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डीएपी के टॉप-100 क्रेताओं की होगी जांच
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मैनपुरी। रबी की सीजन में डीएपी की सर्वाधिक खरीद करने वाले सौ खरीदारों की शासन ने जांच कराने के आदेश दिए हैं। जांच के लिए उप कृषि निदेशक की संस्तुति पर जिला कृषि अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा को ब्लॉकवार जिम्मेदारी सौंपी है। सात दिन में उन्हें जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी।
आलू और गेहूं की बुवाई के दौरान डीएपी की किल्लत से किसानों को जूझना पड़ा। इसके लिए डीएपी की कालाबाजारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसकी जड़ तक जाने के लिए शासन ने प्रत्येक जिले में डीएपी की सर्वाधिक खरीद करने वाले सौ किसानों की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
आदेश के आधार पर उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने ब्लॉकवार सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा की संयुक्त समिति गठित करने की संस्तुति की थी। इसी के आधार पर जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने टॉप-100 क्रेताओं की सूची संलग्न कर जांच अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। उन्हें सात दिन में किसानों की भूमि, उनके द्वारा लिया गया उर्वरक व की गई बुवाई आदि का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। अगर किसी किसान ने निर्धारित भूमि से अधिक डीएपी प्राप्त की है तो विक्रेता और किसान के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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तहसील किशनी क्षेत्र के निवासी किसान शिवम चौहान ने ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसमें कहा था कि चौहान खाद भंडार किशनी द्वारा यूरिया की अधिक कीमत वसूल की जा रही है। इस पर जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही तीन दिन में साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
शासन के आदेश पर टॉप-100 डीएपी के क्रेताओं की जांच कराई जा रही है। सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा जांच कर सात दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। वहीं यूरिया की ओवररेटिंग करने की शिकायत पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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आलू और गेहूं की बुवाई के दौरान डीएपी की किल्लत से किसानों को जूझना पड़ा। इसके लिए डीएपी की कालाबाजारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसकी जड़ तक जाने के लिए शासन ने प्रत्येक जिले में डीएपी की सर्वाधिक खरीद करने वाले सौ किसानों की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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आदेश के आधार पर उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने ब्लॉकवार सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा की संयुक्त समिति गठित करने की संस्तुति की थी। इसी के आधार पर जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने टॉप-100 क्रेताओं की सूची संलग्न कर जांच अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। उन्हें सात दिन में किसानों की भूमि, उनके द्वारा लिया गया उर्वरक व की गई बुवाई आदि का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। अगर किसी किसान ने निर्धारित भूमि से अधिक डीएपी प्राप्त की है तो विक्रेता और किसान के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
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तहसील किशनी क्षेत्र के निवासी किसान शिवम चौहान ने ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसमें कहा था कि चौहान खाद भंडार किशनी द्वारा यूरिया की अधिक कीमत वसूल की जा रही है। इस पर जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही तीन दिन में साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
शासन के आदेश पर टॉप-100 डीएपी के क्रेताओं की जांच कराई जा रही है। सहायक विकास अधिकारी कृषि और कृषि रक्षा जांच कर सात दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। वहीं यूरिया की ओवररेटिंग करने की शिकायत पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
डॉ. सूर्यप्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी