता है कि एक सत्ताधारी नेता की पत्नी को नौकरी देने के लिए ऐसा किया गया है। सूत्राें के मुताबिक, केएमआई के एक प्रोफेसर के बेटे को भी नौकरी दी जानी है।
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बता दें, निदेशक प्रोफेसर मोहन ने हाल ही में सत्यापन में 32 फर्जी मार्कशीट पकड़ी थीं। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गया था। इस कारण ही उन्होंने अपने कार्यालय में परीक्षा विभाग के अलावा सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान निदेशक ने परीक्षा विभाग के अधिकारी से कहा, पिछले 14 सालों में सत्यापन में फर्जी पाई गई मार्कशीट का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इस पर परीक्षा विभाग के अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया। कहा कि, यह कार्य परीक्षा नियंत्रक का है। निदेशक ने परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी को एसएसपी से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है।
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जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगे जाएंगे पते
रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा कि बैठक में मूल रिकॉर्ड से फर्जी रिकार्डों का मिलान किया गया। इससे साफ हो गया कि फर्जी दस्तावेज संस्थान से बाहर बनाए गए हैं। सभी फर्जी दस्तावेजों से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर आवेदकों के पते मांगे जाएंगे। ताकि उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सके।
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संस्थान में प्रोफेसर के बेटे को भी नौकरी!
केंद्रीय हिंदी संस्थान में 20 दिसंबर को हिंदी के दो सहायक प्रोफे सरों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। सामान्य वर्ग के लिए जारी इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। क्योंकि अक्तूबर में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के चंद दिनों बाद फिर भर्ती निकाली गई। बताया जाता है कि एक सत्ताधारी नेता की पत्नी को नौकरी देने के लिए ऐसा किया गया है। सूत्राें के मुताबिक, केएमआई के एक प्रोफेसर के बेटे को भी नौकरी दी जानी है।