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मैनपुरी: फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Mon, 13 Sep 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 13 Sep 2021 12:06 AM IST
सार

कोतवाली क्षेत्र में कलक्ट्रेट परिसर में बस्ता लगाने वाले कुछ लोग फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के धंधा कर रहे थे। ये लोग लाइसेंस बनवाने के इच्छुक लोगों से मोटी रकम भी वसूलते थे। उन्हें नकली लाइसेंस बनाकर थमा देते थे। इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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three accused arrested for making fake arms license in mainpuri
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी में पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चार फर्जी लाइसेंस भी बरामद हुए हैं। गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस जुट गई है। रविवार को सीओ सिटी ने प्रेसवार्ता कर इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। 

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रविवार को इंस्पेक्टर कोतवाली भानु प्रताप को मुखबिर ने सूचना दी कि बेवर का रहने वाला एक व्यक्ति जो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाता है। वह क्षेत्र में गया है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर ने एसआई अमित सिंह ने एक टीम को गिरफ्तारी के लिए लगा दिया। कुछ देर बाद गोला बाजार तिराहा के पास से पुलिस ने उमेश चंद्र निवासी मनकापुर बेवर को गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि पकड़े गए उमेश के कब्जे से चार शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए। जब इसकी असलहा बाबू से जांच कराई गई तो यह फर्जी पाए गए। कार्यालय में उक्त लाइसेंस किसी और के नाम से पंजीकृत थे। सख्ती से पूछताछ करने पर उमेश ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी लाइसेंस बनाता है। 

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कलक्ट्रेट परिसर में बैठते थे आरोपी 
उसने बताया कि कलक्ट्रेट में तख्त लगाकर बैठने वाला अमर सिंह निवासी नगला नया दीवानी और जबर सिंह निवासी रूपपुर सदर कोतवाली शस्त्र नंबर व धारक की जानकारी देते थे। वहीं लंबे उर्फ सुनील निवासी ऑफिसर्स कॉलोनी, कॉलोनी के पीछे ही लाइसेंस पर मोहर आदि बनाने का काम करता था। शमशाद निवासी काजीटोला बेवर और शंकर उर्फ रामपाल निवासी जीटी रोड बेवर ने उसे कूटरचित लाइसेंस बनवाने के लिए दिए थे। 

शमशाद ही लाइसेंस बनाने का ठेका लेता था। सीओ ने बताया कि उमेश चंद्र, शंकर उर्फ रामपाल और अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। तीन आरोपी जबर सिंह, लंबे और शमशाद की तलाश की जा रही है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस का काम करने वाले मुख्य व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस धंधे से जुड़े कई और लोग सामने आएंगे। 

शंकर ने भी बनवा रखा है फर्जी लाइसेंस
सीओ सिटी ने बताया कि पकड़े गए शंकर ने भी अपना फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा रखा है। वह हत्या के एक मामले में पूर्व में जेल जा चुका है। पूर्व में उक्त लोगों द्वारा फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। उनके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। 

इन लोगों के नाम के मिले फर्जी लाइसेंस
इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि शातिरों के कब्जे से चार फर्जी शस्त्र लाइसेंस मिले। यह लाइसेंस रामपाल सिंह निवासी राजा का बाग, सोनू तिवारी निवासी खरगजीत नगर, सतीश दुबे निवासी वंशीगोहरा और अतुल सिंह निवासी आवास विकास कालोनी के नाम के थे। 

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