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बच्चों की चहक चीत्कार में बदली: छत ढही...घर की खुशियां मलबे में दब गईं, गमगीन माहौल में हुए अंतिम संस्कार
Wed, 16 Jun 2021 01:51 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:51 PM IST
सार
घर बनने की जो खुशियां थीं वह छत के मलबे के नीचे ही दब गईं। बुधवार सुबह तीनों बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में मातम का माहौल था।
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आगरा: कागारौल कस्बा में हुए हादसे के बाद विलाप करतीं मृतकों की मां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के कागारौल क्षेत्र में बारिश के दौरान हाकिम के निर्माणाधीन मकान की छत धमाके की आवाज के साथ गिरी। जो बच्चे थोड़ी देर पहले तक चहक रहे थे, छत के नीचे दबने से उनकी चहक चीत्कार में बदल गई। घर बनने की जो खुशियां थीं वह छत के मलबे के नीचे ही दब गईं। बुधवार सुबह तीनों बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में मातम का माहौल था।
आसपास के लोगों ने बताया कि पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ है। इसके बाद जब चीखें और रोने की आवाज सुनाई दी, तब लोगों को घर गिरने का पता चला। इसके बाद बस्ती के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। छत टूटी और मलबे में परिवार के सभी लोगों के दबे होने की जानकारी से लोग सन्न रह गए। आनन-फानन में मलबा हटाने में पूरी बस्ती जुट गई। साथ ही पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद थाने की पुलिस, दमकलकर्मी, एसडीएम पहुंचीं। देर रात एसएसपी मुनिराज ने भी पहुंचकर मौका मुआयना किया। एसओ के मुताबिक पत्थरों की बनाई गई बीम टूटने से यह हादसा हुआ है।
नहीं थम रहे मां के आंसू, परिजन बेहाल
कागारौल कस्बे में मंगलवार की रात हाकिम सिंह वाल्मीकि के परिवार पर भारी पड़ी। निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से परिवार के तीन बच्चे काल के गाल में समा गए। बच्चों की मौत से उनकी मां के आंसू नहीं थम रहे हैं। वहीं अन्य परिजन भी बेहाल हैं। हादसे के बाद जुटे लोग भी इससे स्तब्ध रह गए। हादसे में मयंक पुत्र राकेश, रोशनी पुत्र अनिल और प्राची पुत्री राजेश की मौत से पूरा परिवार गमगीन है। एसएम मेडिकल की इमरजेंसी में लाए गए बच्चों को मृत घोषित करते ही उनकी मां दहाड़े मारकर रो पड़ीं। उनके आंसू नहीं थम रहे थे। अस्पताल आए परिवार और मोहल्ले के लोगों ने उन्हें संभाला।
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यूपी: आगरा में बारिश से निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, तीन बच्चों की मौत, परिवार के छह सदस्य घायल
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आसपास के लोगों ने बताया कि पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ है। इसके बाद जब चीखें और रोने की आवाज सुनाई दी, तब लोगों को घर गिरने का पता चला। इसके बाद बस्ती के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। छत टूटी और मलबे में परिवार के सभी लोगों के दबे होने की जानकारी से लोग सन्न रह गए। आनन-फानन में मलबा हटाने में पूरी बस्ती जुट गई। साथ ही पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद थाने की पुलिस, दमकलकर्मी, एसडीएम पहुंचीं। देर रात एसएसपी मुनिराज ने भी पहुंचकर मौका मुआयना किया। एसओ के मुताबिक पत्थरों की बनाई गई बीम टूटने से यह हादसा हुआ है।
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नहीं थम रहे मां के आंसू, परिजन बेहाल
कागारौल कस्बे में मंगलवार की रात हाकिम सिंह वाल्मीकि के परिवार पर भारी पड़ी। निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से परिवार के तीन बच्चे काल के गाल में समा गए। बच्चों की मौत से उनकी मां के आंसू नहीं थम रहे हैं। वहीं अन्य परिजन भी बेहाल हैं। हादसे के बाद जुटे लोग भी इससे स्तब्ध रह गए। हादसे में मयंक पुत्र राकेश, रोशनी पुत्र अनिल और प्राची पुत्री राजेश की मौत से पूरा परिवार गमगीन है। एसएम मेडिकल की इमरजेंसी में लाए गए बच्चों को मृत घोषित करते ही उनकी मां दहाड़े मारकर रो पड़ीं। उनके आंसू नहीं थम रहे थे। अस्पताल आए परिवार और मोहल्ले के लोगों ने उन्हें संभाला।
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