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Agra News: स्कूल वैन वाले अंकल आज से आएंगे, नहीं होगी परेशानी
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स्कूल की छुट्टी के बाद कुछ वैन चालक बच्चों को ले जाते हुए
- फोटो : Archive
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आगरा। सेंट पीटर्स और सेंट पैट्रिक सहित कुछ स्कूलों के वैन चालकों के न आने से अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ी। अब चालकों ने काम पर शनिवार से वापस आने का दावा किया है। इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी। पिछले तीन दिन से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल से लाना और ले जाना पड़ रहा था।
यातायात पुलिस और आरटीओ की कार्रवाई के विरोध में कुछ स्कूलों के वैन चालकों ने काम बंद कर दिया था। शुक्रवार को सेंट पीटर्स और सेंट पैट्रिक स्कूल की छुट्टी के समय अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे। अभिभावक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले तीन-चार दिन से भाई के बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए आना पड़ रहा है। वैन चालकों के नहीं आने से परेशानी हो रही है। अभिभावक इवा शर्मा ने बताया कि वैन वाले के न आने की वजह से बच्चों को स्कूल से लेने आई हैं। वैन चालकों के नेता दिनेश चंद्र ने बताया कि शनिवार से सभी वैन चालक काम पर वापस आ जाएंगे।
स्कूली बच्चों की संख्या कितनी 4 या 10...कौन करेगा तय
स्कूली वाहन में बच्चों की संख्या कितनी होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर वाहन चालकों की नाराजगी बनी हुई है और वह काम पर नहीं जा रहे थे। यातायात पुलिस चार बच्चे, तो परमिट के हिसाब से 10 बच्चे बैठाना निर्धारित है। यह बात अलग है कि स्कूली वैनों में 14 से अधिक बच्चे बैठे नजर आते हैं। स्कूल वाहन चालकों का नेतृत्व कर रहे दिनेश चंद्र ने बताया कि यातायात पुलिस और आरटीओ के अधिकारी लगातार गलत कार्रवाई कर रहे हैं। आरटीओ के स्तर से 10 बच्चे तक वैन में बैठाने की स्वीकृति मिली हुई है लेकिन यातायात पुलिस चार बच्चे बैठाने को कह रही है। चार बच्चों को बैठाने से किसी भी चालक का खर्चा कैसे निकलेगा। इसी विरोध में काम बंद किया था।
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वाहन चालकों की अधिकारियों से नहीं हुई मुलाकात
प्राइवेट स्कूल वैन वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले चालक शुक्रवार को पालीपाल पार्क में एकत्रित हुए। यहां से मंडलायुक्त कार्यालय गए लेकिन वहां पर कोई अधिकारी नहीं मिला। इस पर पुलिस आयुक्त से मिलने गए। पुलिस आयुक्त के पीआरओ ने शनिवार को मिलने के लिए बुलाया।
वर्जन
स्कूली वाहनों की हड़ताल नहीं है। जब तक अधिकारियों के सामने समस्या नहीं रख लेते हैं, तब तक हड़ताल पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। अनफिट और बिना परमिट वाले वाहनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - संजीव दुबे, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वैन वेलफेयर एसोसिएशन
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यातायात पुलिस और आरटीओ की कार्रवाई के विरोध में कुछ स्कूलों के वैन चालकों ने काम बंद कर दिया था। शुक्रवार को सेंट पीटर्स और सेंट पैट्रिक स्कूल की छुट्टी के समय अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे। अभिभावक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले तीन-चार दिन से भाई के बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए आना पड़ रहा है। वैन चालकों के नहीं आने से परेशानी हो रही है। अभिभावक इवा शर्मा ने बताया कि वैन वाले के न आने की वजह से बच्चों को स्कूल से लेने आई हैं। वैन चालकों के नेता दिनेश चंद्र ने बताया कि शनिवार से सभी वैन चालक काम पर वापस आ जाएंगे।
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स्कूली बच्चों की संख्या कितनी 4 या 10...कौन करेगा तय
स्कूली वाहन में बच्चों की संख्या कितनी होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर वाहन चालकों की नाराजगी बनी हुई है और वह काम पर नहीं जा रहे थे। यातायात पुलिस चार बच्चे, तो परमिट के हिसाब से 10 बच्चे बैठाना निर्धारित है। यह बात अलग है कि स्कूली वैनों में 14 से अधिक बच्चे बैठे नजर आते हैं। स्कूल वाहन चालकों का नेतृत्व कर रहे दिनेश चंद्र ने बताया कि यातायात पुलिस और आरटीओ के अधिकारी लगातार गलत कार्रवाई कर रहे हैं। आरटीओ के स्तर से 10 बच्चे तक वैन में बैठाने की स्वीकृति मिली हुई है लेकिन यातायात पुलिस चार बच्चे बैठाने को कह रही है। चार बच्चों को बैठाने से किसी भी चालक का खर्चा कैसे निकलेगा। इसी विरोध में काम बंद किया था।
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वाहन चालकों की अधिकारियों से नहीं हुई मुलाकात
प्राइवेट स्कूल वैन वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले चालक शुक्रवार को पालीपाल पार्क में एकत्रित हुए। यहां से मंडलायुक्त कार्यालय गए लेकिन वहां पर कोई अधिकारी नहीं मिला। इस पर पुलिस आयुक्त से मिलने गए। पुलिस आयुक्त के पीआरओ ने शनिवार को मिलने के लिए बुलाया।
वर्जन
स्कूली वाहनों की हड़ताल नहीं है। जब तक अधिकारियों के सामने समस्या नहीं रख लेते हैं, तब तक हड़ताल पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। अनफिट और बिना परमिट वाले वाहनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - संजीव दुबे, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वैन वेलफेयर एसोसिएशन