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क्यों न एसडीओ और जेई को करा लिया जाए गिरफ्तार- अदालत
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कासगंज। विद्युत निगम की मनमानी पर स्थायी लोक अदालत सख्त हो गई है। शनिवार को अदालत ने विद्युत निगम में अधीक्षण अभियंता को प्रतिलिपि जारी करते हुए यह स्पष्ट किया कि क्यों न एसडीओ और जेई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करा दिया जाए और इन दोनों अभियंताओं पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया जाए। अदालत ने तीन दिन का समय दिया है। चेतावनी दी है कि इस अवधि में अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया गया तो गिरफ्तारी और जुर्माने की कार्रवाई सुनिश्चित कर दी जाएगी।
मामला पटियाली तहसील क्षेत्र के भरगैन से जुड़ा हुआ है। यहां के मोहम्मद आरिफ ने पिछले महीने स्थायी लोक अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने लिखा कि पटियाली के उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता मनमानी कर रहे हैं। उनके द्वारा पहले ही नलकूप के संयोजन की धनराशि जमा की जा चुकी है। फिर भी अभी तक विद्युत संयोजन नहीं दिया गया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद, सदस्य बसंत शर्मा एवं डॉ. सपना अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस मामले में सुनवाई की। पूर्ण पीठ ने एसडीओ और जेई को तलब किया। 7 अक्टूबर को अवर अभियंता विवेक कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द संयोजन कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस मामले में स्थायी लोक अदालत ने एसडीओ तृतीय राहुल कुमार और अवर अभियंता विवेक कुमार को तलब किया, लेकिन दोनों ही अभियंताओं ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया।
- अदालत ने एसडीओ और जेई को तलब किया। जेई ने अदालत के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि समय रहते संयोजन चालू कर दिया जाएगा, लेकिन 7 अक्तूबर के बाद 8 दिनों तक ऐसा नहीं हुआ इसलिए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट और जुर्माने की चेतावनी दी है। तीन दिन में आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा और जुर्माना वसूला जाएगा।
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- बसंत शर्मा, सदस्य, स्थायी लोक अदालत
- मामला संज्ञान में आया है। एसडीओ और जेई से इस प्रकरण में बात की जाएगी। न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में अधीनस्थ समस्या बनें।
एससी रावत, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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मामला पटियाली तहसील क्षेत्र के भरगैन से जुड़ा हुआ है। यहां के मोहम्मद आरिफ ने पिछले महीने स्थायी लोक अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने लिखा कि पटियाली के उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता मनमानी कर रहे हैं। उनके द्वारा पहले ही नलकूप के संयोजन की धनराशि जमा की जा चुकी है। फिर भी अभी तक विद्युत संयोजन नहीं दिया गया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद, सदस्य बसंत शर्मा एवं डॉ. सपना अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस मामले में सुनवाई की। पूर्ण पीठ ने एसडीओ और जेई को तलब किया। 7 अक्टूबर को अवर अभियंता विवेक कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द संयोजन कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस मामले में स्थायी लोक अदालत ने एसडीओ तृतीय राहुल कुमार और अवर अभियंता विवेक कुमार को तलब किया, लेकिन दोनों ही अभियंताओं ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया।
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- अदालत ने एसडीओ और जेई को तलब किया। जेई ने अदालत के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि समय रहते संयोजन चालू कर दिया जाएगा, लेकिन 7 अक्तूबर के बाद 8 दिनों तक ऐसा नहीं हुआ इसलिए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट और जुर्माने की चेतावनी दी है। तीन दिन में आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा और जुर्माना वसूला जाएगा।
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- बसंत शर्मा, सदस्य, स्थायी लोक अदालत
- मामला संज्ञान में आया है। एसडीओ और जेई से इस प्रकरण में बात की जाएगी। न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में अधीनस्थ समस्या बनें।
एससी रावत, अधीक्षण अभियंता विद्युत