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Agra News: गांव में पसर गया सन्नाटा, गलियां हुईं सूनी, गूंज रहा करुण क्रंदन

Tue, 12 Nov 2024 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 12 Nov 2024 11:29 PM IST
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There was silence in the village, the streets were deserted, mournful cries were echoing.
कासगंज। गांव रामपुर में मंगलवार को भी प्रतिदिन की तरह सुबह हुई। चिड़ियाें के चहचहाने के साथ ही ग्रामीणों की भोर में आंखें खुलीं। महिलाएं काम कर रही थीं। बच्चे भी खिलखिलाते हुए घूम रहे थे। तब तक ग्रामीणों को इस बात का बिलकुल अंदाजा नहीं था कि थोड़ी ही देर में गांव में मातम छा जाएगा। सुबह करीब 7 बजे जैसे ही ग्रामीणों को महिला व बच्चों के मिट्टी में दबने की जानकारी मिली। सभी घटनास्थल की ओर दौड़ लिए। घटना में तीन महिला व एक बालिका की मौत होने के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। गांव की गलियां सूनी हो गईं। मृतक परिवारों में करुण-क्रंदन शुरू हो गया। गांव में हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 530-बी की निर्माणाधीन पुलिया के निकट खोदे गए गड्ढे से करीब 4: 30 बजे से ही कई महिलाएं व बच्चे मिट्टी ला रहे थे। यह क्रम चल ही रहा था कि सुबह पौने सात बजे करीब अचानक ही गड्ढे में मिट्टी की ढाय धंसक गई। जैसे ही ग्रामीणों को जानकारी मिली तो गांव में मातम छा गया। गांव की गलियां सूनी हो गईं। मृतक परिवारों में मौजूद महिलाओं व बच्चों का करुण-क्रंदन शुरू हो गया। करुण-क्रंदन में महिलाओं व बच्चों को रोते देख गांव में मौजूद ग्रामीणों की आंखे भर आईं। हर व्यक्ति की जुबां पर घटना को लेकर ही चर्चा थी।
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गांव रामपुर में मिट्टी की ढाय धंसने से मृत सरस्वती पत्नी रघुवीर व प्रेमादेवी पत्नी गंगा प्रसाद आपस में देवरानी-जेठानी हैं। रघुवीर व गंगा प्रसाद वर्षों से सूरत में हीरा तराशने की कारीगरी करते हैं। वह दीपोत्सव के पर्व दिवाली मनाने के लिए घर आए थे। परिजन ने बताया कि रघुवीर तो कई वर्ष बाद इस बार दिवाली पर अपने परिवार के साथ आया था। परिवार में ही 23 नवंबर को युवती की शादी थी। इसे करने के बाद पूरा परिवार वापस जाने वाला था, लेकिन इससे पहले ही यह घटना घटित हो गई।
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हादसे में अपनी जान गंवाने वाली पिंकी (11) की मां की करीब 3 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। गांव में मिले पिंकी के बाबा घनश्याम ने रोते हुए बताया कि मंगलवार की सुबह उसके परिवार से कोई भी मिट्टी लेने नहीं गया था लेकिन पिंकी खुद ही गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिट्टी लेने चली गई। कहा कि उन्होंने मना भी किया था कि बेटा तू रहने दे, लेकिन वो मानी नहीं। क्या पता था कि मिट्टी लेने गई उनकी नातिनी मिट्टी में दबकर मिट्टी में मिलकर ही लौटेगी।
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