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Agra News: छावनी क्षेत्र में बनेंगे तीन नए जलाशय
Sat, 04 Jul 2026 02:36 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:36 AM IST
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आगरा। छावनी क्षेत्र में पेयजल संकट से जूझ रहे करीब 43 हजार लोगों की मुसीबत पानी की तीन जर्जर टंकियों को ध्वस्त करने के बाद बढ़ गई हैं। छावनी परिषद ने तीन नए 2.50-2.50 लाख लीटर क्षमता वाले जलाशय बनाने की योजना बनाई है। जल निगम इसकी डीपीआर और एस्टीमेट तैयार कर रहा है। विकल्प के बिना टंकिया पहले तोड़ दी गईं और जलाशय की योजना बाद में बनाई गई है।
जलाशयों की लागत 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। जल निगम एस्टीमेट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। छावनी परिषद के अधिकारियों का दावा है कि छह महीने में जलाशय तैयार होंगे। जलापूर्ति प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तीनों पानी की टंकियां अत्यधिक जर्जर हो चुकी थीं, इसलिए उन्हें सुरक्षा के मद्देनजर ध्वस्त किया गया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में अंडरग्राउंड टैंकों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। शुक्रवार को मोटर खराब होने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे ठीक करा दिया गया, लेकिन लोगों को अभी भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
सिर्फ एक टैंकर के भरोसे आपूर्ति
छावनी परिषद को जलकल विभाग से प्रतिदिन 6 एमएलडी पानी मिलता है। हर महीने जलकल विभाग को 25 लाख रुपये का भुगतान होता है। परिषद के पास पानी की आपूर्ति के लिए केवल एक टैंकर है। सदर क्षेत्र के वार्ड-3 के पार्षद प्रेमचंद्र गुप्ता ने बताया कि नलों से पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कभी दोपहर 12 बजे, कभी 2 बजे पानी आता है और कई बार बिल्कुल नहीं आता। वहीं क्षेत्रीय निवासी रिंकी सिंह का कहना है कि पानी का प्रेशर बेहद कम रहता है।
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जलाशयों की लागत 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। जल निगम एस्टीमेट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। छावनी परिषद के अधिकारियों का दावा है कि छह महीने में जलाशय तैयार होंगे। जलापूर्ति प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तीनों पानी की टंकियां अत्यधिक जर्जर हो चुकी थीं, इसलिए उन्हें सुरक्षा के मद्देनजर ध्वस्त किया गया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में अंडरग्राउंड टैंकों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। शुक्रवार को मोटर खराब होने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे ठीक करा दिया गया, लेकिन लोगों को अभी भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
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सिर्फ एक टैंकर के भरोसे आपूर्ति
छावनी परिषद को जलकल विभाग से प्रतिदिन 6 एमएलडी पानी मिलता है। हर महीने जलकल विभाग को 25 लाख रुपये का भुगतान होता है। परिषद के पास पानी की आपूर्ति के लिए केवल एक टैंकर है। सदर क्षेत्र के वार्ड-3 के पार्षद प्रेमचंद्र गुप्ता ने बताया कि नलों से पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कभी दोपहर 12 बजे, कभी 2 बजे पानी आता है और कई बार बिल्कुल नहीं आता। वहीं क्षेत्रीय निवासी रिंकी सिंह का कहना है कि पानी का प्रेशर बेहद कम रहता है।
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