{"_id":"0060cbb759c8e3d0bb6652209da16578","slug":"the-management-of-minister-is-working-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम कर गया मंत्री का मैनेजमेंट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम कर गया मंत्री का मैनेजमेंट
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 08 Jan 2016 01:51 AM IST
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कुशल यादव की जीत में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) रामसकल गुर्जर के मैनेजमेंट की अहम भूमिका रही। वो भी तब जबकि चुनाव से पहले कुशल के पति राजपाल और रामसकल के रिश्ते अच्छे नहीं बताए जाते थे। ऐसे में सपा ने जीत की जिम्मेदारी रामसकल को सौंपकर चौंकाया था। यह फार्मुला काम कर गया। रामसकल ने राजपाल की नैय्या पार लगवा दी।
कुशल को शुरू में कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था। वजह यह थी कि आठ वोट रामसकल गुर्जर के पास बताए जा रहे थे। रामसकल और राजपाल में बनती नहीं थी। इसलिए लग रहा था कि दोनों के बीच चल रहे छत्तीस के आंकड़े का फायदा भाजपा को मिल सकता है। पार्टी हाईकमान ने दोनों के बीच सुलह कराई और रामसकल गुर्जर को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया। इससे न केवल पार्टी में सकारात्मक संदेश गया है बल्कि भाजपा के सांसद चौधरी बाबूलाल के मुकाबले में कमजोर पड़ रहे राजपाल यादव को ताकतवर सारथी मिल गया। रामसकल गुर्जर के करीब आठ सदस्य तो मिले ही, बसपा के सदस्यों को तोड़ने और भाजपा की रणनीति को फेल करनेे में भी योगदान रहा। जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव और हरेंद्र सिंह ने बाहर से कमान संभाली।
एकजुट हो गई समाजवादी पार्टी
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में पूरी एकजुटता नजर आई। गुरुवार को भी पार्टी के सभी पदाधिकारी कलेक्ट्रेट के बाहर मौजूद रहे। शहर अध्यक्ष रहीसुद्दीन कुरैशी, शिव कुमार राठौर, पूर्व अध्यक्ष वाजिद निसार, फर्रुख सियर, चंद्रसेन टपलू, राहुल चतुर्वेदी, मुुनेंद्र जादौन, श्याम भोजवानी, अनिल रावत, वीनू महाजन, उमेश यादव, पिंकी त्यागी, बृजनंदन तोमर, हेमंत प्रजापति, नीता सिंह, जेपी यादव, निर्वेश शर्मा, सौरभ गुप्ता, धनवान गुप्ता, बंटी यादव ने आदि मौजूद रहे।
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जिले में हो गया जोड़ी का जलवा
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मिली जीत से जोड़ी (राजपाल यादव और हरेंद्र सिंह) का जलवा हो गया। दोनों के पास अब तक कोई पद नहीं था। माना जाता था कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से नजदीकी दिखाकर अपना काम चला रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में दोनों की पत्नियों को जीत मिली। अब राजपाल की पत्नी जिला पंचायत की अध्यक्ष हो गई। माना जा रहा है कि हरेंद्र को भी जल्द ही कुछ अच्छा मिलने जा रहा है।
गोवा और हरिद्वार घूमकर आए सदस्य
आगरा। समाजवादी पार्टी ने सदस्यों की व्यवस्था पूरी होने के साथ ही उन्हें आगरा से बाहर भेज दिया था। कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने गोवा जाने की पेशकश की थी। कुछ ऐसे थे जो हरिद्वार में गंगा स्नान करना चाहते थे। उनके लिए व्यवस्था हुई। पार्टी में कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हुई तो उन्हें मंगलवार शाम को बुला लिया गया। एक आलीशान में होटल में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था।
ऐन मौके पर करते रहे फोन
आगरा। समाजवादी पार्टी जब समर्थन जुटाने के लिए जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क कर रही थी तब कई सदस्यों ने कई बड़ी शर्तें थोपी थीं। सपा प्रत्याशी उनकी फरमाइश को पूरा नहीं कर पा रहे थे। उसके बाद भाजपा की ओर से भी उन सदस्यों से संपर्क किया गया। सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को जब समाजवादी पार्टी की जीत पक्की होने लगी तो कई सदस्य ऐसे भी थे जो राजपाल यादव और सपा के अन्य सदस्यों को फोन करते रहे कि अब वे उनके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं।
गणेश बोले, कोई टिप्पणी नहीं करनी
आगरा। कुशल यादव की जिला पंचायत सदस्य की दो वोटों से जीत पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने हाईकोर्ट में रिट कर दी है। कुशल की जीत पर जब उनसे पूछा गया कि आपका क्या कहना है तो उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुना था, वे बेईमानी करके जीते हैं। कुशल यादव की जिला पंचायत अध्यक्ष की जीत पर उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी है। कोर्ट की तारीख पड़ रही हैं। मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
एमजी रोड जाम, पुलिस ने फटकारी लाठियां
