आगरा में जुआ पकड़ने पहुंचे चीता मोबाइल के दो सिपाहियों से झड़प में छत से गिरकर युवक की मौत हो गई। पुलिसकर्मी भाग निकले। परिजन ने रुपये नहीं मिलने पर छत से फेंक देने का आरोप लगाते हुए एमजी रोड पर हंगामा किया। आरोप लगाया कि चार दिन पहले भी यही सिपाही 70 हजार रुपये लूट ले गए थे। डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने आरोपों की गंभीरता के आधार पर दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
मामला रकाबगंज थाना के रावली क्षेत्र का है। यहां गांधी प्रतिमा के पास की बस्ती में रहने वाले ललित राजपूत (35) दिल्ली गेट स्थित चिकित्सक के क्लीनिक पर कंपाउंडर थे। परिजन ने बताया कि शुक्रवार रात मोहल्ले के एक बुजुर्ग का जन्मदिन था। 12 बजते ही उन्हें बधाई देने के बाद ललित साथी हरीश, लाला उर्फ ध्रुव और दो अन्य के साथ अपने रिश्तेदार भगवान सिंह के फाटक वाली बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर चले गए। वहां छत पर बैठकर ताश खेलने लगे।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ललित के भाई भानु ने बताया कि रात 12:45 बजे रकाबगंज थाने की चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही आकाश शर्मा और शुभम राठी आए। पुलिस के पहुंचने पर अन्य लोग भाग गए पर ललित को दोनों ने पकड़ लिया। उसकी पिटाई करने लगे। विरोध करने पर दोनों ने ललित को छत से धक्का दे दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। हालांकि परिजन ललित को एसएन मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां मृत घोषित कर दिया गया। रात में पुलिस बल प्रयोग कर उनसे शव छीनकर ले गई और पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया।
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लोगों से बात करते विधायक डाॅ. जीएस धर्मेश।
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महिलाओं का फूटा गुस्सा
शनिवार सुबह परिजन को रोता-बिलखता देख मोहल्ले की महिलाएं आक्रोशित हो गईं। भारी संख्या में एकत्रित होकर एमजी रोड पहुंच गईं। मौके पर शहर के कई थानों के प्रभारी फोर्स के साथ मौजूद थे। रोकने पर महिलाओं ने विरोध जताया। सूचना पर विधायक छावनी डॉक्टर जीएस धर्मेश पहुंचे। डीसीपी प्रोटोकाॅल राजकुमार सिंह ने दोनों सिपाहियों के निलंबन की जानकारी दी। पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोनों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। विधायक ने सरकार से मृतक की पत्नी को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
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पुलिस के छापे के दाैरान छत से गिरा था युवक।
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रात भर चले लीपापोती के प्रयास, रावली बनी रही छावनी
जुआ पकड़ने गए पुलिसकर्मियों से झड़प के बाद छत से गिरे कंपाउंडर ललित की मौत से रात में ही पूरा मोहल्ला घरों से बाहर आ गया। सर्किल के फोर्स ने शुक्रवार रात से शनिवार को अंतिम संस्कार होने तक पूरे क्षेत्र को छावनी बनाए रखा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को बचाने के प्रयास, सिपाहियों की ओर से मुआवजा देकर मामला निपटाने की कोशिश भी हुई। सुबह लोगों के सड़क पर जुटने और आक्रोश जताने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
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माैके पर जांच करती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार सुबह रावली के लोगों ने बाजार बंद कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस बैकफुट पर आई। कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराने के प्रयास हुए। ललित दो भाई और चार बहन थे। सभी की शादी हो चुकी है। ललित और उनका भाई एक ही घर में रहते थे। पत्नी कुमकुम पति की मौत के बाद बेसुध हो गईं। होश आते ही दो बेटियों के पालन पोषण की बात बोलकर रोने लग रही थीं। उन्होंने परिवार उजाड़ने का आरोप लगाकर पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग तक कर डाली।