आगरा: बेरोजगार युवकों से दो साल में ढाई करोड़ रुपये ठगे, गिरोह के सरगना सहित तीन गिरफ्तार
- ऑनलाइन जॉब पोर्टल से डाटा लेकर कॉल करते थे गैंग के सदस्य
- दो साल में करीब 200 बेरोजगार युवाओं को बनाया ठगी का शिकार
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आगरा की थाना सदर पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं को मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले दिल्ली के गैंग के सरगना सहित तीन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जॉब पोर्टल से बेरोजगार युवकों की जानकारी लेते थे। उन्हें कॉल करके अच्छी जॉब दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद पंजीकरण, सत्यापन, ऑफर लैटर, सिक्योरिटी मनी के रूप में 25 से 50 हजार रुपये खाते में जमा कराते थे। दो साल में तकरीबन 200 बेरोजगार युवाओं से ढाई करोड़ की ठगी कर चुके हैं।
एक महिला ने की थी शिकायत
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सदर क्षेत्र की एक महिला के खाते में पिछले दिनों दो लाख से अधिक रकम जमा होने के बाद निकाल ली गई थी। महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके विवेचना की गई। साइबर सेल और थाना सदर पुलिस की जांच में पता चला कि खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई थी।
जिन खातों में रकम गई, वो फर्जी आईडी से खुले थे। बाद में पुलिस ने खातों से रकम निकालने वालों की पहचान की। आरोपियों ने खातों से लेकर सिम कार्ड तक फर्जी दस्तावेज पर लिए थे। यह खाते दिल्ली और आगरा की बैंकों के थे।
पुलिस ने बुधवार को गैंग का सरगना दशरथपुरी, द्वारिका, दिल्ली निवासी 32 वर्षीय मनोज कुमार, दशरथपुरा का ही 29 वर्षीय नीरज और सदर आगरा निवासी 22 वर्षीय मनोज को गिरफ्तार कर 6.83 लाख रुपये, कार, पांच मोबाइल, दो सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, नौ आधार कार्ड, आठ पेन कार्ड, एक पासबुक और एक चेकबुक बरामद की है।
ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर ले रखी थी लॉगिन आईडी
एसएसपी ने बताया कि सरगना मनोज स्नातक है। पहले कॉल सेंटर में काम करता था। अब उसने लोगों को ठगने का काम शुरू कर दिया। उसका साथ नीरज देता था। उन्होंने एक फर्जी कंपनी के नाम से जॉब पोर्टल पर 60 हजार रुपये सालाना पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड लिया था। वह नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगारों के डाटा को डाउनलोड करके जानकारी करते थे।
उनको कॉल करके मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी का झांसा देकर 50 हजार रुपये तक खातों में जमा करा लेते थे। उनसे पंजीकरण शुल्क के रूप में दो से ढाई हजार, सत्यापन के लिए सात हजार, ऑफर लेटर के 15 हजार और सिक्योरिटी मनी के नाम पर 25 हजार रुपये तक जमा कराते थे। लोगों को धनराशि रिफंड करने के नाम पर भी खाते की जानकारी लेकर रुपये निकाल लेते थे।
आगरा के मनोज ने 80 खातों में जमा कराई थी रकम
एसएसपी ने बताया कि आरोपी किराये पर मकान लेते थे। मालिक के पते का प्रमाणपत्र लगाकर खाते खुलवाते थे। इनसे सिम भी ले लेते थे। आगरा का मनोज ठेल विक्रेताओं को कम ब्याज पर लोन देने का लालच देता था। उनके खातों, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड को ले लेता था। लोगों से रकम ठेल विक्रेताओं के खातों में जमा कराई जाती थी।
इसके बाद मनोज कुछ रकम एटीएम से निकालता था, जबकि कुछ रकम को अपने फर्जी दस्तावेज से खुले खातों में ट्रांसफर करके निकालते थे। मनोज ने दो साल में तकरीबन 80 खातों में ढाई करोड़ का लेन-देन किया है। पुलिस सभी खातों की जानकारी निकलवा रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि गैंग में और कौन हैं।