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महिलाओं से सरकारी सिस्टम कर रहा भेदभाव, बाजारों में नहीं उनके लिए ये जरूरी इंतजाम
नीरज शर्मा, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 24 Jan 2018 07:21 PM IST
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महिलाओं के लिए नहीं है यूरीनल की व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत मोहल्लों में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक शौचालय और बाजारों में यूरीनल का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन शहर की जो तस्वीर है, वह नगर निगम के दावों की पोल खोल रही है।
सबसे बुरी स्थिति यह कि महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। नगर निगम ने कुछ बाजारों में यूरीनल तो बनाए हैं लेकिन महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहर में अब तक करीब 100 यूरीनल बनाए जा चुके हैं। अधिकारी अपनी इस उपलब्धि खुश हो रहे हैं लेकिन जो यूरीनल बने हैं उनसे समस्या हल नहीं हो पा रही है।
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सबसे बुरी स्थिति यह कि महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। नगर निगम ने कुछ बाजारों में यूरीनल तो बनाए हैं लेकिन महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहर में अब तक करीब 100 यूरीनल बनाए जा चुके हैं। अधिकारी अपनी इस उपलब्धि खुश हो रहे हैं लेकिन जो यूरीनल बने हैं उनसे समस्या हल नहीं हो पा रही है।
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न तो यहां पानी की व्यवस्था है और न ही सफाई की। जहां देखो, वहां गंदगी है। बदबू के मारे खड़ा होना मुश्किल है। नालियों में डिस्चार्ज कर दिया जाता है। सफाई होती नहीं है।
उससे भी बड़ी गलती निगम ने यह की है कि किसी भी बाजार में महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि बाजारों में खरीदारी के लिए सर्वाधिक महिलाएं ही जाती हैं। अधिक समय तक बाजार में रहने के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता कहते हैं कि बाजारों में जमीन की कमी की वजह से यह समस्या आ रही है लेकिन महिलाओं के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
उससे भी बड़ी गलती निगम ने यह की है कि किसी भी बाजार में महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि बाजारों में खरीदारी के लिए सर्वाधिक महिलाएं ही जाती हैं। अधिक समय तक बाजार में रहने के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता कहते हैं कि बाजारों में जमीन की कमी की वजह से यह समस्या आ रही है लेकिन महिलाओं के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
यहां लगती है लाइन
शहर का प्रमुख बाजार है शाहगंज (रुई की मंडी)। यहां मुख्य कारोबार कपड़े का होता है। बाजार में आगरा शहर ही नहीं ग्रामीण अंचल के साथ-साथ भरतपुर, धौलपुर, मथुरा तक से खरीददार आते हैं। यहां करीब 500-550 दुकानें हैं।
बाजार में प्रतिदिन दुकानदार और कर्मचारी मिलाकर करीब 3500 लोग रहते हैं। दिन भर में करीब 20-30 हजार ग्राहक बाजार में आते हैं लेकिन यहां शौचालय तो छोड़िए यूरीनल तक की व्यवस्था नहीं है।
बाजार में एक क्षेत्रीय निवासी के रहमोकरम पर एक यूरीनल बनाया गया है लेकिन एक तो यह बेहद गंदा रहता है और यहां लाइन लगी रहती है। महिलाओं के लिए पूरे बाजार में कोई व्यवस्था नहीं है।
शाहगंज बाजार कमेटी के अध्यक्ष किशन कुमार का कहना है कि यहां एक अदद शौचालय की बेहद जरूरत है लेकिन निगम का इस ओर ध्यान नहीं है।
बाजार में प्रतिदिन दुकानदार और कर्मचारी मिलाकर करीब 3500 लोग रहते हैं। दिन भर में करीब 20-30 हजार ग्राहक बाजार में आते हैं लेकिन यहां शौचालय तो छोड़िए यूरीनल तक की व्यवस्था नहीं है।
बाजार में एक क्षेत्रीय निवासी के रहमोकरम पर एक यूरीनल बनाया गया है लेकिन एक तो यह बेहद गंदा रहता है और यहां लाइन लगी रहती है। महिलाओं के लिए पूरे बाजार में कोई व्यवस्था नहीं है।
शाहगंज बाजार कमेटी के अध्यक्ष किशन कुमार का कहना है कि यहां एक अदद शौचालय की बेहद जरूरत है लेकिन निगम का इस ओर ध्यान नहीं है।
निगम करेगा ये व्यवस्था
इनरव्हील क्लब ऑफ आगरा की उपाध्यक्ष मधु बघेल कहती हैं कि गांव में तो यह दिक्कत है ही, लेकिन शहर भी इससे समस्या से अछूते नहीं हैं।
घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं के लिए शौचालय हो, इस विषय पर जल्द ही मेयर से मुलाकात करके बात की जाएगी। सरकार के माध्यम से यदि काम नहीं हुआ तो क्लब के माध्यम से इस सुविधा की शुरुआत होगी।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि ये सही बात है कि बाजारों में सर्वाधिक समय महिलाएं ही बिताती हैं। महिलाओं की समस्या को ध्यान में रखते हुए भी नगर निगम योजना बना रहा है।
दरअसल महिलाओं के लिए कवर्ड यूरीनल की व्यवस्था करनी पड़ती है, इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपयुक्त स्थानों की तलाश करें। यदि जमीन नहीं मिलेगी तो मोबाइल टायलेट रखवाने की व्यवस्था होगी।
घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं के लिए शौचालय हो, इस विषय पर जल्द ही मेयर से मुलाकात करके बात की जाएगी। सरकार के माध्यम से यदि काम नहीं हुआ तो क्लब के माध्यम से इस सुविधा की शुरुआत होगी।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि ये सही बात है कि बाजारों में सर्वाधिक समय महिलाएं ही बिताती हैं। महिलाओं की समस्या को ध्यान में रखते हुए भी नगर निगम योजना बना रहा है।
दरअसल महिलाओं के लिए कवर्ड यूरीनल की व्यवस्था करनी पड़ती है, इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपयुक्त स्थानों की तलाश करें। यदि जमीन नहीं मिलेगी तो मोबाइल टायलेट रखवाने की व्यवस्था होगी।