कासगंज: पुलिस ने हथियार तस्कर गिरोह पकड़ा, देसी पिस्टल-तमंचे और कारतूस बरामद
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों सहित तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। तीनों युवक दिल्ली के रहने वाले हैं। यहां कार से आए थे। इनके कब्जे से पुलिस ने अवैध हथियार बरामद किए हैं।
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कासगंज जिले की थाना पटियाली पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। एक कार से तमंचे दिल्ली ले जाते हुए तीन तस्करों को पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से पांच देसी पिस्टल, सात तमंचे, कार एवं 16 कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने तस्करों से पूछताछ करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया है। अब पुलिस पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए हथियार बनाने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि पुलिस ने दिल्ली के तीन तस्कर गिरफ्तार किए हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आरिफ निवासी कल्याणपुरा तुर्कमान गेट थाना चांदनी महल दिल्ली, नादिर व मोहम्मद आकिल निवासी महाराजा रंजीत सिंह मार्ग मिंटो रोड थाना आईपी स्टेट दरियागंज दिल्ली हैं।
पुलिस ने पटियाली के अलीगंज तिराहे के इलाके से शुक्रवार को एक कार को रोक कर तलाशी लेने पर पुलिस को अवैध हथियारों का जखीरा मिला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि भरगैन से अवैध हथियार खरीदकर लाए थे जो दिल्ली बिक्री करने के लिए ले जा रहे थे।
पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराओं में उन्हें जेल भेज दिया है। आरोपियों ने बताया कि ये माल उन्होंने 1.45 लाख रुपये का खरीदा था, जिसे वह 2.5 लाख रुपये में बेचने वाले थे। पकड़े गए आरोपी पहले भी इसी तरह से तस्करी करते रहे हैं।
अब पुलिस को हथियार बनाने वाले ‘चचा’ की तलाश
अवैध असलहा तस्करों से पुलिस को काफी जानकारियां मिली हैं। जिनका पुलिस ने खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन तस्करों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के तस्कर इन हथियारों की खरीद भरगैन के ‘चचा’ से करके लाए थे। जिनका नाम वह नहीं जानते हैं।
पुलिस के लिए अब यह ‘चचा’ शब्द बड़ी पहेली बन गया है। तस्कर माल की खेप लेकर भुगतान अदा करने के बाद चले जाते थे। ‘चचा’ के बारे में पुलिस ने पकड़े गए तस्करों से काफी जानकारी जुटाने की कोशिश की।
बिल्कुल फैक्टरी मेड की तरह लग रहे थे असलहा
पुलिस के द्वारा जो पांच देसी पिस्टल बरामद की गईं वे 32 बोर की थीं। यह पिस्टल इतनी साफ सुथरी बनी हुई थीं जो बिल्कुल फैक्टरी मेड लग रहीं थीं। 315 बोर के जो तमंचे तस्करों से बरामद हुए वे तमंचे भी काफी छोटे साइज के थे। आमतौर पर बरामद होने वाले तमंचों का साइज काफी बड़ा रहता है। ये सभी तमंचे 315 बोर के थे।