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एक ही चिता पर हुआ विश्राम सिंह और पत्नी का अंतिम संस्कार
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मैनपुरी।मंगलवार की शाम एसआई दंपती के शव एक ही चिता पर साथ जले तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में बड़े बेटे ने माता-पिता के शवों को मुखाग्नि दी। सोमवार की रात घर में ट्रॉला घुसने से हुए हादसे में दंपती सहित चार लोगों की मौत हो गई थी।
थाना कुरावली क्षेत्र के गांव खिरिया पीपर निवासी 61 वर्षीय विश्राम सिंह चार माह पहले पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद घर आ चुके थे। वह पत्नी 55 वर्षीय विनोद कुमारी व बच्चों के साथ बाकी की जिंदगी साथ रह कर गुजारना चाहते थे लेकिन सोमवार की रात घर में ट्रॉला घुसने से हुए हादसे में विश्राम सिंह व पत्नी की मौत ने उनके सारे सपने तोड़ दिए। परिजन व ग्रामीणों के अनुसार जिंदगी के करीब 40 साल पुलिस सेवा में रहते हुए गुजार दिए। जब अपनों का प्यार व साथ पाने का वक्त आया तो दर्दनाक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद दंपती के शव गांव पहुंचे तो परिजन में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के लिए दंपती के लिए एक चिता तैयार की गई, जिस पर विश्राम सिंह और पत्नी विनोद कुमारी के शव एक साथ रखे गए। बड़े बेटे अरुण कुमार ने नम आंखों से माता-पिता को मुखाग्रि दी। नजारे को देख लोगों की आंखें नम नजर आईं।
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थाना कुरावली क्षेत्र के गांव खिरिया पीपर निवासी 61 वर्षीय विश्राम सिंह चार माह पहले पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद घर आ चुके थे। वह पत्नी 55 वर्षीय विनोद कुमारी व बच्चों के साथ बाकी की जिंदगी साथ रह कर गुजारना चाहते थे लेकिन सोमवार की रात घर में ट्रॉला घुसने से हुए हादसे में विश्राम सिंह व पत्नी की मौत ने उनके सारे सपने तोड़ दिए। परिजन व ग्रामीणों के अनुसार जिंदगी के करीब 40 साल पुलिस सेवा में रहते हुए गुजार दिए। जब अपनों का प्यार व साथ पाने का वक्त आया तो दर्दनाक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद दंपती के शव गांव पहुंचे तो परिजन में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के लिए दंपती के लिए एक चिता तैयार की गई, जिस पर विश्राम सिंह और पत्नी विनोद कुमारी के शव एक साथ रखे गए। बड़े बेटे अरुण कुमार ने नम आंखों से माता-पिता को मुखाग्रि दी। नजारे को देख लोगों की आंखें नम नजर आईं।
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