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Agra News: हवा के साथ बारिश से खेतों में गिर गई गेहूं की फसल
Tue, 24 Mar 2026 02:40 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 24 Mar 2026 02:40 AM IST
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बारिश: बाह के खेतों में बिछी गेंहू की फसल एवं कटी पड़ी फसल भीगी
- फोटो : samvad
बाह। जैतपुर और बाह क्षेत्र के 150 गांवों में सोमवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे खेत में गेहूं की फसल गिर गई। किसानों का मानना है कि फसल गिरने से गेहूं की उपज प्रभावित होगी। किसानों का काफी नुकसान होगा। वहीं, खेतों में खुदी पड़ी आलू की फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान जूझते रहे।
किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में गेंहू की फसल गिर गई थी। सोमवार को फिर से बारिश हुई। जिससे बची फसल भी गिर गई। कटी पड़ी अगेती फसल भी भीगी है। किसान जरार के जोधाराम, पुरुषोत्तम सिंह, पुरा कनेरा के छोटेलाल, अजयपाल, गुंगावली के वीरेन्द्र सिंह, ब्रजेश कुमार, बिजौली के सोबरन सिंह, रामकिशोर ने बताया कि अधिक बारिश हुई तो खेतों में फसलें सड़ने लगेंगी। इससे उपज घटेगी, चारे का संकट पैदा हो जाएगा। आलू के किसान नरहोली के भूपेंद्र सिंह, सुनील कुमार, भाऊपुरा के आकाश जादौन, अशोक कुमार, जरार के सुरेन्द्र सिंह, कल्यान सिंह ने बताया कि सोमवार को खेतों में बारिश से खुदी पड़ी आलू की फसल को भीगने से बचाने में किसान जुटे रहे। शीतगृह पर ट्रॉलियों को तिरपाल से ढका, खेतों में भीगने से आलू की गुणवत्ता खराब होने का अंदेशा है। वैसे भी मंदी की मार से किसान परेशान हैं। सरसों की मड़ाई का काम भी बारिश ने रोक दिया है। खेतों में कटी पड़ी सरसों की बालियां भीगने एवं धूप से चटक कर दाने खेत में बिखरने के नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
वहीं, शमसाबाद क्षेत्र में भी तेज हवा और बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है। सैंया में भी बेमौसम बारिश के बाद अब किसान ओले गिरने सी आशंका से परेशान हैं।
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किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में गेंहू की फसल गिर गई थी। सोमवार को फिर से बारिश हुई। जिससे बची फसल भी गिर गई। कटी पड़ी अगेती फसल भी भीगी है। किसान जरार के जोधाराम, पुरुषोत्तम सिंह, पुरा कनेरा के छोटेलाल, अजयपाल, गुंगावली के वीरेन्द्र सिंह, ब्रजेश कुमार, बिजौली के सोबरन सिंह, रामकिशोर ने बताया कि अधिक बारिश हुई तो खेतों में फसलें सड़ने लगेंगी। इससे उपज घटेगी, चारे का संकट पैदा हो जाएगा। आलू के किसान नरहोली के भूपेंद्र सिंह, सुनील कुमार, भाऊपुरा के आकाश जादौन, अशोक कुमार, जरार के सुरेन्द्र सिंह, कल्यान सिंह ने बताया कि सोमवार को खेतों में बारिश से खुदी पड़ी आलू की फसल को भीगने से बचाने में किसान जुटे रहे। शीतगृह पर ट्रॉलियों को तिरपाल से ढका, खेतों में भीगने से आलू की गुणवत्ता खराब होने का अंदेशा है। वैसे भी मंदी की मार से किसान परेशान हैं। सरसों की मड़ाई का काम भी बारिश ने रोक दिया है। खेतों में कटी पड़ी सरसों की बालियां भीगने एवं धूप से चटक कर दाने खेत में बिखरने के नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
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वहीं, शमसाबाद क्षेत्र में भी तेज हवा और बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है। सैंया में भी बेमौसम बारिश के बाद अब किसान ओले गिरने सी आशंका से परेशान हैं।
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