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर दोनों पार्टियों के समर्थकों की भीड़ लगी रही। दोनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो इसलिए बाहर भी पुलिस का पुख्ता इंतजाम था। भीड़ के चलते कलेक्ट्रेट के बाहर दिन भर जाम के हालात बने रहे। परिणाम आने के वक्त भाजपा के समर्थक तो वहां से चले गए, लेकिन सपा समर्थकों की संख्या बढ़ गई। उन्होंने वहां आतिशबाजी और नारेबाजी करना शुरू कर दिया। समर्थकों को काबू करने के लिए कई बार पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
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कुशल को शुरू में कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था। वजह यह थी कि आठ वोट रामसकल गुर्जर के पास बताए जा रहे थे। रामसकल और राजपाल में बनती नहीं थी। इसलिए लग रहा था कि दोनों के बीच चल रहे छत्तीस के आंकड़े का फायदा भाजपा को मिल सकता है। पार्टी हाईकमान ने दोनों के बीच सुलह कराई और रामसकल गुर्जर को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया। इससे न केवल पार्टी में सकारात्मक संदेश गया है बल्कि भाजपा के सांसद चौधरी बाबूलाल के मुकाबले में कमजोर पड़ रहे राजपाल यादव को ताकतवर सारथी मिल गया। रामसकल गुर्जर के करीब आठ सदस्य तो मिले ही, बसपा के सदस्यों को तोड़ने और भाजपा की रणनीति को फेल करनेे में भी योगदान रहा। जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव और हरेंद्र सिंह ने बाहर से कमान संभाली।
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एकजुट हो गई समाजवादी पार्टी
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में पूरी एकजुटता नजर आई। गुरुवार को भी पार्टी के सभी पदाधिकारी कलेक्ट्रेट के बाहर मौजूद रहे। शहर अध्यक्ष रहीसुद्दीन कुरैशी, शिव कुमार राठौर, पूर्व अध्यक्ष वाजिद निसार, फर्रुख सियर, चंद्रसेन टपलू, राहुल चतुर्वेदी, मुुनेंद्र जादौन, श्याम भोजवानी, अनिल रावत, वीनू महाजन, उमेश यादव, पिंकी त्यागी, बृजनंदन तोमर, हेमंत प्रजापति, नीता सिंह, जेपी यादव, निर्वेश शर्मा, सौरभ गुप्ता, धनवान गुप्ता, बंटी यादव ने आदि मौजूद रहे।
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जिले में हो गया जोड़ी का जलवा
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मिली जीत से जोड़ी (राजपाल यादव और हरेंद्र सिंह) का जलवा हो गया। दोनों के पास अब तक कोई पद नहीं था। माना जाता था कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से नजदीकी दिखाकर अपना काम चला रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में दोनों की पत्नियों को जीत मिली। अब राजपाल की पत्नी जिला पंचायत की अध्यक्ष हो गई। माना जा रहा है कि हरेंद्र को भी जल्द ही कुछ अच्छा मिलने जा रहा है।
गोवा और हरिद्वार घूमकर आए सदस्य
आगरा। समाजवादी पार्टी ने सदस्यों की व्यवस्था पूरी होने के साथ ही उन्हें आगरा से बाहर भेज दिया था। कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने गोवा जाने की पेशकश की थी। कुछ ऐसे थे जो हरिद्वार में गंगा स्नान करना चाहते थे। उनके लिए व्यवस्था हुई। पार्टी में कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हुई तो उन्हें मंगलवार शाम को बुला लिया गया। एक आलीशान में होटल में उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था।
ऐन मौके पर करते रहे फोन
आगरा। समाजवादी पार्टी जब समर्थन जुटाने के लिए जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क कर रही थी तब कई सदस्यों ने कई बड़ी शर्तें थोपी थीं। सपा प्रत्याशी उनकी फरमाइश को पूरा नहीं कर पा रहे थे। उसके बाद भाजपा की ओर से भी उन सदस्यों से संपर्क किया गया। सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को जब समाजवादी पार्टी की जीत पक्की होने लगी तो कई सदस्य ऐसे भी थे जो राजपाल यादव और सपा के अन्य सदस्यों को फोन करते रहे कि अब वे उनके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं।
गणेश बोले, कोई टिप्पणी नहीं करनी
आगरा। कुशल यादव की जिला पंचायत सदस्य की दो वोटों से जीत पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने हाईकोर्ट में रिट कर दी है। कुशल की जीत पर जब उनसे पूछा गया कि आपका क्या कहना है तो उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुना था, वे बेईमानी करके जीते हैं। कुशल यादव की जिला पंचायत अध्यक्ष की जीत पर उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी है। कोर्ट की तारीख पड़ रही हैं। मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
एमजी रोड जाम, पुलिस ने फटकारी लाठियां
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर दोनों पार्टियों के समर्थकों की भीड़ लगी रही। दोनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो इसलिए बाहर भी पुलिस का पुख्ता इंतजाम था। भीड़ के चलते कलेक्ट्रेट के बाहर दिन भर जाम के हालात बने रहे। परिणाम आने के वक्त भाजपा के समर्थक तो वहां से चले गए, लेकिन सपा समर्थकों की संख्या बढ़ गई। उन्होंने वहां आतिशबाजी और नारेबाजी करना शुरू कर दिया। समर्थकों को काबू करने के लिए कई बार पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।