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निर्माण की कछुआ चाल, भुगतना होगा जाम
अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 04 Aug 2016 01:04 AM IST
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निर्माण की कछुआ चाल, भुगतना होगा जाम
- फोटो : Amar Ujala
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अक्तूबर से तेज होगी एनएच-2 पर फ्लाई ओवरों के निर्माण की रफ्तार
नेशनल हाईवे-2 पर निर्माणाधीन तीन फ्लाई ओवरों का काम बरसात के बाद ही रफ्तार पकड़ेगा। तीनों फ्लाई ओवरों पर स्पान बनाए जाने का काम चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रगति पर नाराजगी जताई है। इसके बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई।
एनएच-2 पर निर्माणाधीन खंदारी, सुल्तान गंज की पुलिया और वाटर वर्क्स पर तीनों फ्लाई ओवरों के काम लगभग एक ही गति से चल रहे हैं। तीनों फ्लाई ओवरों पर अभी तक तीन-तीन स्पान बनाए जा चुके हैं। एक फ्लाई ओवर में छह स्पान बनाए जाने हैं। इस तरह तीनों फ्लाई ओवरों पर 18 स्पान बनाए जाएंगे। इसके बाद फ्लाई ओवरों के दोनों ओर एप्रोच रोड की लंबाई 46 मीटर की होगी। इसमें दोनों ओर 26-26 मीटर की लंबाई रखी जाएगी। कार्यदायी संस्था एल एंड टी और रिलायंस के अधिकारियों की देखरेख में यहां काम चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो तीनों फ्लाई ओवरों में खंदारी के फ्लाई ओवर पर सबसे ज्यादा काम हुआ है। इसके बाद सुल्तानगंज की पुलिया के फ्लाई ओवर पर चौथे स्पान का काम चल रहा है।
दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने फ्लाई ओवरों के काम की समीक्षा की थी, जिसमें आगरा में लापरवाही सामने आने पर अफसरों को लताड़ लगाई गई। आगरा के लोग हाईवे पर होने वाली दिक्कतों को लेकर भी कई दफा मंत्रालय में शिकायत कर चुके हैं। इस पर कार्यदायी संस्थाओं को एक लक्ष्य के मुताबिक काम करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएच के अधिकारियों की मानें तो किसी संस्था को काम से हटाए जाने को नहीं कहा गया है। केंद्रीय मंत्री ने कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट निदेशक मोहम्मद शफी का कहना है कि काम में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बगैर प्लानिंग के काम से बढ़ी मुश्किलें
फ्लाई ओवरों का काम दो साल पहले शुरू किया गया था। तभी से एनएच-2 से निकलना मुसीबत का सबब बन गया। कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों की अनदेखी का फायदा उठाकर बगैर प्लानिंग के काम किए।
1-खंदारी से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोडों पर कई स्थानों पर जानलेवा कट बनाए गए।
2-खंदारी पर सिकंदरा की ओर जाने वाली साइड पर सर्विस रोड सिक्सलेन के चलते बंद कर दी गई।
3-सुल्तानगंज की पुलिया पर दोनों ओर की पुलिया एक साथ बनाना शुरू कर दी गईं।
4-सुल्तानगंज पर दोनों ओर की सर्विस रोड बाधित हुई। परेशानी बढ़ी।
5-तीनों फ्लाई ओवरों के निर्माण के दौरान कहीं भी सड़क नहीं बनाकर नहीं दी गई।
6-सर्विस रोडों पर भारी दबाव पड़ा मगर उसका मेंटिनेंस नहीं कराया गया।
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नेशनल हाईवे-2 पर निर्माणाधीन तीन फ्लाई ओवरों का काम बरसात के बाद ही रफ्तार पकड़ेगा। तीनों फ्लाई ओवरों पर स्पान बनाए जाने का काम चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रगति पर नाराजगी जताई है। इसके बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई।
एनएच-2 पर निर्माणाधीन खंदारी, सुल्तान गंज की पुलिया और वाटर वर्क्स पर तीनों फ्लाई ओवरों के काम लगभग एक ही गति से चल रहे हैं। तीनों फ्लाई ओवरों पर अभी तक तीन-तीन स्पान बनाए जा चुके हैं। एक फ्लाई ओवर में छह स्पान बनाए जाने हैं। इस तरह तीनों फ्लाई ओवरों पर 18 स्पान बनाए जाएंगे। इसके बाद फ्लाई ओवरों के दोनों ओर एप्रोच रोड की लंबाई 46 मीटर की होगी। इसमें दोनों ओर 26-26 मीटर की लंबाई रखी जाएगी। कार्यदायी संस्था एल एंड टी और रिलायंस के अधिकारियों की देखरेख में यहां काम चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो तीनों फ्लाई ओवरों में खंदारी के फ्लाई ओवर पर सबसे ज्यादा काम हुआ है। इसके बाद सुल्तानगंज की पुलिया के फ्लाई ओवर पर चौथे स्पान का काम चल रहा है।
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दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने फ्लाई ओवरों के काम की समीक्षा की थी, जिसमें आगरा में लापरवाही सामने आने पर अफसरों को लताड़ लगाई गई। आगरा के लोग हाईवे पर होने वाली दिक्कतों को लेकर भी कई दफा मंत्रालय में शिकायत कर चुके हैं। इस पर कार्यदायी संस्थाओं को एक लक्ष्य के मुताबिक काम करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएच के अधिकारियों की मानें तो किसी संस्था को काम से हटाए जाने को नहीं कहा गया है। केंद्रीय मंत्री ने कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट निदेशक मोहम्मद शफी का कहना है कि काम में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बगैर प्लानिंग के काम से बढ़ी मुश्किलें
फ्लाई ओवरों का काम दो साल पहले शुरू किया गया था। तभी से एनएच-2 से निकलना मुसीबत का सबब बन गया। कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों की अनदेखी का फायदा उठाकर बगैर प्लानिंग के काम किए।
1-खंदारी से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोडों पर कई स्थानों पर जानलेवा कट बनाए गए।
2-खंदारी पर सिकंदरा की ओर जाने वाली साइड पर सर्विस रोड सिक्सलेन के चलते बंद कर दी गई।
3-सुल्तानगंज की पुलिया पर दोनों ओर की पुलिया एक साथ बनाना शुरू कर दी गईं।
4-सुल्तानगंज पर दोनों ओर की सर्विस रोड बाधित हुई। परेशानी बढ़ी।
5-तीनों फ्लाई ओवरों के निर्माण के दौरान कहीं भी सड़क नहीं बनाकर नहीं दी गई।
6-सर्विस रोडों पर भारी दबाव पड़ा मगर उसका मेंटिनेंस नहीं कराया गया।