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Agra News: प्रो हैंडबॉल लीग में आगरा के खिलाड़ी नहीं, व्यवस्था और तैयारी सवालों के घेरे में , मथुरा के खिलाड़ी प्रतियोगिता में करेंगे शिरकत
Thu, 09 Apr 2026 02:32 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:32 AM IST
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आगरा। यूपी प्रो हैंडबॉल लीग का आगाज बृहस्पतिवार से लखनऊ में हो रहा है। इस लीग में मथुरा के खिलाड़ियों ने जगह बनाई है, वहीं आगरा का एक भी खिलाड़ी चयनित नहीं हो सका है।
यह स्थिति शहर के खेल तंत्र पर सवाल खड़े करते हुए व्यवस्थाओं की कमी को उजागर करती है। जानकारी के अनुसार, आगरा से छह-सात खिलाड़ी नोएडा में आयोजित ट्रायल में शामिल हुए थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके। विशेषज्ञों के अनुसार प्रो स्तर की प्रतियोगिताओं में चयन के लिए उच्च स्तर की फिटनेस, तकनीकी दक्षता और अनुभव जरूरी होता है। इसमें आगरा के खिलाड़ी पीछे रह जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर हैंडबॉल की स्थिति चिंताजनक है। लंबे समय से खेल के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित कोच की नियुक्ति नहीं होना सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण और रणनीतिक समझ विकसित करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि आगरा में हैंडबॉल के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया जाए, नियमित कोचिंग शुरू हो और प्रतियोगिताओं का आयोजन बढ़ाया जाए, तो यहां के खिलाड़ी भी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। लखनऊ में 9 अप्रैल से शुरू हो रही लीग में आगरा की स्थिति खेल विभाग और संबंधित संघों के लिए चेतावनी है। समय रहते यदि सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
“आगरा के छह से सात खिलाड़ी नोएडा ट्रायल में गए थे, लेकिन चयन नहीं हो पाया। स्टेडियम में हैंडबॉल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई वर्षों से यहां कोई कोच नहीं है, जिसका असर खिलाड़ियों की तैयारी पर दिखाई दे रहा है। - विकास सविता, संयुक्त सचिव, आगरा हैंडबॉल संघ
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यह स्थिति शहर के खेल तंत्र पर सवाल खड़े करते हुए व्यवस्थाओं की कमी को उजागर करती है। जानकारी के अनुसार, आगरा से छह-सात खिलाड़ी नोएडा में आयोजित ट्रायल में शामिल हुए थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके। विशेषज्ञों के अनुसार प्रो स्तर की प्रतियोगिताओं में चयन के लिए उच्च स्तर की फिटनेस, तकनीकी दक्षता और अनुभव जरूरी होता है। इसमें आगरा के खिलाड़ी पीछे रह जाते हैं।
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स्थानीय स्तर पर हैंडबॉल की स्थिति चिंताजनक है। लंबे समय से खेल के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित कोच की नियुक्ति नहीं होना सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण और रणनीतिक समझ विकसित करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि आगरा में हैंडबॉल के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया जाए, नियमित कोचिंग शुरू हो और प्रतियोगिताओं का आयोजन बढ़ाया जाए, तो यहां के खिलाड़ी भी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। लखनऊ में 9 अप्रैल से शुरू हो रही लीग में आगरा की स्थिति खेल विभाग और संबंधित संघों के लिए चेतावनी है। समय रहते यदि सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
“आगरा के छह से सात खिलाड़ी नोएडा ट्रायल में गए थे, लेकिन चयन नहीं हो पाया। स्टेडियम में हैंडबॉल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई वर्षों से यहां कोई कोच नहीं है, जिसका असर खिलाड़ियों की तैयारी पर दिखाई दे रहा है। - विकास सविता, संयुक्त सचिव, आगरा हैंडबॉल संघ