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Agra News: अवैध कॉलोनी में सरकारी भूमि शामिल होने की भी है आशंका
Thu, 30 May 2024 11:41 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 30 May 2024 11:41 PM IST
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मैनपुरी। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में सरकारी जमीन शामिल होने की भी आशंका है। इसी के चलते राजस्व विभाग एक टीम का गठन कर पूरी भूमि की पैमाइश कराएगा। इस कार्रवाई से कॉलोनाइजर्स को बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के अनुसार अवैध कॉलोनी के आसपास सरकारी जमीन का बड़ा भू-भाग है।
नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनाइजर्स ने एक बड़ी अवैध कॉलेनी गोशाला के पास काट दी थी। इसमें सड़कें बनाने का काम भी शुरू कर दिया था। अमर उजाला ने इस अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन ने कॉलोनी में काम रुकवा दिया है। वहीं विनियमित क्षेत्र कार्यालय की ओर दो कॉलोनाइजर्स को नोटिस भी जारी किया गया है।
वहीं अब राजस्व विभाग एक टीम बनाकर इस अवैध कॉलोनी व उसके आसपास की जमीन की पैमाइश कराने की तैयारी कर रहा है। दरअसल नायब तहसीलदार शौर्यवर्धन राठौर ने लेखपालों के साथ मौका मुआयना किया था। नक्शे के अनुसार प्रबल आशंका है कि अवैध कॉलोनी में सरकारी जमीन पर भी शामिल हो सकती है। अवैध कॉलोनी एक बड़े भू-भाग पर काटी गई है, जिसके चलते इसकी पैमाइश के लिए 5 से 6 लेखपाल और दो कानूनगो की टीम की जरूरत होगी। जल्द ही ये टीम गठित कर पैमाइश का काम शुरू कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जहां अवैध कॉलोनी काटी गई है वहां सरकारी जमीन का एक बड़ा भूखंड है। अगर पैमाइश में ये आशंका सही पाई जाती है तो प्रशासन बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
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मैनपुरी देहात और औड़ेन्य पड़रिया दोनों की है जमीन
जहां अवैध कॉलोनी बसाई गई है वहां दो मौजा की सीमा लगती है। एक तरफ मौजा मैनपुरी देहात है तो वहीं दूसरी तरफ औड़ेन्य पड़रिया। मैनपुरी देहात का बड़ा हिस्सा अब नगर पालिका में शामिल हो चुका है। ऐसे में अवैध कॉलोनी के आसपास दोनों ही मौजा की सरकारी जमीन है। पैमाइश में राजस्व विभाग की टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
मौका मुआयना करने और नक्शा देखने पर ये बात सामने आई है कि अवैध कॉलोनी में सरकारी जमीन भी शामिल हो सकती है। इसकी पैमाइश के लिए एक बड़ी टीम की आवश्यकता है। जल्द ही टीम का गठन का पैमाइश कराई जाएगी। अगर सरकारी जमीन है तो उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा। - शौर्यवर्धन राठौर, नायब तहसीलदार सदर
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नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनाइजर्स ने एक बड़ी अवैध कॉलेनी गोशाला के पास काट दी थी। इसमें सड़कें बनाने का काम भी शुरू कर दिया था। अमर उजाला ने इस अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन ने कॉलोनी में काम रुकवा दिया है। वहीं विनियमित क्षेत्र कार्यालय की ओर दो कॉलोनाइजर्स को नोटिस भी जारी किया गया है।
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वहीं अब राजस्व विभाग एक टीम बनाकर इस अवैध कॉलोनी व उसके आसपास की जमीन की पैमाइश कराने की तैयारी कर रहा है। दरअसल नायब तहसीलदार शौर्यवर्धन राठौर ने लेखपालों के साथ मौका मुआयना किया था। नक्शे के अनुसार प्रबल आशंका है कि अवैध कॉलोनी में सरकारी जमीन पर भी शामिल हो सकती है। अवैध कॉलोनी एक बड़े भू-भाग पर काटी गई है, जिसके चलते इसकी पैमाइश के लिए 5 से 6 लेखपाल और दो कानूनगो की टीम की जरूरत होगी। जल्द ही ये टीम गठित कर पैमाइश का काम शुरू कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जहां अवैध कॉलोनी काटी गई है वहां सरकारी जमीन का एक बड़ा भूखंड है। अगर पैमाइश में ये आशंका सही पाई जाती है तो प्रशासन बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
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मैनपुरी देहात और औड़ेन्य पड़रिया दोनों की है जमीन
जहां अवैध कॉलोनी बसाई गई है वहां दो मौजा की सीमा लगती है। एक तरफ मौजा मैनपुरी देहात है तो वहीं दूसरी तरफ औड़ेन्य पड़रिया। मैनपुरी देहात का बड़ा हिस्सा अब नगर पालिका में शामिल हो चुका है। ऐसे में अवैध कॉलोनी के आसपास दोनों ही मौजा की सरकारी जमीन है। पैमाइश में राजस्व विभाग की टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
मौका मुआयना करने और नक्शा देखने पर ये बात सामने आई है कि अवैध कॉलोनी में सरकारी जमीन भी शामिल हो सकती है। इसकी पैमाइश के लिए एक बड़ी टीम की आवश्यकता है। जल्द ही टीम का गठन का पैमाइश कराई जाएगी। अगर सरकारी जमीन है तो उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा। - शौर्यवर्धन राठौर, नायब तहसीलदार सदर