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आगरा में 'आधार' की गलतियों से अटकी 30 हजार किसानों की 'सम्मान निधि'
Fri, 29 May 2020 12:06 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 29 May 2020 12:06 AM IST
सार
- जिले में 2011 की जनगणना के आधार पर कृषि विभाग में 2.69 लाख किसान पंजीकृत हैं।
- 30 हजार किसानों की चार किस्त के बाद धनराशि रोक दी गई है।
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किसान सम्मान निधि (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आधार कार्ड में गलती और खाते से लिंक न करने के कारण आगरा जिले के करीब 30 हजार किसानों की सम्मान निधि रोक दी गई है। इनके आवेदन और आधार कार्ड में दर्ज नाम में गड़बड़ी के चलते खाते में धनराशि नहीं भेजी गई है।
जिले में 2011 की जनगणना के आधार पर कृषि विभाग में 2.69 लाख किसान पंजीकृत हैं। सम्मान निधि के लिए 2.65 लाख किसानों के आवेदन आए, जिनके खाते में सम्मान निधि पहुंचने लगी। इनमें से 30 हजार किसानों की चार किस्त के बाद धनराशि रोक दी गई है।
इनके आधार कार्ड और खसरा-खतौनी में नाम, पिता का नाम, पता समेत अन्य जानकारियों में समानता नहीं है। सबसे ज्यादा आधार कार्ड में नाम की गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में शासन ने इनकी अगली किस्त रोकते हुए संशोधन कराने के लिए कहा है, तभी इनको योजना के तहत हर साल छह हजार रुपये मिलेंगे।
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जिले में 2011 की जनगणना के आधार पर कृषि विभाग में 2.69 लाख किसान पंजीकृत हैं। सम्मान निधि के लिए 2.65 लाख किसानों के आवेदन आए, जिनके खाते में सम्मान निधि पहुंचने लगी। इनमें से 30 हजार किसानों की चार किस्त के बाद धनराशि रोक दी गई है।
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इनके आधार कार्ड और खसरा-खतौनी में नाम, पिता का नाम, पता समेत अन्य जानकारियों में समानता नहीं है। सबसे ज्यादा आधार कार्ड में नाम की गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में शासन ने इनकी अगली किस्त रोकते हुए संशोधन कराने के लिए कहा है, तभी इनको योजना के तहत हर साल छह हजार रुपये मिलेंगे।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि आधार कार्ड और लाभार्थी के आवेदन में असमानता के कारण चार किश्त के बाद 30 हजार किसानों की धनराशि रोकी गई है। किसान न्याय पंचायत या फिर कृषि विभाग के यहां संशोधन कराते हुए प्रार्थना पत्र देने के बाद इनके खाते में धनराशि आने लगेगी।
22 हजार नए आवेदनों का सत्यापन अटका
कई बार प्रमाणपत्र और आवेदन जमा करने के बाद भी किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे किसानों की संख्या 22 हजार से अधिक है। यह किसान तीन से पांच बार फॉर्म कृषि विभाग में जमा कर चुके हैं, लेकिन इनका सत्यापन नहीं किया गया है।
इसके कारण इनको हर साल छह हजार रुपये का लाभ नहीं मिल रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि 22 हजार किसानों के आवेदन सत्यापन के लिए लेखपाल को दे दिए गए हैं, किसान अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क कर सत्यापन की प्रगति जान सकते हैं।
22 हजार नए आवेदनों का सत्यापन अटका
कई बार प्रमाणपत्र और आवेदन जमा करने के बाद भी किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे किसानों की संख्या 22 हजार से अधिक है। यह किसान तीन से पांच बार फॉर्म कृषि विभाग में जमा कर चुके हैं, लेकिन इनका सत्यापन नहीं किया गया है।
इसके कारण इनको हर साल छह हजार रुपये का लाभ नहीं मिल रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि 22 हजार किसानों के आवेदन सत्यापन के लिए लेखपाल को दे दिए गए हैं, किसान अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क कर सत्यापन की प्रगति जान सकते हैं।
'जल्द सर्वे नहीं कराया तो करेंगे प्रदर्शन'
किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह ने बताया कि आवेदनों का जल्द सत्यापन करने के लिए कई बार कृषि विभाग और सीडीओ को ज्ञापन दे चुके हैं, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। सात दिन में सत्यापन न होने पर प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
बरौली अहीर के किसान शिव दयाल सिंह ने कहा कि सम्मान निधि के लिए तीन बार फॉर्म भरकर कृषि विभाग में जमा करा चुका हूं। अभी तक पैसे खाते में नहीं आए हैं। पूछने पर हर बार यही कहा जाता है कि सर्वे हो रहा है।
बरौली अहीर के ब्रजेश कुमार को भी छह महीने से सम्मान निधि का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की हेल्प डेस्क पर भी दो बार फॉर्म जमा कर दिए हैं, लेकिन छह हजार रुपये का लाभ नहीं मिला है।
बरौली अहीर के किसान शिव दयाल सिंह ने कहा कि सम्मान निधि के लिए तीन बार फॉर्म भरकर कृषि विभाग में जमा करा चुका हूं। अभी तक पैसे खाते में नहीं आए हैं। पूछने पर हर बार यही कहा जाता है कि सर्वे हो रहा है।
बरौली अहीर के ब्रजेश कुमार को भी छह महीने से सम्मान निधि का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की हेल्प डेस्क पर भी दो बार फॉर्म जमा कर दिए हैं, लेकिन छह हजार रुपये का लाभ नहीं मिला है।